{"_id":"6a1f3912b5789887b5018abe","slug":"overcrowding-at-medical-college-search-for-land-for-district-hospital-underway-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-161017-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में भीड़ का दबाव, जिला अस्पताल के लिए जमीन की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में भीड़ का दबाव, जिला अस्पताल के लिए जमीन की तलाश
Wed, 03 Jun 2026 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में भीड़ के दबाव को देखते हुए 100 बेड का जिला अस्पताल निर्माण कराने के लिए जमीन की तलाश तेज हो गई है। पहले कठकुइया रोड पर सिंचाई विभाग के पास प्रशासन ने जमीन उपलब्ध होने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। बाद में सिंचाई विभाग के जमीन हस्तांतरण से मना कर देने से पेच फंस गया था। अब फिर इसकी सुगबुगाहट तेज हुई है। जिला अस्पताल का निर्माण हो जाने से काफी सहूलियत होगी। कुशीनगर के अलावा 11 और जिलों में जिला अस्पताल के लिए जमीन के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान कि गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार ने निदेशक (चिकित्सा उपचार) को पत्र जारी कर आगे की रूपरेखा तय कर दी है। शासन की तरफ से जारी सूची के अनुसार, जिन जिलों में अस्पतालों का निर्माण होना प्रस्तावित है, उनमें बहराइच, कुशीनगर, देवरिया, एटा, फतेहपुर, गोंडा, खीरी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, ललितपुर शामिल हैं। इन अस्पतालों के जल्द से जल्द निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अधीक्षण अभियंता की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित सभी 11 जिलों के सीएमओ से अस्पताल निर्माण के लिए सात एकड़ से अधिक भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी गई है। सीएमओ को प्रस्तावित जमीन का साइट प्लान, खसरा और खतौनी आदि जरूरी दस्तावेजों के साथ अपनी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी जमीन की उपलब्धता की रिपोर्ट मिलते ही चिकित्सा विभाग की ओर से शासन से स्थापना की अंतिम स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद भवनों के निर्माण की आगे की काम और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिला अस्पतालों के निर्माण से ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
-
-सात एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। इसके लिए जिला प्रशासन से मांग की जाएगी। जमीन उपलब्ध होने पर 100 बेड के जिला अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। -डॉ. चंद्रप्रकाश,सीएमओ
विज्ञापन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान कि गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार ने निदेशक (चिकित्सा उपचार) को पत्र जारी कर आगे की रूपरेखा तय कर दी है। शासन की तरफ से जारी सूची के अनुसार, जिन जिलों में अस्पतालों का निर्माण होना प्रस्तावित है, उनमें बहराइच, कुशीनगर, देवरिया, एटा, फतेहपुर, गोंडा, खीरी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, ललितपुर शामिल हैं। इन अस्पतालों के जल्द से जल्द निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित सभी 11 जिलों के सीएमओ से अस्पताल निर्माण के लिए सात एकड़ से अधिक भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी गई है। सीएमओ को प्रस्तावित जमीन का साइट प्लान, खसरा और खतौनी आदि जरूरी दस्तावेजों के साथ अपनी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी जमीन की उपलब्धता की रिपोर्ट मिलते ही चिकित्सा विभाग की ओर से शासन से स्थापना की अंतिम स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद भवनों के निर्माण की आगे की काम और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिला अस्पतालों के निर्माण से ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
-
-सात एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। इसके लिए जिला प्रशासन से मांग की जाएगी। जमीन उपलब्ध होने पर 100 बेड के जिला अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। -डॉ. चंद्रप्रकाश,सीएमओ