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जानवर के भय से जागकर रात गुजार रहे गांव के लोग
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 27 May 2018 12:22 AM IST
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जानवर के भय से जागकर रात गुजार रहे गांव के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा (कुशीनगर)। पांच दिनों से खड्डा क्षेत्र के लोग तेंदुआ के शावकों के हमला व विचरण की चर्चा से सहमे हुए हैं। शुक्रवार की रात भी कस्बे के लोहिया नगर मोहल्ले में तेंदुआ के चहल कदमी की चर्चा रही। अब तक सात लोगों को जख्मी कर चुके इन जानवरों की तलाश में शनिवार को लोग खेतों व झाड़ियों में भटकते रहे। हालांकि वन विभाग अब इसे तेंदुआ की बजाय फीशिंग कैट का हमला मानने लगा है।
शुक्रवार की आधी रात को खड्डा नगर पंचायत के लोहिया नगर वार्ड में नर्वदा गुप्ता के घर के पास तेंदुआ के शावकों के दिखने की चर्चा के बाद मुहल्ले के लोग लाठी-डंडा व टॉर्च लेकर खोजबीन करने लगे, परंतु कुछ पता नहीं लगा। भयभीत लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी। इस मोहल्ले में दो दिन पहले तेंदुआ के शावक बताए जा रहे जानवरों ने पांच लोगों व एक बकरी को जख्मी कर दिया था। इससे पहले बीते मंगलवार की रात में भी लक्ष्मीपुर गांव के खलवा टोला निवासी संदीप व हरेंद्र को जानवरों ने हमला कर घायल किया था। संदीप व हरेंद्र ने जानवरों को तेंदुआ का शावक बताया था। वन विभाग के खड्डा क्षेत्र के रेंजर टीएन तिवारी का कहना है कि घायल हुए लोग व प्रत्यक्षदर्शी जानवर का हुलिया बता रहे हैं और हमला करने के जो तरीके हैं, उस हिसाब से तेंदुआ की बजाय वह फीशिंग कैट भी हो सकता हैं। जब तक पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलते हैं, हमलावर जानवर तेंदुआ ही है, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। टीम लगातार लोगों के संपर्क में है और प्रभावित इलाकों में जाकर जानकारी भी ली जा रही है। लोगों से सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
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शुक्रवार की आधी रात को खड्डा नगर पंचायत के लोहिया नगर वार्ड में नर्वदा गुप्ता के घर के पास तेंदुआ के शावकों के दिखने की चर्चा के बाद मुहल्ले के लोग लाठी-डंडा व टॉर्च लेकर खोजबीन करने लगे, परंतु कुछ पता नहीं लगा। भयभीत लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी। इस मोहल्ले में दो दिन पहले तेंदुआ के शावक बताए जा रहे जानवरों ने पांच लोगों व एक बकरी को जख्मी कर दिया था। इससे पहले बीते मंगलवार की रात में भी लक्ष्मीपुर गांव के खलवा टोला निवासी संदीप व हरेंद्र को जानवरों ने हमला कर घायल किया था। संदीप व हरेंद्र ने जानवरों को तेंदुआ का शावक बताया था। वन विभाग के खड्डा क्षेत्र के रेंजर टीएन तिवारी का कहना है कि घायल हुए लोग व प्रत्यक्षदर्शी जानवर का हुलिया बता रहे हैं और हमला करने के जो तरीके हैं, उस हिसाब से तेंदुआ की बजाय वह फीशिंग कैट भी हो सकता हैं। जब तक पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलते हैं, हमलावर जानवर तेंदुआ ही है, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। टीम लगातार लोगों के संपर्क में है और प्रभावित इलाकों में जाकर जानकारी भी ली जा रही है। लोगों से सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
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