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Kushinagar News: जग्गू की हत्या से लोग सन्न, मछली बेचकर चलाता था आजीविका
Fri, 27 Jun 2025 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 27 Jun 2025 12:26 AM IST
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तमकुहीरोड। मछली विक्रेता जग्गू निषाद की बृहस्पतिवार की सुबह हत्या की खबर सुनकर लोग सन्न रह गए। निषाद समाज के अलावा गांव वालों की भीड़ सीएचसी और थाने पर जुट गई।
शव जब पोस्टमार्टम के लिए पुलिस एंबुलेंस से भेजने लगी तो आक्रोशित निषाद समाज के लोगों ने एंबुलेंस को घेर लिया और हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग किया। इसके बाद एएसपी, तहसीलदार पहुंचकर लोगों को कार्रवाई का शासन दिए।
नाराज लोगों का गुस्सा शांत हुआ। युवक जब रात को बाइक से सेवरही कस्बे से आ रहे थे तो पिपरा घाट चौकी से करीब 500 मीटर की दूरी पर प्रिंस अपने साथियों के साथ मोबाइल और बाइक छीनने का प्रयास किया था।
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इसके बाद सुबह उलाहना देने प्रिंस के घर जाने की रणनीति बन गई, लेकिन इसकी भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी। हत्या के बाद जुटे लोगों का कहना था कि पुलिस की उदासीनता से इतना बड़ा बवाल हो गया है अगर पुलिस से सजग रहती तो जग्गू की हत्या नहीं हुई होती। जग्गू निषाद मछली विक्रेता था और मछली बेंचकर अपने परिवार की जीविका चलाता था। पत्नी के साथ तीन पुत्र गोविंद (16), अरविंद (12) और विपिन (10) का भरण पोषण करता था।
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शव जब पोस्टमार्टम के लिए पुलिस एंबुलेंस से भेजने लगी तो आक्रोशित निषाद समाज के लोगों ने एंबुलेंस को घेर लिया और हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग किया। इसके बाद एएसपी, तहसीलदार पहुंचकर लोगों को कार्रवाई का शासन दिए।
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नाराज लोगों का गुस्सा शांत हुआ। युवक जब रात को बाइक से सेवरही कस्बे से आ रहे थे तो पिपरा घाट चौकी से करीब 500 मीटर की दूरी पर प्रिंस अपने साथियों के साथ मोबाइल और बाइक छीनने का प्रयास किया था।
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इसके बाद सुबह उलाहना देने प्रिंस के घर जाने की रणनीति बन गई, लेकिन इसकी भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी। हत्या के बाद जुटे लोगों का कहना था कि पुलिस की उदासीनता से इतना बड़ा बवाल हो गया है अगर पुलिस से सजग रहती तो जग्गू की हत्या नहीं हुई होती। जग्गू निषाद मछली विक्रेता था और मछली बेंचकर अपने परिवार की जीविका चलाता था। पत्नी के साथ तीन पुत्र गोविंद (16), अरविंद (12) और विपिन (10) का भरण पोषण करता था।