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सीएए, एनआरसी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन

Wed, 29 Jan 2020 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 11:36 PM IST
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opposed nrc and caa
फाजिलनगर में बहुजन मुक्ति मोर्चा के बैनर तले एनआरसी और सीएए का विरोध करतीं महिलाओं को रोकती पुलि? - फोटो : KUSHINAGAR
सीएए, एनआरसी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन
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निषेधाज्ञा के उल्लंघन और शांतिभंग की आशंका में 30 महिलाएं गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
पडरौना। सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जगह-जगह धरना प्रदर्शन किया। इन लोगों ने संबंधित ब्लॉक और थाने पर पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। इन लोगों सीएए और एनआरसी को वापस लेने की मांग की। फाजिलनगर में निषेधाज्ञा उल्लंघन और शांति भंग की आशंका में 30 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। कलेक्ट्रेट के समक्ष भी एसडीएम सदर पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ तैनात रहे।
बहुजन क्रांति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इनके धरना प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था चुस्त रखने के लिए डीएम की तरफ से नामित मजिस्ट्रेट थाने स्तर पर तैनात किए गए थे, जो पुलिस फोर्स एवं पीएसी के जवानों के साथ जगह-जगह कानून व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। जनपद मुख्यालय पर एसडीएम सदर रामकेश यादव पुलिस के जवानों और एक प्लाटून पीएसी के साथ तैनात थे।
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बहुजन क्रांति पार्टी, बहुजन मुक्ति मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों ने बुधवार को जगह-जगह प्रदर्शन किया। शांति व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात रहे। जनपद मुख्यालय पर एसडीएम सदर एक प्लाटून पीएसी और पुलिस के साथ तैनात रहे, हालांकि यहां धरना प्रदर्शन करने कोई नहीं पहुंचा। हालांकि शाम तक कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन के लिए इन दलों के नेता और कार्यकर्ता नहीं पहुंचे।
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फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार, बहुजन मुक्ति मोर्चा की कार्यकर्ता पार्टी की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष किशनावती देवी की अगुवाई में सीएए के विरोध में ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन कीं। बाद में पुलिस ने धरना प्रदर्शन में शामिल 30 प्रदर्शनकारियों को शांतिभंग के अंदेशा में गिरफ्तार कर लिया। ये महिलाएं सीएए और एनआरसी के विरोध में नारे लिखी तख्तियां हाथ में ली हुई थीं। वहां पहुंचे तहसीलदार कसया दीपक कुमार गुप्ता व सीओ तमकुहीराज नितेश प्रताप सिंह ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए महिलाओं को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाएं अपनी जिद पर अड़ी थीं। मौके पर तरयासुजान, कसया और तुर्कपट्टी थाने की पुलिस फोर्स के साथ पटहेरवा थाने के एसओ हरेंद्र मिश्र, एसओ तरयासुजान कमलेश सिंह, एसओ तुर्कपट्टी संजय सिंह, चौकी प्रभारी नंदा प्रसाद मौजूद थे।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार, नागरिकता संशोधन कानून और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा सहित अन्य दलों के भारत बंद आह्वान को देखते हुए एसडीएम अरविंद कुमार और प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर कानून व्यवस्था का जायजा लिया। वहां काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। पूर्वोत्तर रेलवे के जवान और अफसर भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहे।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार भारत बंद के आह्वान पर थाना क्षेत्र के पड़री पिपरपाती चौराहे पर बहुजन क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। इनकी अगुवाई जिलाध्यक्ष रवि कुमार यादव कर रहे थे। इन लोगों ने ईवीएम हटाओ देश बचाओ, बोल पचासी मूल निवासी, सीएए हटाओ देश बचाओ और डीएनए आधारित एनआरसी लागू करो के नारे लगा रहे थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और जुलूस एवं प्रदर्शन बंद कराया। एसओ अमरेंद्र कनौजिया ने बताया कि निषेधाज्ञा का हवाला देकर जुलूस और प्रदर्शन बंद कराया गया। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार, बहुजन क्रांति मोर्चा एवं अन्य संगठनों ने बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय के सामने जनसभा कर विरोध जताया और विशुनपुरा पुलिस को ज्ञापन सौंपा। ये लोग सीएए एवं एनआरसी को वापस लेने की मांग कर रहे थे। ब्लॉक कार्यालय के सामने पहुंचने के बाद जुलूस में शामिल भीड़ ने प्रदर्शन किया और मांगों का ज्ञापन सौंपा। इन लोगों ने कहा कि इस कानून से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं धर्मनिरपेक्ष छवि को चोट पहुंची है। सरकार को ऐसे विभाजनकारी कानून बनाने की बजाए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में काफी संख्या में लोग शामिल थे।

जनपद मुख्यालय पर कोई धरना प्रदर्शन नहीं : एसपी
एसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि भारत बंद को लेकर विपक्षी दलों का जनपद मुख्यालय पर कोई धरना प्रदर्शन नहीं हुआ। अन्य क्षेत्रों में कानून व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। फाजिलनगर में महिलाओं के जुलूस निकाले जाने की सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंची थी। वे जुलूस निकालना चाहती थीं। उन्हें निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया, लेकिन नहीं मानीं। इसलिए निषेधाज्ञा के उल्लंघन और शांतिभंग की आशंका में 30 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में जमानत पर उन्हें छोड़ दिया गया।
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