{"_id":"6a1f3862f7b6d7d1df0f7a44","slug":"petrol-pump-license-suspended-for-refusal-to-dispense-fuel-and-assault-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-161047-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ईंधन न देने और मारपीट पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ईंधन न देने और मारपीट पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस निलंबित
Wed, 03 Jun 2026 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने और स्टॉक में पर्याप्त ईंधन होने के बावजूद बिक्री रोकने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीएसओ ने हाटा क्षेत्र के राजपुर स्थित किसान सेवा केंद्र का डीजल बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पंप संचालक को 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें पेट्रोल पंप के कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे। वीडियो में ''मेसर्स किसान सेवा केंद्र राजपुर'' का नाम साफ दिखाई दे रहा था। इसको संज्ञान लेते हुए डीएसओ ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से मामले की जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि बीते 27 मई को इस पंप पर ईंधन लेने आए उपभोक्ताओं के साथ कर्मचारियों ने अभद्रता और मारपीट की थी। इस संबंध में पीड़ित नितेश कुशवाहा पुत्र धर्मेंद्र कुशवाहा की तहरीर पर रामकोला थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। आपूर्ति विभाग की जांच में पंप प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई।
ऑटोमेशन रिपोर्ट के अनुसार, 27 मई को पंप पर 11,479 लीटर डीजल और 10,491 लीटर पेट्रोल उपलब्ध था। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को तेल देने से मना किया गया। यही नहीं, जांच टीम ने पाया कि स्टॉक रजिस्टर में डीजल का ब्योरा 27 मई के बाद से अपडेट ही नहीं किया गया था, जबकि पेट्रोल का स्टॉक 28 मई तक दर्ज था। रजिस्टर के अनुसार पंप पर 11,538 लीटर डीजल और 10,595 लीटर पेट्रोल होना चाहिए था, जो 30 मई की दोपहर 2:00 बजे तक पंप पर उपलब्ध पाया गया। डीएसओ गोपाल कृष्ण पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते जनमानस में ईंधन को लेकर पहले से ही घबराहट (पैनिक) की स्थिति है। लोग नजदीकी पंपों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में प्रचुर मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध होने के बाद भी जानबूझकर बिक्री न करना बेहद आपत्तिजनक है, जो आम जनता की घबराहट को और बढ़ाता है। ईंधन की उपलब्धता होने के बाद भी उपभोक्ताओं को नहीं देने और उनके साथ मारपीट जैसा कृत ठीक नही है। इसको गंभीरता से लेते हुए पंप का लाइसेंस निलंबित कर 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें पेट्रोल पंप के कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे। वीडियो में ''मेसर्स किसान सेवा केंद्र राजपुर'' का नाम साफ दिखाई दे रहा था। इसको संज्ञान लेते हुए डीएसओ ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से मामले की जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि बीते 27 मई को इस पंप पर ईंधन लेने आए उपभोक्ताओं के साथ कर्मचारियों ने अभद्रता और मारपीट की थी। इस संबंध में पीड़ित नितेश कुशवाहा पुत्र धर्मेंद्र कुशवाहा की तहरीर पर रामकोला थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। आपूर्ति विभाग की जांच में पंप प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई।
विज्ञापन
ऑटोमेशन रिपोर्ट के अनुसार, 27 मई को पंप पर 11,479 लीटर डीजल और 10,491 लीटर पेट्रोल उपलब्ध था। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को तेल देने से मना किया गया। यही नहीं, जांच टीम ने पाया कि स्टॉक रजिस्टर में डीजल का ब्योरा 27 मई के बाद से अपडेट ही नहीं किया गया था, जबकि पेट्रोल का स्टॉक 28 मई तक दर्ज था। रजिस्टर के अनुसार पंप पर 11,538 लीटर डीजल और 10,595 लीटर पेट्रोल होना चाहिए था, जो 30 मई की दोपहर 2:00 बजे तक पंप पर उपलब्ध पाया गया। डीएसओ गोपाल कृष्ण पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते जनमानस में ईंधन को लेकर पहले से ही घबराहट (पैनिक) की स्थिति है। लोग नजदीकी पंपों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में प्रचुर मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध होने के बाद भी जानबूझकर बिक्री न करना बेहद आपत्तिजनक है, जो आम जनता की घबराहट को और बढ़ाता है। ईंधन की उपलब्धता होने के बाद भी उपभोक्ताओं को नहीं देने और उनके साथ मारपीट जैसा कृत ठीक नही है। इसको गंभीरता से लेते हुए पंप का लाइसेंस निलंबित कर 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन