{"_id":"6aab00b5420cf8f41d00be90","slug":"pm-shri-will-change-the-method-of-studies-in-schools-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-168099-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पीएम श्री स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पीएम श्री स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका
विज्ञापन
पडरौना। जिले के पीएम श्री स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाने का तरीका बदलने की तैयारी है। कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से विषयों को समझाया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को लर्निंग किट और डायरी उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षक भी स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों को गतिविधि आधारित तरीके से पढ़ाएंगे।
नई शिक्षा नीति के बदली नई व्यवस्था में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें करके सीखने के अवसर दिए जाएंगे। कक्षा में विषय से जुड़ी गतिविधियां कराकर बच्चों की समझ विकसित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही उनकी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने पर जोर रहेगा। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए तैयार की जा रही लर्निंग किट में उनकी कक्षा और विषय के अनुरूप सामग्री शामिल होगी।
शिक्षक इस सामग्री का इस्तेमाल पाठ को आसान और रोचक बनाने के लिए करेंगे। बच्चों को गतिविधियों में शामिल कर उनसे सवाल-जवाब और अभ्यास भी कराया जाएगा। शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्कूल परिसर में मौजूद सामग्री, स्थानीय संसाधन और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को विषय समझाने पर जोर रहेगा। इससे बच्चों को पढ़ाई को अपने आसपास की परिस्थितियों से जोड़कर समझने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की गतिविधियों और सीखने की प्रक्रिया को दर्ज करने के लिए डायरी का भी उपयोग किया जाएगा। इसमें बच्चों के अभ्यास और गतिविधियों से संबंधित जानकारी दर्ज की जा सकेगी। विभाग का जोर ऐसी शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें बच्चे केवल पाठ याद करने के बजाय उसे समझकर सीखें।
विज्ञापन
नई शिक्षा नीति के बदली नई व्यवस्था में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें करके सीखने के अवसर दिए जाएंगे। कक्षा में विषय से जुड़ी गतिविधियां कराकर बच्चों की समझ विकसित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही उनकी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने पर जोर रहेगा। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए तैयार की जा रही लर्निंग किट में उनकी कक्षा और विषय के अनुरूप सामग्री शामिल होगी।
विज्ञापन
शिक्षक इस सामग्री का इस्तेमाल पाठ को आसान और रोचक बनाने के लिए करेंगे। बच्चों को गतिविधियों में शामिल कर उनसे सवाल-जवाब और अभ्यास भी कराया जाएगा। शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्कूल परिसर में मौजूद सामग्री, स्थानीय संसाधन और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को विषय समझाने पर जोर रहेगा। इससे बच्चों को पढ़ाई को अपने आसपास की परिस्थितियों से जोड़कर समझने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की गतिविधियों और सीखने की प्रक्रिया को दर्ज करने के लिए डायरी का भी उपयोग किया जाएगा। इसमें बच्चों के अभ्यास और गतिविधियों से संबंधित जानकारी दर्ज की जा सकेगी। विभाग का जोर ऐसी शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें बच्चे केवल पाठ याद करने के बजाय उसे समझकर सीखें।