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जुनून : ढाई साल में पैदल ही कर ली 22 हजार किमी यात्रा
Sun, 02 Mar 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 02 Mar 2025 11:50 PM IST
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गुरवलिया बाजार। आप या हम अगर 200-2200 किलोमीटर की यात्रा करें तो थकावट का शिकार हो जाते हैं, लेकिन दुदही ब्लॉक के धर्मपुर पर्वत निवासी युवा इंजीनियर सनोज कुशवाहा ने पैदल ही 22 हजार से अधिक किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली। इसके बाद भी उनके चेहरे पर थकावट की शिकन की जगह उत्साह है।
अक्तूबर-2021 में जिले के सुख-सुविधाओं से परे भारत की संस्कृतियों और सभ्यताओं के कण-कण से रूबरू होने के लिए पैदल यात्रा की सादगी भरी शुरुआत की। सनोज ने बंगाल के हावड़ा से यात्रा की शुरुआत की तो मात्र उसके जेब में 3000 रुपये, कंधे पर 25 किलो के बैग में समान के साथ हाथों में तिरंगा झंडा था। आज दो साल चार महीने और 11 दिन हो चुके हैं। सनोज ने 22 हजार किलोमीटर से अधिक यात्रा पूरी कर कई राज्यों के बाद इन दिनों रानीखेत उत्तराखंड में है।
जिस संस्कृतियों को जानने के मकसद से बेहद सादगी से सनोज कुशवाहा ने यात्रा शुरू किया था। उसी संस्कृतियों में संस्कार और मानवता रूपी उत्साह नजर आने लगा है। अलग-अलग शहरों में ढोल-नगाड़ों से स्वागत करते हैं तो रहने के लिए फ्री होटल और खाने के लिए फ्री व्यवस्था कराई जाती है। सनोज ने बताया कि कभी गांव के गलियों तक सीमित रहने वाले व्यक्तित्व को अब लाखों लोग जानते हैं। बताया कि जिस हिस्से में वह जाता है, उसके फॉलोवर्स मिल जाते हैं। सनोज के चार लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। दुदही ब्लॉक के सुरेश कुशवाहा के पुत्र इंजीनियर सनोज कुमार कुशवाहा ने अक्तूबर 2022 में चकाचौंध और आलीशान रूप से यात्रा करने के बजाय पूरी सादगी से पैदल यात्रा शुरूकी। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम, मणिपुर, बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब,जम्मू कश्मीर होते हुए इन दिनों उत्तराखंड के रानीखेत में है।
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अक्तूबर-2021 में जिले के सुख-सुविधाओं से परे भारत की संस्कृतियों और सभ्यताओं के कण-कण से रूबरू होने के लिए पैदल यात्रा की सादगी भरी शुरुआत की। सनोज ने बंगाल के हावड़ा से यात्रा की शुरुआत की तो मात्र उसके जेब में 3000 रुपये, कंधे पर 25 किलो के बैग में समान के साथ हाथों में तिरंगा झंडा था। आज दो साल चार महीने और 11 दिन हो चुके हैं। सनोज ने 22 हजार किलोमीटर से अधिक यात्रा पूरी कर कई राज्यों के बाद इन दिनों रानीखेत उत्तराखंड में है।
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जिस संस्कृतियों को जानने के मकसद से बेहद सादगी से सनोज कुशवाहा ने यात्रा शुरू किया था। उसी संस्कृतियों में संस्कार और मानवता रूपी उत्साह नजर आने लगा है। अलग-अलग शहरों में ढोल-नगाड़ों से स्वागत करते हैं तो रहने के लिए फ्री होटल और खाने के लिए फ्री व्यवस्था कराई जाती है। सनोज ने बताया कि कभी गांव के गलियों तक सीमित रहने वाले व्यक्तित्व को अब लाखों लोग जानते हैं। बताया कि जिस हिस्से में वह जाता है, उसके फॉलोवर्स मिल जाते हैं। सनोज के चार लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। दुदही ब्लॉक के सुरेश कुशवाहा के पुत्र इंजीनियर सनोज कुमार कुशवाहा ने अक्तूबर 2022 में चकाचौंध और आलीशान रूप से यात्रा करने के बजाय पूरी सादगी से पैदल यात्रा शुरूकी। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम, मणिपुर, बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब,जम्मू कश्मीर होते हुए इन दिनों उत्तराखंड के रानीखेत में है।
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