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Kushinagar News: निगम की डायरी में मिले नामों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, कई और आएंगे जद में
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मथौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर सरदार भगत सिंह नगर में बंद पड़े मुर्गी फार्म पर अवैध शराब का का
पडरौना। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मथौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 में बंद पड़े मुर्गी फार्म में चल रहे अवैध शराब के धंधे का खुलासा होने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है। आरोपी निगम जायसवाल के पास से मिली डायरी में दर्ज नामों की पुलिस कुंडली खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस को निगम के पास से मिली डायरी में राजू जायसवाल समेत कई नाम दर्ज मिले हैं। इन नामों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इस खेल में शराब की दुकानों से जुड़े कुछ मुनीम और अनुज्ञापी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
पुलिस के अनुसार मथौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 निवासी दीनानाथ जायसवाल और निगम जायसवाल मिलकर कच्ची शराब को देसी शराब के डिब्बों में पैक कर बेचते थे। वहीं देसी शराब को अंग्रेजी शराब की बोतलों में भरकर बिहार भेजा जाता था। इसके लिए दीनानाथ के बंद पड़े मुर्गी फार्म को ठिकाना बनाया गया था।
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सूत्रों के मुताबिक दीनानाथ पहले मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। इसके बाद उसने मुर्गी फार्म का काम भी शुरू किया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। इसी बीच निगम जायसवाल के संपर्क में आने के बाद वह अवैध शराब के धंधे से जुड़ गया। नगर में लोग निगम जायसवाल को केवल किराए पर गाड़ी चलवाने वाला समझते थे लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद उसके इस कारोबार का खुलासा हुआ तो लोग हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि दीनानाथ एक शराब की दुकान पर मुनीम का काम करता है। सूत्रों की मानें तो उसी के जरिए देसी शराब के डिब्बे लाकर उनमें कच्ची शराब की पैकिंग की जाती थी। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड निगम जायसवाल को बताया जा रहा है।
थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बरामद डायरी में मिले नामों के आधार पर जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस को निगम के पास से मिली डायरी में राजू जायसवाल समेत कई नाम दर्ज मिले हैं। इन नामों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इस खेल में शराब की दुकानों से जुड़े कुछ मुनीम और अनुज्ञापी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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पुलिस के अनुसार मथौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 निवासी दीनानाथ जायसवाल और निगम जायसवाल मिलकर कच्ची शराब को देसी शराब के डिब्बों में पैक कर बेचते थे। वहीं देसी शराब को अंग्रेजी शराब की बोतलों में भरकर बिहार भेजा जाता था। इसके लिए दीनानाथ के बंद पड़े मुर्गी फार्म को ठिकाना बनाया गया था।
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सूत्रों के मुताबिक दीनानाथ पहले मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। इसके बाद उसने मुर्गी फार्म का काम भी शुरू किया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। इसी बीच निगम जायसवाल के संपर्क में आने के बाद वह अवैध शराब के धंधे से जुड़ गया। नगर में लोग निगम जायसवाल को केवल किराए पर गाड़ी चलवाने वाला समझते थे लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद उसके इस कारोबार का खुलासा हुआ तो लोग हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि दीनानाथ एक शराब की दुकान पर मुनीम का काम करता है। सूत्रों की मानें तो उसी के जरिए देसी शराब के डिब्बे लाकर उनमें कच्ची शराब की पैकिंग की जाती थी। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड निगम जायसवाल को बताया जा रहा है।
थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बरामद डायरी में मिले नामों के आधार पर जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।