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चाय, पान और परचून की दुकानों में खुलेआम बिक रही शराब
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:19 AM IST
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परचून की दुकानों में खुलेआम बिक रही शराब
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा। थाना क्षेत्र में शराब अवैध तरीके से धड़ल्ले से बेची जा रही है। सरकारी शराब की दुकानों से अधिक मूल्य लेकर गांवों में चिह्नित अड्डों पर इसे बेचा जा रहा है। पनियहवा की एक अंग्रेजी शराब की दुकान से नकली शराब मिलने पर ग्राहक ने हंगामा किया। जगह जगह अवैध रूप से बिक रही शराब के चलते लोगों की जेब व सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
खड्डा तहसील क्षेत्र में सरकारी शराब की दुकानों से प्रिंट मूल्य से प्रति शीशी पांच से सात रुपये अधिक लिया जा रहा है। यह सिलसिला पिछले कई साल से जारी है। इसके लिए समय समय पर लोगों ने आवाज भी उठाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। सरकारी दुकानों से ग्रामीण क्षेत्रों में चाय, पान, परचून आदि की दुकानों पर रोज सुबह अनुज्ञापी के लोग बाइक, साइकिल आदि से शराब पहुंचा देते हैं और वहां से भी अधिक दाम पर बेचा जाता है। इसमें ज्यादातर शराब मिलावटी बताए जाते हैं। इसको धंधेबाज (पैकारी) बोलते हैं।
खड्डा थाना क्षेत्र के एक बाजार में शराब की दुकान के सामने झोपड़ी में खुलेआम शराब रखी जाती है। सुबह या रात कोई फर्क नहीं पड़ता। अधिक दाम मिलने पर शराब आसानी से मिल जाती है। देशी के साथ अंग्रेजी शराब में भी मिलावट जोरों पर है। पनियहवा क्षेत्र में एक ग्राहक अंग्रेजी शराब की दुकान से शराब खरीदा, लेकिन जब उसने ढक्कन खोलना चाहा तो ढक्कन बिना जोर लगाए ही बाहर निकल गया। इसमें सील था ही नहीं। ग्राहक ने एतराज जताया तो असली बोतल देकर किसी तरह शांत कराया गया, लेकिन ग्राहक ने मोबाइल से फोटो खींच लिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फायदा जमकर धंधेबाज उठा रहे हैं। प्रशासन अनजान बना है।इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी राजशेखर उपाध्याय का कहना था कि इस तरह शराब बेचे जाने की जानकारी नहीं है। अगर शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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खड्डा तहसील क्षेत्र में सरकारी शराब की दुकानों से प्रिंट मूल्य से प्रति शीशी पांच से सात रुपये अधिक लिया जा रहा है। यह सिलसिला पिछले कई साल से जारी है। इसके लिए समय समय पर लोगों ने आवाज भी उठाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। सरकारी दुकानों से ग्रामीण क्षेत्रों में चाय, पान, परचून आदि की दुकानों पर रोज सुबह अनुज्ञापी के लोग बाइक, साइकिल आदि से शराब पहुंचा देते हैं और वहां से भी अधिक दाम पर बेचा जाता है। इसमें ज्यादातर शराब मिलावटी बताए जाते हैं। इसको धंधेबाज (पैकारी) बोलते हैं।
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खड्डा थाना क्षेत्र के एक बाजार में शराब की दुकान के सामने झोपड़ी में खुलेआम शराब रखी जाती है। सुबह या रात कोई फर्क नहीं पड़ता। अधिक दाम मिलने पर शराब आसानी से मिल जाती है। देशी के साथ अंग्रेजी शराब में भी मिलावट जोरों पर है। पनियहवा क्षेत्र में एक ग्राहक अंग्रेजी शराब की दुकान से शराब खरीदा, लेकिन जब उसने ढक्कन खोलना चाहा तो ढक्कन बिना जोर लगाए ही बाहर निकल गया। इसमें सील था ही नहीं। ग्राहक ने एतराज जताया तो असली बोतल देकर किसी तरह शांत कराया गया, लेकिन ग्राहक ने मोबाइल से फोटो खींच लिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फायदा जमकर धंधेबाज उठा रहे हैं। प्रशासन अनजान बना है।इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी राजशेखर उपाध्याय का कहना था कि इस तरह शराब बेचे जाने की जानकारी नहीं है। अगर शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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