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Kushinagar News: पूर्व राज्यमंत्री के काफिले पर पथराव
Sat, 08 Jul 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 08 Jul 2023 11:56 PM IST
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कुशीनगर : करीब 40 मिनट भीड़ के बीच फंसा रहा अरविंद राजभर का काफिला
पडरौना/मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के चिरइयहवा गांव में शनिवार को सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व राज्यमंत्री डॉ. अरविंद राजभर के काफिले को घेरकर भीड़ ने पथराव कर दिया। उनका काफिला करीब 40 मिनट तक भीड़ के बीच फंसा रहा। पथराव से पूर्व मंत्री की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने एक पूर्व प्रधान की शह पर हमले का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री पिछले माह चिरइयहवा में हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की मौत की सूचना पर परिजनों से मिलने गांव पहुंचे थे।
जानकारी के मुताबिक, चिरइयहवा गांव में पिछले माह बुजुर्ग विश्वनाथ राजभर की शिकायत पर राजस्व विभाग और कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में जमीन से कब्जा हटवाया गया था।इसी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने विश्वनाथ के परिवार वालों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
बाद में विश्वनाथ राजभर की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 24 जून को मौत हो गई थी। इसकी जानकारी पर शुक्रवार देर शाम अरविंद राजभर समर्थकों के साथ विश्वनाथ के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि करीब 250 लोगों ने वाहन को घेर कर पथराव किया। कहा कि सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। राजभर ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने आने की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी थी। पूर्व मंत्री ने विश्वनाथ की गैरइरादतन हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान पर हमला करवाने का आरोप लगाया है। संवाद
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पडरौना/मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के चिरइयहवा गांव में शनिवार को सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व राज्यमंत्री डॉ. अरविंद राजभर के काफिले को घेरकर भीड़ ने पथराव कर दिया। उनका काफिला करीब 40 मिनट तक भीड़ के बीच फंसा रहा। पथराव से पूर्व मंत्री की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने एक पूर्व प्रधान की शह पर हमले का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री पिछले माह चिरइयहवा में हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की मौत की सूचना पर परिजनों से मिलने गांव पहुंचे थे।
जानकारी के मुताबिक, चिरइयहवा गांव में पिछले माह बुजुर्ग विश्वनाथ राजभर की शिकायत पर राजस्व विभाग और कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में जमीन से कब्जा हटवाया गया था।इसी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने विश्वनाथ के परिवार वालों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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बाद में विश्वनाथ राजभर की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 24 जून को मौत हो गई थी। इसकी जानकारी पर शुक्रवार देर शाम अरविंद राजभर समर्थकों के साथ विश्वनाथ के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि करीब 250 लोगों ने वाहन को घेर कर पथराव किया। कहा कि सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। राजभर ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने आने की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी थी। पूर्व मंत्री ने विश्वनाथ की गैरइरादतन हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान पर हमला करवाने का आरोप लगाया है। संवाद
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