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श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का जिले में आंशिक असर
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे भाकपा कार्यकर्ता।
- फोटो : KUSHINAGAR
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श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का जिले में आंशिक असर
बैंकों में 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित, भाकपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, एडीएम को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। श्रमिक संगठनों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का जिले में आंशिक असर रहा। सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों की हड़ताल में पीएनबी की सभी शाखाओं के साथ कुछ अन्य बैंक भी इसमें शामिल रहे। इनकी हड़ताल के चलते जिले में लगभग 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित 16 मांगों का ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
भाकपा के जिला मंत्री मोहन प्रसाद गोंड की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि भारत सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी श्रमिक संगठन और स्वतंत्र फेडरेशन हड़ताल पर हैं और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि ठेका, संविदा अथवा आउटसोर्सिंग के तहत कार्य करने वाले लोगों को न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन दिया जाए। स्थाई कार्यों के लिए ठेका प्रथा बंद की जाए। ठेका, संविदा या आउटसोर्सिंग के तहत कार्य करने वाले लोगों को नियमित किया जाए और जब तक नियमित नहीं हो जाते, तब तक नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन-भत्ता दिया जाए। सबके लिए पेंशन सुनिश्चित किया जाए। इस तरह कुल 16 मांगों को लेकर कामरेडों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद एडीएम विंध्यवासिनी राय को ज्ञापन सौंपा।
मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने रैली निकाली
पडरौना। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन की तरफ से बुधवार को नगर में रैली निकाली गई। इसके बाद संगठन के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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इस संगठन के ज्ञापन में सेल्स प्रमोशन इम्पलाई एक्ट को बचाए जाने, दवाइयों से जीएसटी समाप्त करने, यूनीफार्म कोड ऑफ फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज को इंट्रोड्यूस करने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन दिए जाने सहित अन्य मांगें शामिल थीं।
बैंकों में हड़ताल से जिले में लगभग 15 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
पडरौना। सरकार की आर्थिक नीतियों पर असंतोष जताते हुए कई बैंक यूनियंस ने भी बंदी का आह्वान किया था। इनके समर्थन में बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक की सभी 25 शाखाओं में पूर्णतया हड़ताल रही। इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पडरौना, बुद्घ पीजी कॉलेज कसया और रामकोला शाखा के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते इन बैंकों की शाखाओं में भी लेन-देन नहीं हो सका। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं भी बुधवार को बंद रहीं। इसके अलावा एलआईसी की शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों ने भी बंदी का समर्थन किया और कामकाज ठप रखा। इसके चलते इन बैंकों के ज्यादातर एटीएम भी कैशलेस रहे। ग्राहकों को रुपये के लिए परेशान होना पड़ा।
हलांकि भारतीय स्टेट बैंक, पूर्वांचल बैंक सहित शेष अन्य बैंकों में हड़ताल का कोई असर नहीं था। एसबीआई पडरौना के मुख्य शाखा प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि उनका ट्रेड यूनियन इस हड़ताल में शामिल नहीं था, इसलिए उनकी शाखा में रोज की भांति कामकाज हुआ। इसी तरह इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक सहित विभिन्न बैंकों में भी कामकाज सुचारु रूप से संपादित हुआ।
बुधवार को श्रमिक संगठनों के हड़ताल के आह्वान का असर बैंकिंग सेवाओं पर आंशिक रहा। इस जिले में सभी बैंकों कुल 215 शाखाएं हैं। 111 शाखाओं में बुधवार को लेन-देन हुआ। इस आंशिक हड़ताल के कारण करीब 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। हड़ताल के बावजूद सभी बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों में भी कार्य सुचारु रूप से हुआ और अधिकांश बैंकों में क्लीयरिंग का काम भी हुआ। -हिमांशु कुमार चौबे, जिला प्रबंधक, अग्रणी बैंक
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बैंकों में 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित, भाकपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, एडीएम को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। श्रमिक संगठनों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का जिले में आंशिक असर रहा। सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों की हड़ताल में पीएनबी की सभी शाखाओं के साथ कुछ अन्य बैंक भी इसमें शामिल रहे। इनकी हड़ताल के चलते जिले में लगभग 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित 16 मांगों का ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
भाकपा के जिला मंत्री मोहन प्रसाद गोंड की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि भारत सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी श्रमिक संगठन और स्वतंत्र फेडरेशन हड़ताल पर हैं और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि ठेका, संविदा अथवा आउटसोर्सिंग के तहत कार्य करने वाले लोगों को न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन दिया जाए। स्थाई कार्यों के लिए ठेका प्रथा बंद की जाए। ठेका, संविदा या आउटसोर्सिंग के तहत कार्य करने वाले लोगों को नियमित किया जाए और जब तक नियमित नहीं हो जाते, तब तक नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन-भत्ता दिया जाए। सबके लिए पेंशन सुनिश्चित किया जाए। इस तरह कुल 16 मांगों को लेकर कामरेडों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद एडीएम विंध्यवासिनी राय को ज्ञापन सौंपा।
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मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने रैली निकाली
पडरौना। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन की तरफ से बुधवार को नगर में रैली निकाली गई। इसके बाद संगठन के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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इस संगठन के ज्ञापन में सेल्स प्रमोशन इम्पलाई एक्ट को बचाए जाने, दवाइयों से जीएसटी समाप्त करने, यूनीफार्म कोड ऑफ फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज को इंट्रोड्यूस करने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन दिए जाने सहित अन्य मांगें शामिल थीं।
बैंकों में हड़ताल से जिले में लगभग 15 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
पडरौना। सरकार की आर्थिक नीतियों पर असंतोष जताते हुए कई बैंक यूनियंस ने भी बंदी का आह्वान किया था। इनके समर्थन में बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक की सभी 25 शाखाओं में पूर्णतया हड़ताल रही। इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पडरौना, बुद्घ पीजी कॉलेज कसया और रामकोला शाखा के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते इन बैंकों की शाखाओं में भी लेन-देन नहीं हो सका। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं भी बुधवार को बंद रहीं। इसके अलावा एलआईसी की शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों ने भी बंदी का समर्थन किया और कामकाज ठप रखा। इसके चलते इन बैंकों के ज्यादातर एटीएम भी कैशलेस रहे। ग्राहकों को रुपये के लिए परेशान होना पड़ा।
हलांकि भारतीय स्टेट बैंक, पूर्वांचल बैंक सहित शेष अन्य बैंकों में हड़ताल का कोई असर नहीं था। एसबीआई पडरौना के मुख्य शाखा प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि उनका ट्रेड यूनियन इस हड़ताल में शामिल नहीं था, इसलिए उनकी शाखा में रोज की भांति कामकाज हुआ। इसी तरह इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक सहित विभिन्न बैंकों में भी कामकाज सुचारु रूप से संपादित हुआ।
बुधवार को श्रमिक संगठनों के हड़ताल के आह्वान का असर बैंकिंग सेवाओं पर आंशिक रहा। इस जिले में सभी बैंकों कुल 215 शाखाएं हैं। 111 शाखाओं में बुधवार को लेन-देन हुआ। इस आंशिक हड़ताल के कारण करीब 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। हड़ताल के बावजूद सभी बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों में भी कार्य सुचारु रूप से हुआ और अधिकांश बैंकों में क्लीयरिंग का काम भी हुआ। -हिमांशु कुमार चौबे, जिला प्रबंधक, अग्रणी बैंक