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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में सीबीसी जांच के लिए घंटों परेशान रहे मरीज
Tue, 16 Apr 2024 05:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Apr 2024 05:55 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी में मशीन खराब होने के चलते लगी भीड़।
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को वायरल फीवर से पीड़ित मरीज सीबीसी जांच के लिए घंटों परेशान रहे। पैथालॉजी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। काफी देर खड़े रहने के बाद जब मरीजों ने रजिस्ट्रेशन न होने का कारण पूछा तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने बार कोड मशीन में तकनीकी दिक्कत आने की वजह बताई। खराब मशीन को ठीक कराने के लिए जिम्मेदारों ने इंजीनियर को बुलाने की काफी कोशिश की, लेकिन इंजीनियर से बातचीत नहीं हो पाई।
मेडिकल कॉलेज के पैथालॉजी विभाग में आए दिन मशीनें दगा दे रहीं हैं। अभी कुछ दिन पहले ही शुगर जांच की मशीन खराब हो गई थी। मशीनों के खराब होने के कारण मरीजों को बाहर में जाकर खून की जांच करानी पड़ती है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर के मरीज उपचार कराने पहुंचे थे। तीन दिन से अधिक समय तक तेज बुखार आने की वजह से डॉक्टरों ने तकरीबन 150 मरीजों को सीबीसी जांच कराने की सलाह दी थी। डॉक्टर की सलाह के बाद यह सभी मरीज पैथालॉजी विभाग में ब्लड सैंपल देने आये थे। सैंपल देने से पहले अलग-अलग जांचों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही सैंपल के लिए उन्हें बारकोड रहित वैक्यूटेनर मिलता है, जिसमें ब्लड का सैंपल एकत्र कर जांच के लिए रखा जाता है। सोमवार को अन्य जांचों के लिए तो रजिस्ट्रेशन आसानी से हो रहा था, लेकिन सीबीसी जांच के लिए मरीजों को काफी देर तक लाइन में खड़ा होना पड़ा। काउंटर पर मरीजों की भीड़ लगने के बाद जब रजिस्ट्रेशन न होने का कारण पूछा गया तो पता चला कि बारकोड मशीन तकनीकी कारणों के खराब हो गई है। इसके बाद लाइन में खड़े मरीज वहां से निकलकर जाने लगे। पैथालॉजी विभाग के जिम्मेदारों ने मौके से कई बार इंजीनियर को फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इंजीनियर से कोई बातचीत नहीं हो पाई। इसकी वजह से मरीजों को अगले दिन सीबीसी जांच के लिए बुलाया गया। सीएमएस डॉ. एचएस राय ने बताया कि नेट की गड़बड़ी की वजह से खून जांच वाली मशीन काम नहीं कर रही थी। इसकी वजह से जांच नहीं हो सकी।
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मेडिकल कॉलेज के पैथालॉजी विभाग में आए दिन मशीनें दगा दे रहीं हैं। अभी कुछ दिन पहले ही शुगर जांच की मशीन खराब हो गई थी। मशीनों के खराब होने के कारण मरीजों को बाहर में जाकर खून की जांच करानी पड़ती है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर के मरीज उपचार कराने पहुंचे थे। तीन दिन से अधिक समय तक तेज बुखार आने की वजह से डॉक्टरों ने तकरीबन 150 मरीजों को सीबीसी जांच कराने की सलाह दी थी। डॉक्टर की सलाह के बाद यह सभी मरीज पैथालॉजी विभाग में ब्लड सैंपल देने आये थे। सैंपल देने से पहले अलग-अलग जांचों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही सैंपल के लिए उन्हें बारकोड रहित वैक्यूटेनर मिलता है, जिसमें ब्लड का सैंपल एकत्र कर जांच के लिए रखा जाता है। सोमवार को अन्य जांचों के लिए तो रजिस्ट्रेशन आसानी से हो रहा था, लेकिन सीबीसी जांच के लिए मरीजों को काफी देर तक लाइन में खड़ा होना पड़ा। काउंटर पर मरीजों की भीड़ लगने के बाद जब रजिस्ट्रेशन न होने का कारण पूछा गया तो पता चला कि बारकोड मशीन तकनीकी कारणों के खराब हो गई है। इसके बाद लाइन में खड़े मरीज वहां से निकलकर जाने लगे। पैथालॉजी विभाग के जिम्मेदारों ने मौके से कई बार इंजीनियर को फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इंजीनियर से कोई बातचीत नहीं हो पाई। इसकी वजह से मरीजों को अगले दिन सीबीसी जांच के लिए बुलाया गया। सीएमएस डॉ. एचएस राय ने बताया कि नेट की गड़बड़ी की वजह से खून जांच वाली मशीन काम नहीं कर रही थी। इसकी वजह से जांच नहीं हो सकी।
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