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Kushinagar News: बंद चीनी मिलों का भुगतान बाकी, कप्तानगंज की अब होगी नीलामी

Sat, 29 Jul 2023 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 29 Jul 2023 11:55 PM IST
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payment unclear of sugar mills
पडरौना चीनी मिल पर बाकी है 24 करोड़ से अधिक का भुगतान
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। पडरौना चीनी मिल पर किसानों और कर्मचारियों का बकाया करीब 24 करोड़ रुपये अभी बकाया था ही, अब कप्तानगंज चीनी मिल भी नीलामी की श्रेणी में आ गई है। इसीलिए शुक्रवार को उसे तहसील प्रशासन ने सील कर दिया था। कप्तानगंज चीनी मिल पर करीब 39 करोड़ रुपये बाकी थे, जो आरसी जारी होने के बाद 77 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। विभाग के अफसरों की मानें तो इस चीनी मिल पर किसानों के बकाया देयों का भुगतान अब मिल की नीलामी कराकर होगा।
पडरौना शहर की ब्रिटिश हुकूमत के जमाने की चीनी मिल पर अब भी 24 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बाकी है। इसमें 14 करोड़ रुपये से अधिक तो गन्ना किसानों का ही बाकी है। इसके अलावा चीनी मिल के कर्मचारियों का भी दस करोड़ रुपये से अधिक का वेतन, ग्रेच्युटी और अन्य देयों का बकाया है। चीनी मिल चलने और बकाया रकम मिलने की आस में किसानों और कर्मचारियों की आंखें पथरा गई हैं।
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पडरौना चीनी मिल की बात करें तो इससे करीब 25 हजार लोगों की आजीविका जुड़ी थी। इसमें पडरौना शहर के व्यवसायी, चीनी मिल के मजदूर और कर्मचारी सहित क्षेत्र के किसान शामिल थे। पहली बार यह चीनी मिल वर्ष 1996-97 में बंद हुई तो किसानों का 10.57 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया था। काफी प्रयास और आंदोलन हुए। उसके बाद यह चीनी मिल जेएचवी शुगर मिल के नाम से वजूद में आई, लेकिन चल नहीं पाई। दोबारा तीन करोड़ पांच लाख रुपये बकाया लगाकर बंद हो गई। तब से बंद है। कई बार नीलामी की तारीख पड़ी, लेकिन खरीदार नहीं मिले।
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बताया जाता है कि पडरौना चीनी मिल पर बकाया देयों का भुगतान न होने से मायूस कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली है। इस चीनी मिल का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, वर्ष 2014 में लोक सभा चुनाव के पहले जनपद मुख्यालय के पास चुनावी जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिल को चलवाने की घोषणा भी की थी, लेकिन अब तक वह वादा पूरा नहीं हो सका। अब निजी क्षेत्र की कप्तानगंज चीनी मिल को भी तहसील प्रशासन सील कर दिया है।



पडरौना की बंद चीनी मिल का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जहां तक कप्तानगंज चीनी मिल की बात है तो उस पर 39 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का बाकी है। भुगतान न होने पर तहसील प्रशासन ने आरसी जारी कर दी थी। अब उसकी नीलामी की प्रक्रिया होनी है, जिसका समय तहसील प्रशासन की ओर से तय किया जाएगा।
-दिलीप कुमार सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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