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Kushinagar News: पेट्रोल पंप खाली...तेल के लिए मची मारामारी
Sun, 24 May 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 24 May 2026 01:49 AM IST
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पडरौना। जिले में पेट्रोल पंप सूख गए हैं। इसके चलते वहां अब सन्नाटा का माहौल है। ईंधन को लेकर लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर तहसील,ब्लॉक व ग्रामीण इलाकों में संचालित पंपों पर ईंधन आपूर्ति में कटौती व समय से नहीं मिलने से सूख पड़े हुए हैं।
इसके चलते डीजल के लिए दूर-दूर से लोग चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं,जिन गिने-चुने पेट्रोल पंपों पर थोड़ी बहुत आपूर्ति बची हुई है वहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। तेल लेने के लिए वहां पर मारामारी मची हुई है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक संचालित पेट्रोल पंपों पर पिछले कई दिनों से डीजल व पेट़्रोल की खेप नहीं पहुंची है। तेल की अनुपलब्धता के चलते संचालक नो फ्यूल का बोर्ड लटका दिए हैं। जो पंप हमेशा वाहनों की आवाजाही से गुलजार रहते थे,वहां आज सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग ईंधन के लिए इधर से उधर पेट़्रोल पंपों की चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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खेती-किसानी के चलते डीजल की खपत बढ़ गई है और ऐसे ही समय में किल्लत भी हो गई है। इससे खेती प्रभावित होने के साथ धन व समय दोनों की बर्बादी हो रही है। किसानों का कहना है कि डीजल के लिए उन्हें दूर-दूर तक चक्कर लगाना पड़ रहा है लेकिन मिल नहीं रहा है। जिससे उनका समय व धन दोनों का नुकसान हो रहा है।
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इसके चलते डीजल के लिए दूर-दूर से लोग चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं,जिन गिने-चुने पेट्रोल पंपों पर थोड़ी बहुत आपूर्ति बची हुई है वहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। तेल लेने के लिए वहां पर मारामारी मची हुई है।
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शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक संचालित पेट्रोल पंपों पर पिछले कई दिनों से डीजल व पेट़्रोल की खेप नहीं पहुंची है। तेल की अनुपलब्धता के चलते संचालक नो फ्यूल का बोर्ड लटका दिए हैं। जो पंप हमेशा वाहनों की आवाजाही से गुलजार रहते थे,वहां आज सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग ईंधन के लिए इधर से उधर पेट़्रोल पंपों की चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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खेती-किसानी के चलते डीजल की खपत बढ़ गई है और ऐसे ही समय में किल्लत भी हो गई है। इससे खेती प्रभावित होने के साथ धन व समय दोनों की बर्बादी हो रही है। किसानों का कहना है कि डीजल के लिए उन्हें दूर-दूर तक चक्कर लगाना पड़ रहा है लेकिन मिल नहीं रहा है। जिससे उनका समय व धन दोनों का नुकसान हो रहा है।