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Kushinagar News: ट्रेनें निरस्त होने से बिहार जाने वाले यात्री परेशान
Thu, 08 Feb 2024 03:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 08 Feb 2024 03:47 AM IST
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तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर चलने वाली छह जोड़ी ट्रेनों में दो पैसेंजर ट्रेनों का संचालन 29 फरवरी तक निरस्त किया गया है। इसके अलावा गोरखपुर-पाटलिपुत्र ट्रेन का फेरा घटा कर सात दिन से तीन दिन कर दिया गया है। इसका नियमित संचालन नहीं होने से यात्रियों की परेशानियां जस की तस हैं। सर्वाधिक दिक्कत बिहार जाने वाले यात्रियों को हो रही है। कारण कि सुबह छह बजे से तीन बजे के बीच बिहार जाने की कोई ट्रेन नहीं है।
दिसंबर के पहले कप्तानगंज थावे रेलमार्ग पर नियमित छह जोड़ी ट्रेनें चल रही थीं। लेकिन कोहरे और यार्ड रिमॉडलिंग के साथ दोहरीकरण के के चलते नकहा जंगल से सिवान और सिवान से नकहा जंगल तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, थावे से कप्तानगंज और कप्तानगंज से थावे तक नियमित चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 29 फरवरी 2024 तक तो गोमतीनगर से छपरा कचहरी व छपरा कचहरी से गोमतीनगर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 22 जनवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। गोरखपुर से पाटलिपुत्र एवं पाटलिपुत्र से गोरखपुर नियमित चलने वाली मेल पैसेंजर ट्रेन का फेरा घटा कर मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार तीन दिन कर दिया गया है।
गोमतीनगर एक्सप्रेस का संचालन तो 24 जनवरी से शुरू हो गया है। लेकिन अब भी सुबह में नकहा जंगल से सिवान तक और थावे से कप्तानगंज तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें निरस्त हैं। इससे यात्रियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। गोरखपुर पाटलिपुत्र सप्ताह में चार दिन निरस्त रहने और दो पैसेंजर ट्रेनों के पूरी तरह निरस्त रहने से सर्वाधिक दिक्कत बिहार जाने वाले यात्रियों को हो रही है। रेलयात्री धनेश यादव, प्रभु प्रजापति, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि जब तक ट्रेनों का निरस्तीकरण खत्म नहीं होता है, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। इस संबंध में एनई रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेनों को निरस्त करने और उसका संचालन शुरू कराने का निर्णय रेल बोर्ड का होता है। यात्रियों की समस्या को देखते हुए इस रेल मार्ग पर बंद चल रहीं ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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दिसंबर के पहले कप्तानगंज थावे रेलमार्ग पर नियमित छह जोड़ी ट्रेनें चल रही थीं। लेकिन कोहरे और यार्ड रिमॉडलिंग के साथ दोहरीकरण के के चलते नकहा जंगल से सिवान और सिवान से नकहा जंगल तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, थावे से कप्तानगंज और कप्तानगंज से थावे तक नियमित चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 29 फरवरी 2024 तक तो गोमतीनगर से छपरा कचहरी व छपरा कचहरी से गोमतीनगर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 22 जनवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। गोरखपुर से पाटलिपुत्र एवं पाटलिपुत्र से गोरखपुर नियमित चलने वाली मेल पैसेंजर ट्रेन का फेरा घटा कर मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार तीन दिन कर दिया गया है।
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गोमतीनगर एक्सप्रेस का संचालन तो 24 जनवरी से शुरू हो गया है। लेकिन अब भी सुबह में नकहा जंगल से सिवान तक और थावे से कप्तानगंज तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें निरस्त हैं। इससे यात्रियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। गोरखपुर पाटलिपुत्र सप्ताह में चार दिन निरस्त रहने और दो पैसेंजर ट्रेनों के पूरी तरह निरस्त रहने से सर्वाधिक दिक्कत बिहार जाने वाले यात्रियों को हो रही है। रेलयात्री धनेश यादव, प्रभु प्रजापति, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि जब तक ट्रेनों का निरस्तीकरण खत्म नहीं होता है, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। इस संबंध में एनई रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेनों को निरस्त करने और उसका संचालन शुरू कराने का निर्णय रेल बोर्ड का होता है। यात्रियों की समस्या को देखते हुए इस रेल मार्ग पर बंद चल रहीं ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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