{"_id":"651c64cbb86d52d2f20d3177","slug":"people-got-relief-from-the-humid-heat-due-to-heavy-rains-farmers-faces-lit-up-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-5592-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: झमाझम बारिश से लोगों को मिली उमस भरी गर्मी से राहत, किसानों के चेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: झमाझम बारिश से लोगों को मिली उमस भरी गर्मी से राहत, किसानों के चेहरे खिले
विज्ञापन
मंगलवार की दोपहर आई बारिश से हाईवे किनारे पटहेरिया सर्विस लेन में भरा पानी,पानी में सड़क पार क
- जिले में मंगलवार को दर्ज की गई 20 एमएम बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सुबह से आसमान में बादलों की लुका छिपी चल रही थी। अचानक दोपहर एक बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से लोगों को कई दिनों की उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं, किसानों के चेहरे खिल गये। किसानों की माने तो यह बारिश धान व गन्ने की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। उधर, प्रदेश के अन्य जिलों में आए भूकंप को देखते हुए जिला आपदा विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
बीते तीन से चार दिनों से जिले में उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। लोग इससे परेशान दिख रहे थे। मंगलवार की सुबह से आसमान में बादल छाने लगे। फिर सुबह करीब दस बजे तेज धूप निकल गई। लोगों को लगा कि अब बारिश नहीं होगी। दोपहर होते ही एक बार मौसम ने फिर करवट बदला एक बजे अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक हुई बारिश से पूरे जिले के मौसम सुहाना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के साथ खेत में सूख रहे धान और गन्ने की फसलों को संजीवनी मिली। शिवपुर के अनिरुद्ध जायसवाल, राकेश गुप्ता, पिपरासी के प्रदीप चौबे, जितेंद्र पांडेय, मठिया के विमलेश यादव आदि किसानों ने बताया कि इस बारिश से सबसे अधिक धान की फसल हुआ है। बारिश के साथ हवा नहीं होने से गन्ने की फसल को भी लाभ मिलेगा।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने उमस और गर्मी से राहत दी। लेकिन शहर के निचले इलाकों में जलभराव और कीचड़ के फिसलन से लोग परेशान हुए। नगर की घनी आबादी वाले जगहों पर कीचड़ से परेशानी बढ़ गई है। किसान छेदी तिवारी ने बताया कि सरजू बावन धान पककर तैयार है। यह बारिश उसे भी फायदा करेगा। किसान जय प्रकाश ने बताया कि इस बारिश से गन्ने की फसल को फायदा होगा। जो धान की फसल पक्के नहीं है, उनको भी काफी फायदा होगा।
विज्ञापन
पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से हाइवे किनारे पटाहेरिया चराहे के सर्विस सड़क पर करीब दो फिट पानी भर गया। इससे सड़क पार करने वाले राहगीरों सहित बाइक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी हुई थी। साइकिल से जाने वाले छात्र तो किसी तरह सड़क पार कर ले रहे थे, लेकिन पैदल जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पडी़। बाजार के संजय राव, संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, अलिउल्लाह खान, पवनसुत, गाया प्रसाद आदि दुकानदारों ने कहा कि बारिश होने के बाद सर्विस सड़क तालाब सा हो जा रहा।
मंगलवार की दोपहर हुई बारिश सभी फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस वर्ष भले ही बारिश कम हुई, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश धान की फसले के लिए पर्याप्त है। जिले में धान की पैदावार में कमी नहीं होगी। किसानों को चाहिए कि खेत में बारिश का पानी एकत्र करने के लिए खेत की हुई मेड़बंदी की निगरानी करते रहें।
- डाॅ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
भूकंप से बचाव के लिए जारी हुई एडवाइजरी
प्रदेश के कुछ शहरों में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से एडवाजरी जारी की गई है।
एडीएम वैभव मिश्रा ने बताया कि सभी भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें। भूकंप के झटके महसूस होने पर धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें। ताकि पास के किसी सुरक्षित स्थान पर आसानी से पहुंच सकें। भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें, जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यदि आप घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाए, किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे पकड़ लें। यदि कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें। शीशे, खिड़कियों, दरवाजों और दीवारों से दूर रहें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सुबह से आसमान में बादलों की लुका छिपी चल रही थी। अचानक दोपहर एक बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से लोगों को कई दिनों की उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं, किसानों के चेहरे खिल गये। किसानों की माने तो यह बारिश धान व गन्ने की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। उधर, प्रदेश के अन्य जिलों में आए भूकंप को देखते हुए जिला आपदा विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
बीते तीन से चार दिनों से जिले में उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। लोग इससे परेशान दिख रहे थे। मंगलवार की सुबह से आसमान में बादल छाने लगे। फिर सुबह करीब दस बजे तेज धूप निकल गई। लोगों को लगा कि अब बारिश नहीं होगी। दोपहर होते ही एक बार मौसम ने फिर करवट बदला एक बजे अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक हुई बारिश से पूरे जिले के मौसम सुहाना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के साथ खेत में सूख रहे धान और गन्ने की फसलों को संजीवनी मिली। शिवपुर के अनिरुद्ध जायसवाल, राकेश गुप्ता, पिपरासी के प्रदीप चौबे, जितेंद्र पांडेय, मठिया के विमलेश यादव आदि किसानों ने बताया कि इस बारिश से सबसे अधिक धान की फसल हुआ है। बारिश के साथ हवा नहीं होने से गन्ने की फसल को भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
कसया प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने उमस और गर्मी से राहत दी। लेकिन शहर के निचले इलाकों में जलभराव और कीचड़ के फिसलन से लोग परेशान हुए। नगर की घनी आबादी वाले जगहों पर कीचड़ से परेशानी बढ़ गई है। किसान छेदी तिवारी ने बताया कि सरजू बावन धान पककर तैयार है। यह बारिश उसे भी फायदा करेगा। किसान जय प्रकाश ने बताया कि इस बारिश से गन्ने की फसल को फायदा होगा। जो धान की फसल पक्के नहीं है, उनको भी काफी फायदा होगा।
विज्ञापन
पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से हाइवे किनारे पटाहेरिया चराहे के सर्विस सड़क पर करीब दो फिट पानी भर गया। इससे सड़क पार करने वाले राहगीरों सहित बाइक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी हुई थी। साइकिल से जाने वाले छात्र तो किसी तरह सड़क पार कर ले रहे थे, लेकिन पैदल जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पडी़। बाजार के संजय राव, संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, अलिउल्लाह खान, पवनसुत, गाया प्रसाद आदि दुकानदारों ने कहा कि बारिश होने के बाद सर्विस सड़क तालाब सा हो जा रहा।
मंगलवार की दोपहर हुई बारिश सभी फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस वर्ष भले ही बारिश कम हुई, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश धान की फसले के लिए पर्याप्त है। जिले में धान की पैदावार में कमी नहीं होगी। किसानों को चाहिए कि खेत में बारिश का पानी एकत्र करने के लिए खेत की हुई मेड़बंदी की निगरानी करते रहें।
- डाॅ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
भूकंप से बचाव के लिए जारी हुई एडवाइजरी
प्रदेश के कुछ शहरों में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से एडवाजरी जारी की गई है।
एडीएम वैभव मिश्रा ने बताया कि सभी भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें। भूकंप के झटके महसूस होने पर धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें। ताकि पास के किसी सुरक्षित स्थान पर आसानी से पहुंच सकें। भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें, जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यदि आप घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाए, किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे पकड़ लें। यदि कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें। शीशे, खिड़कियों, दरवाजों और दीवारों से दूर रहें।