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Kushinagar News: पांचवें दिन एपी बंधे से हटी दोनों प्रांतों की पुलिस, अब मरम्मत कराने की तैयारी
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अहिरौलीदान गांव के दानचक टोला के पास एपी बांध धंसने के बाद तैनात थी पुलिस
बिहार के लोग बंधे पर डालना चाहते थे मिट्टी,अहिरौलीदान के लोग कर रहे थे विरोध
तरयासुजान। अहिरौलीदान गांव के दानचक टोला के सामने एपी बांध पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात बिहार के गोपालगंज और कुशीनगर की पुलिस सोमवार को लौट गई। पांचवें दिन पुलिस के हटने के बाद बांध के मरम्मत की तैयारी बाढ़ खंड विभाग ने तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार गौरहा गांव के सामने एपी बांध टूटने से अहिरौलीदान गांव समेत 30 गांवों में पानी भर गया था। अहिरौलीदान गांव के दानचक टोला के सामने एपी बांध कमजोर होने पर बिहार के गोपालगंज पुलिस स्थानीय लोगों के साथ मिट्टी डालने के लिए बृहस्पतिवार की रात पहुंची। मठिया श्रीराम और अहिरौलीदान गांव के लोगों ने मिट्टी डालने से रोक दिया। इसको लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बंधे की निगरानी के लिए बिहार पुलिस और विवाद न हो इसके लिए कुशीनगर की पुलिस चार दिन तक बंधे पर कैंप किया।
अहिरौलीदान गांव में बाढ़ का पानी भरने से अहिरौलीदान-तमकुहीराज मुख्यमार्ग पानी के दबाव के चलते बह गया। इसके चलते लोगों को आवागमन के लिए सिर्फ एपी बंधे के दानचक होते हुए आने-जाने का रास्ता बचा था। पानी के दबाव और राहत वितरण सामग्री लेकर जाने वाले लोडेड वाहनों के दबाव से दानचक के सामने बंधा धंस गया और पानी का रिसाव होने लगा। बंधा टूटने से सटे गोपालगंज जिले के करीब बीस गांव बाढ़ की चपेट में आ जाता।
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गोपालगंज के लोगों को संदेह हुआ कि पानी निकालने के लिए अहिरौलीदान के लोग बंधे को काट देंगे। गोपालगंज जिले के विसंभरपुर पुलिस, कुचायकोट, गोपालपुर पुलिस स्थानीय लोगों के साथ पांच दिन आधी रात को ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी की बोरियां लेकर बंधे पर रखने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी होने पर अहिरौलीदान, मठिया श्रीराम गांव के लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिए। करीब दो घंटे तक तनातनी रात को बंधे पर रही।
सूचना पर तरयासुजान पुलिस भी पहुंच गई। तनाव को देखते हुए बंधे पर कुशीनगर जिले और गोपालगंज की पुलिस चार दिनों तक 24 घंटे तैनात रही लेकिन तनाव के चलते बंधे पर मिट्टी लोग नहीं डालने दिए और बंधा अभी भी धंसा हुआ है, लेकिन पानी का दबाव कम होने से फिलहाल कोई खतरा नहीं है। सोमवार को दिन में दस बजे बिहार पुलिस वापस लौट गई। इसके बाद कुशीनगर पुलिस भी चली गई। बाढ़ खंड के जेई अमर श्रीवास्तव ने बताया कि आपस में दोनों पक्ष के लोग बंधे पर मिट्टी भरने को लेकर विवाद करने पर आमादा थे। पानी कम होने से बंधे से पुलिस हट गई है। अब बंधे का मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
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बिहार के लोग बंधे पर डालना चाहते थे मिट्टी,अहिरौलीदान के लोग कर रहे थे विरोध
तरयासुजान। अहिरौलीदान गांव के दानचक टोला के सामने एपी बांध पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात बिहार के गोपालगंज और कुशीनगर की पुलिस सोमवार को लौट गई। पांचवें दिन पुलिस के हटने के बाद बांध के मरम्मत की तैयारी बाढ़ खंड विभाग ने तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार गौरहा गांव के सामने एपी बांध टूटने से अहिरौलीदान गांव समेत 30 गांवों में पानी भर गया था। अहिरौलीदान गांव के दानचक टोला के सामने एपी बांध कमजोर होने पर बिहार के गोपालगंज पुलिस स्थानीय लोगों के साथ मिट्टी डालने के लिए बृहस्पतिवार की रात पहुंची। मठिया श्रीराम और अहिरौलीदान गांव के लोगों ने मिट्टी डालने से रोक दिया। इसको लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बंधे की निगरानी के लिए बिहार पुलिस और विवाद न हो इसके लिए कुशीनगर की पुलिस चार दिन तक बंधे पर कैंप किया।
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अहिरौलीदान गांव में बाढ़ का पानी भरने से अहिरौलीदान-तमकुहीराज मुख्यमार्ग पानी के दबाव के चलते बह गया। इसके चलते लोगों को आवागमन के लिए सिर्फ एपी बंधे के दानचक होते हुए आने-जाने का रास्ता बचा था। पानी के दबाव और राहत वितरण सामग्री लेकर जाने वाले लोडेड वाहनों के दबाव से दानचक के सामने बंधा धंस गया और पानी का रिसाव होने लगा। बंधा टूटने से सटे गोपालगंज जिले के करीब बीस गांव बाढ़ की चपेट में आ जाता।
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गोपालगंज के लोगों को संदेह हुआ कि पानी निकालने के लिए अहिरौलीदान के लोग बंधे को काट देंगे। गोपालगंज जिले के विसंभरपुर पुलिस, कुचायकोट, गोपालपुर पुलिस स्थानीय लोगों के साथ पांच दिन आधी रात को ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी की बोरियां लेकर बंधे पर रखने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी होने पर अहिरौलीदान, मठिया श्रीराम गांव के लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिए। करीब दो घंटे तक तनातनी रात को बंधे पर रही।
सूचना पर तरयासुजान पुलिस भी पहुंच गई। तनाव को देखते हुए बंधे पर कुशीनगर जिले और गोपालगंज की पुलिस चार दिनों तक 24 घंटे तैनात रही लेकिन तनाव के चलते बंधे पर मिट्टी लोग नहीं डालने दिए और बंधा अभी भी धंसा हुआ है, लेकिन पानी का दबाव कम होने से फिलहाल कोई खतरा नहीं है। सोमवार को दिन में दस बजे बिहार पुलिस वापस लौट गई। इसके बाद कुशीनगर पुलिस भी चली गई। बाढ़ खंड के जेई अमर श्रीवास्तव ने बताया कि आपस में दोनों पक्ष के लोग बंधे पर मिट्टी भरने को लेकर विवाद करने पर आमादा थे। पानी कम होने से बंधे से पुलिस हट गई है। अब बंधे का मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।