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Kushinagar News: धान की तौल हाटा में, खड्डा और पडरौना में दिखाई गई खरीद
Mon, 24 Mar 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 24 Mar 2025 01:08 AM IST
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हाटा। बिना गांव के किसान और सरकारी राशन लेने वालों लोगों से धान खरीदने तक ही धान खरीद का मामला समाप्त नहीं होता है। धान खरीद करने वालों ने अपनी कमाई के लिए न सिर्फ भोले भाले लोगों को अपने झांसे में लिया बल्कि क्षेत्र के कई बड़े और संभ्रांत किसानों को भी तौल आदि से सहूलियत देने के नाम पर उनका धान भी अपने गोदामों और राईस मिलों पर तौल करा लिया। जबकि उनका अंगूठा अपने चहेते दूर दराज केंद्रों पर ले जाकर लगवाया। इसके एवज में बड़े किसानों से कुछ रुपये प्रति क्विंटल सुविधा शुल्क की वसूली की तो वही बगैर खेत वालों के अंगूठा लगाने के एवज में कुछ रूपये दे दिया। अब जब मामला प्रकाश में आया है तो कई लोगों को होश उड़े हुए है। धान खरीद में हुई धांधली की पड़ताल के क्रम में कथित गांवों के किसानों से हुई खरीद, दूर दराज के किसानों हुई खरीद और सरकारी राशन लेने वालों से हुई धान खरीद का मामला सामने आ चुका है। पड़ताल के दौरान यह भी मामला सामने आया है कि खरीद माफियाओं ने अपने खुद के लाभ के लिए भोले भाले लोगों को तो आने जाल में फंसाया ही है, कुछ बड़े किसानों को तौल में सुविधा के नाम पर भी अपने झांसे में ले लिया और उनकी फसल को अपने राईस मिल और गोदामों पर तौल करा लिया।
मजे की बात यह है कि हाटा क्षेत्र के कई बड़े किसानों का धान हाटा के ही राईस मिलों पर तौल कराया गया, लेकिन उनकी खरीद खड्डा और पडरौना में संचालित केंद्रों पर दिखाई गई। बताया जा रहा है कि ऐसा मामला पूरे जिले में खेला गया। तौल कहीं हुई और भुगतान कहीं से हुआ। हालांकि इस एवज में माफियाओं ने इन किसानों के अच्छी खासी रकम सुविधा शुल्क के नाम पर ले ली। बताया जा रहा है कि खरीद माफियाओं ने अपने अपने चहेते क्रय केंद्र प्रभारियों से सेटिंग कर रखी थी। धान वह कहीं भी खरीदते थे भुगतान अपने चहेते क्रय केंदों से ही कराते थे। अब चूंकि जिलाधिकारी ने इस मामले में की जांच के लिए टीम बनाई है उम्मीद की जा रही है कि इस धंधे में लिप्त लोगों के नाम शायद प्रकाश में आ जाए, लेकिन जांच की गति देख कर यह आशंका भी उत्पन्न हो रही है कि कही जांच में यह पूरा मामला उलझा कर न रह जाए।
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मजे की बात यह है कि हाटा क्षेत्र के कई बड़े किसानों का धान हाटा के ही राईस मिलों पर तौल कराया गया, लेकिन उनकी खरीद खड्डा और पडरौना में संचालित केंद्रों पर दिखाई गई। बताया जा रहा है कि ऐसा मामला पूरे जिले में खेला गया। तौल कहीं हुई और भुगतान कहीं से हुआ। हालांकि इस एवज में माफियाओं ने इन किसानों के अच्छी खासी रकम सुविधा शुल्क के नाम पर ले ली। बताया जा रहा है कि खरीद माफियाओं ने अपने अपने चहेते क्रय केंद्र प्रभारियों से सेटिंग कर रखी थी। धान वह कहीं भी खरीदते थे भुगतान अपने चहेते क्रय केंदों से ही कराते थे। अब चूंकि जिलाधिकारी ने इस मामले में की जांच के लिए टीम बनाई है उम्मीद की जा रही है कि इस धंधे में लिप्त लोगों के नाम शायद प्रकाश में आ जाए, लेकिन जांच की गति देख कर यह आशंका भी उत्पन्न हो रही है कि कही जांच में यह पूरा मामला उलझा कर न रह जाए।
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