{"_id":"6446c92b9d4fd2ffc50bfe58","slug":"police-arrest-four-bike-lifter-kushinagar-news-c-7-1-138912-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: वेब सीरीज देखकर बाइक चुराने वाले गिरोह को दबोचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: वेब सीरीज देखकर बाइक चुराने वाले गिरोह को दबोचा
Mon, 24 Apr 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 24 Apr 2023 11:54 PM IST
विज्ञापन
सेवरही थाने में गिरफ्तार बाइक लिफ्टरो के साथ सीओ जितेंद्र सिंह कालरा,एसओ संजय कुमार व अन्य।संवा
- चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, छह मोटरसाइकिल बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/तमकुहीरोड। सेवरही पुलिस ने सोमवार को चार बाइक लिफ्टरों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी की छह बाइक बरामद की। सभी अभियुक्त एक संगठित अपराधिक गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेव सीरिज बौर यूट्यूब पर बाइक चोरी की घटनाओं को देखकर बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
तमकुहीराज के सीओ जितेंद्र सिंह कालरा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सोमवार को सेवरही के थानाध्यक्ष संजय कुमार की अगुवाई में चनरी चौराहा के पास पुलिस वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी बीच दो बाइक पर सवार चार युवक भागने लगे। उन्हें पकड़ लिया गया। बाइक का कागज मांगने पर नहीं दिखा पाए। उनके बताए गए स्थान से चार बाइक और बरामद की गई।
सीओ ने बताया कि चारों अभियुक्त एक संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्य हैं और पूछताछ के दौरान बताए है कि वह यूट्यूब पर वेब सीरीज पर बाइक चोरी की घटना देखकर चोरी करते थे। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अफरोज आलम पुत्र वजीर आलम ग्राम कोरपट्टी बिहार, दिलीप कुमार साह पुत्र श्री शाह निवासी ग्राम मलाहीटोला बिहार, राजू निषाद पुत्र मोहन निषाद ग्राम परसा नौका टोला सेवरही और अशोक पुत्र जयकिशुन निवासी ग्राम चैनपट्टी के रूप में हुई है।
विज्ञापन
0000000
रेकी करके घटना को देते थे अंजाम
पुलिस से पूछताछ में चारों ने बताया कि अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों पर रेकी करके बाइक चुराते थे। इसके लिए गोपालगंज, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज सहित कई जनपदों में जाते थे। बाइक चोरी करके बिहार और नेपाल तक बाइक बेच देते थे।
00000
वाहन की कंडीशन देखकर लगाते थे कीमत
अभियुक्तों ने बताया कि वाहन की कंडीशन देखकर ही कीमत तय करते थे। दो से तीन साल पुरानी बाइक को 10 हजार रुपये में बेच देते थे। पांच वर्ष से अधिक पुरानी बाइक को छह से सात हजार रुपये में बेचते थे। ग्राहक को बता भी देते थे कि चोरी की बाइक है। संभलकर चलाना। कहीं पुलिस दबोच न ले।
18 से 20 वर्ष की उम्र के युवक हैं चारों
अभियुक्तों की उम्र 18 से 20 वर्ष की है। पुलिस की पूछताछ में बताया कि क्राइम की वेब सीरीज देखकर बाइक की चोरी करते थे। पुलिस से कैसे बचा जाए, इसका तरीका भी देखते थे। उसके बाद घटना को अंजाम देते थे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/तमकुहीरोड। सेवरही पुलिस ने सोमवार को चार बाइक लिफ्टरों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी की छह बाइक बरामद की। सभी अभियुक्त एक संगठित अपराधिक गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेव सीरिज बौर यूट्यूब पर बाइक चोरी की घटनाओं को देखकर बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
तमकुहीराज के सीओ जितेंद्र सिंह कालरा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सोमवार को सेवरही के थानाध्यक्ष संजय कुमार की अगुवाई में चनरी चौराहा के पास पुलिस वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी बीच दो बाइक पर सवार चार युवक भागने लगे। उन्हें पकड़ लिया गया। बाइक का कागज मांगने पर नहीं दिखा पाए। उनके बताए गए स्थान से चार बाइक और बरामद की गई।
विज्ञापन
सीओ ने बताया कि चारों अभियुक्त एक संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्य हैं और पूछताछ के दौरान बताए है कि वह यूट्यूब पर वेब सीरीज पर बाइक चोरी की घटना देखकर चोरी करते थे। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अफरोज आलम पुत्र वजीर आलम ग्राम कोरपट्टी बिहार, दिलीप कुमार साह पुत्र श्री शाह निवासी ग्राम मलाहीटोला बिहार, राजू निषाद पुत्र मोहन निषाद ग्राम परसा नौका टोला सेवरही और अशोक पुत्र जयकिशुन निवासी ग्राम चैनपट्टी के रूप में हुई है।
विज्ञापन
0000000
रेकी करके घटना को देते थे अंजाम
पुलिस से पूछताछ में चारों ने बताया कि अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों पर रेकी करके बाइक चुराते थे। इसके लिए गोपालगंज, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज सहित कई जनपदों में जाते थे। बाइक चोरी करके बिहार और नेपाल तक बाइक बेच देते थे।
00000
वाहन की कंडीशन देखकर लगाते थे कीमत
अभियुक्तों ने बताया कि वाहन की कंडीशन देखकर ही कीमत तय करते थे। दो से तीन साल पुरानी बाइक को 10 हजार रुपये में बेच देते थे। पांच वर्ष से अधिक पुरानी बाइक को छह से सात हजार रुपये में बेचते थे। ग्राहक को बता भी देते थे कि चोरी की बाइक है। संभलकर चलाना। कहीं पुलिस दबोच न ले।
18 से 20 वर्ष की उम्र के युवक हैं चारों
अभियुक्तों की उम्र 18 से 20 वर्ष की है। पुलिस की पूछताछ में बताया कि क्राइम की वेब सीरीज देखकर बाइक की चोरी करते थे। पुलिस से कैसे बचा जाए, इसका तरीका भी देखते थे। उसके बाद घटना को अंजाम देते थे।