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Kushinagar News: कुशीनगर-नेपाल कनेक्शन खंगालने में जुटी पुलिस, भाग निकला सरगना
Sun, 31 May 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 31 May 2026 02:39 AM IST
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कुशीनगर। पूर्वांचल के अलग-अलग जिले में रहकर नेपाली नागरिकों का व्यापार व काम करना तो आम बात है, लेकिन रोजगार दिलाने के नाम पर कुशीनगर जिले के कसया में बंधक बनाकर 453 नेपाली युवक-युवतियों को रखना और जांच एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं होना बड़ी चूक मानी जा रही है।
नेपाल के राजदूत तक शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और शुक्रवार की रात रेस्क्यू कर फंसे युवाओं को नेपाल भेजने के बाद अब पुलिस व जांच एजेंसी जालसाजों का नेपाल-कुशीनगर कनेक्शन खंगालने में जुटी है। छापेमारी से पहले ही गिरोह का सरगना कंपनी का संचालक भाग निकला। पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस लोकल नेटवर्क पर काम कर रही है। कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के सपहा मार्ग स्थित विंस पायर वर्ल्ड कंपनी में जनवरी माह से बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियां रहकर प्रशिक्षण ले रहे थे। इसी बीच कुछ युवक-युवतियों ने नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास में नौकरी दिलाने और प्रशिक्षण देने के नाम पर रुपये लेने तथा उन्हें जबरन रोकने की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की अब तक की जांच में इस खेल में नेपाल से जुड़े लोगों के नाम ही सामने आ रहे हैं, लेकिन नेपाल से कुशीनगर के कसया कस्बे में युवकों को लाकर और दस से अधिक स्थानों पर किराए का मकान दिलवाकर रखने में शामिल लोकल का नेटवर्क शामिल होने की आशंका है, जिसे पुलिस खंगाल रही है।
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पुलिस की पूछताछ में इन युवाओं ने बताया कि नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ने के लिए सदस्यता शुल्क के बहाने एक व्यक्ति से 70 हजार से एक लाख रुपये की वसूली की गई है। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि नेपाली युवक-युवतियों को किस माध्यम से कसया लाया गया था और प्रशिक्षण केंद्र के संचालन के पीछे किन लोगों की भूमिका है।
यह केंद्र कटया निवासी अरविंद शर्मा के मकान में संचालित था। संचालक के भाग जाने के बाद पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां केंद्र से जुड़ी चेन मार्केटिंग और ऑनलाइन नेटवर्किंग गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क के तार किन लोगों और संगठनों से जुड़े हैं। पुलिस संचालक और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल सपहा।
शुक्रवार को नेपाली दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर चलाए जा रहे एक कथित नेटवर्किंग फ्रॉड में नेपाली नागरिक फंस गए थे। जानकारी मिलने पर दूतावास ने उत्तर प्रदेश सरकार, यूपी पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके
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नेपाल के राजदूत तक शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और शुक्रवार की रात रेस्क्यू कर फंसे युवाओं को नेपाल भेजने के बाद अब पुलिस व जांच एजेंसी जालसाजों का नेपाल-कुशीनगर कनेक्शन खंगालने में जुटी है। छापेमारी से पहले ही गिरोह का सरगना कंपनी का संचालक भाग निकला। पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस लोकल नेटवर्क पर काम कर रही है। कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के सपहा मार्ग स्थित विंस पायर वर्ल्ड कंपनी में जनवरी माह से बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियां रहकर प्रशिक्षण ले रहे थे। इसी बीच कुछ युवक-युवतियों ने नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास में नौकरी दिलाने और प्रशिक्षण देने के नाम पर रुपये लेने तथा उन्हें जबरन रोकने की शिकायत दर्ज कराई।
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पुलिस की अब तक की जांच में इस खेल में नेपाल से जुड़े लोगों के नाम ही सामने आ रहे हैं, लेकिन नेपाल से कुशीनगर के कसया कस्बे में युवकों को लाकर और दस से अधिक स्थानों पर किराए का मकान दिलवाकर रखने में शामिल लोकल का नेटवर्क शामिल होने की आशंका है, जिसे पुलिस खंगाल रही है।
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पुलिस की पूछताछ में इन युवाओं ने बताया कि नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ने के लिए सदस्यता शुल्क के बहाने एक व्यक्ति से 70 हजार से एक लाख रुपये की वसूली की गई है। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि नेपाली युवक-युवतियों को किस माध्यम से कसया लाया गया था और प्रशिक्षण केंद्र के संचालन के पीछे किन लोगों की भूमिका है।
यह केंद्र कटया निवासी अरविंद शर्मा के मकान में संचालित था। संचालक के भाग जाने के बाद पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां केंद्र से जुड़ी चेन मार्केटिंग और ऑनलाइन नेटवर्किंग गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क के तार किन लोगों और संगठनों से जुड़े हैं। पुलिस संचालक और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल सपहा।
शुक्रवार को नेपाली दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर चलाए जा रहे एक कथित नेटवर्किंग फ्रॉड में नेपाली नागरिक फंस गए थे। जानकारी मिलने पर दूतावास ने उत्तर प्रदेश सरकार, यूपी पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके