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कन्याओं और महिलाओं ने धूमधाम से किया पीड़िया विसर्जन
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पडरौना क्षेत्र के जंगल खिरकिया झरही नदी में पीड़िया विसर्जित करने जाती लड़कियां।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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कन्याओं और महिलाओं ने धूमधाम से किया पीड़िया विसर्जन
- तालाबों और नदियों के घाटों पर रहा मेला जैसा नजारा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/तमकुहीरोड। सोमवार की सुबह से ही नदियों, तालाबों और जलाशयों के किनारे कन्याओं एवं महिलाओं की भीड़ लगी रही। नाचने-गाने के बाद उन्होंने पीड़िया विसर्जित किया।
पडरौना नगर के छावनी स्थित भन्नुनाथ पोखरा, रामधाम पोखरा, सुराजी पोखरा, बावली चौक स्थित पोखरा सहित विभिन्न जलाशयों एवं नदियों के तट पर कन्याएं नाचते-गाते और गीतों को गाते हुए पहुंचीं। वहां पीड़िया पूजा-अर्चना कर विसर्जित किया और परिवार तथा भाइयों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके एक दिन पहले इन्होंने उपवास भी किया था। यही स्थिति अन्य गांवों और कस्बों में भी रही।
उधर, सेवरही क्षेत्र के बांसी एवं गंडक नदी में भी कन्याओं और महिलाओं ने पीड़िया विसर्जित किया। एक माह पहले से लगाए गए पीड़िया को छुड़ाकर कन्याएं तालाबों और नदियों के किनारे ले गईं और उसे विसर्जित किया। वहां मेला जैसा नजारा रहा। इसी तरह शिवाघाट, दमकल घाट, पांडेयपुर घाट, गौरी घाट, मलाही घाट, गोला घाट, पिपराघाट के किनारे स्थित जंगलीपट्टी, बिन टोली, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, जवहीदयाल, बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, अहिरौलीदान के घाटों पर भी पीड़िया विसर्जन किया गया। पीड़िया विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात रही।
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कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार बाजार के भूपसागर पोखरा सहित अन्य तालाबों के किनारे भी पीड़िया विसर्जन किया गया। कन्याएं और महिलाएं नाचती-गातीं पहुंची।
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- तालाबों और नदियों के घाटों पर रहा मेला जैसा नजारा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/तमकुहीरोड। सोमवार की सुबह से ही नदियों, तालाबों और जलाशयों के किनारे कन्याओं एवं महिलाओं की भीड़ लगी रही। नाचने-गाने के बाद उन्होंने पीड़िया विसर्जित किया।
पडरौना नगर के छावनी स्थित भन्नुनाथ पोखरा, रामधाम पोखरा, सुराजी पोखरा, बावली चौक स्थित पोखरा सहित विभिन्न जलाशयों एवं नदियों के तट पर कन्याएं नाचते-गाते और गीतों को गाते हुए पहुंचीं। वहां पीड़िया पूजा-अर्चना कर विसर्जित किया और परिवार तथा भाइयों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके एक दिन पहले इन्होंने उपवास भी किया था। यही स्थिति अन्य गांवों और कस्बों में भी रही।
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उधर, सेवरही क्षेत्र के बांसी एवं गंडक नदी में भी कन्याओं और महिलाओं ने पीड़िया विसर्जित किया। एक माह पहले से लगाए गए पीड़िया को छुड़ाकर कन्याएं तालाबों और नदियों के किनारे ले गईं और उसे विसर्जित किया। वहां मेला जैसा नजारा रहा। इसी तरह शिवाघाट, दमकल घाट, पांडेयपुर घाट, गौरी घाट, मलाही घाट, गोला घाट, पिपराघाट के किनारे स्थित जंगलीपट्टी, बिन टोली, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, जवहीदयाल, बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, अहिरौलीदान के घाटों पर भी पीड़िया विसर्जन किया गया। पीड़िया विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात रही।
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कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार बाजार के भूपसागर पोखरा सहित अन्य तालाबों के किनारे भी पीड़िया विसर्जन किया गया। कन्याएं और महिलाएं नाचती-गातीं पहुंची।