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ऑनलाइन लहंगा मंगाना पड़ा महंगा, खाते से 36 हजार उड़ाए
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ऑनलाइन लहंगा मंगाना पड़ा महंगा, खाते से 36 हजार उड़ाए
रगड़गंज (कुशीनगर)। पटहेरवा थाना क्षेत्र के समउर बाजार निवासी बीफार्मा की छात्रा कृतिका पांडेय को अपनी छोटी बहन के लिए ऑनलाइन लहंगा मंगाना महंगा पड़ गया। उसे लहंगा की जगह साड़ी की कतरन की होम डिलीवरी कर दी गई।
कंपनी में शिकायत करने पर रुपये वापसी के लिए बैंक खाते का नंबर मांगे जाने पर छात्रा ने गलती से खाता नंबर भेज दिया था, जिससे उसके खाते में आए स्कालरशिप के करीब 36 हजार रुपये भी जालसाजों ने गायब कर दिए। पीड़िता ने साइबर सेल सहित मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
बिहार खुर्द निवासी चंद्रशेखर पांडेय की पुत्री कृतिका पांडेय बी फार्मा की छात्रा है। उसने अपनी छोटी बहन प्राजू पांडेय के लिए ऑनलाइन लहंगा बुक किया था। बीते 19 मई को कंपनी के डिलीवरी ब्याय ने समउर बाजार में होम डिलीवरी कर दिया और नकद 1550 रुपये लेकर चला गया। उसके जाने पर जब डिलीवरी में आई पैकिंग को खोला गया तो सभी सन्न रह गए। उसमें लहंगा की जगह साड़ी के कटपीस सा दिखता कपड़ा मिला। परिजनों के कहने पर कृतिका ने उस कंपनी में पुन: शिकायत दर्ज कराते हुए वापसी की बात कही। उसके बाद उससे बात करने वाले ने बैंक का खाता नंबर मांगते हुए रुपये वापस करने की बात कही।
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कृतिका की तरफ से खाता नंबर भेज देने के बाद कंपनी के लोगों ने एटीएम के पासवर्ड की मांग की। जब उसने बताने से इंकार किया, तब कंपनी के लोगों ने एक मैसेज भेजकर इसे वेरीफाई करने के लिए क्लिक करने की बात कही। इसके बाद खाते में लहंगा की कीमत क्रेडिट होनी बताई गई। मैसेज आने के बाद कृतिका ने उसे थोड़ी देर बाद क्लिक किया, जिसके कुछ देर बाद ही उसके मोबाइल पर खाते से रुपये कटने के मैसेज आने लगे। जब तक परिजन बैंक पहुंचकर खाते को लॉक कराते, उसके खाते में स्कालरशिप के आए लगभग 36 हजार रुपये साइबर अपराधियों ने गायब कर दिए। पीड़िता के पिता चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि साइबर सेल सहित मुख्यमंत्री के पोर्टल पर इसकी शिकायत की गई है।
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रगड़गंज (कुशीनगर)। पटहेरवा थाना क्षेत्र के समउर बाजार निवासी बीफार्मा की छात्रा कृतिका पांडेय को अपनी छोटी बहन के लिए ऑनलाइन लहंगा मंगाना महंगा पड़ गया। उसे लहंगा की जगह साड़ी की कतरन की होम डिलीवरी कर दी गई।
कंपनी में शिकायत करने पर रुपये वापसी के लिए बैंक खाते का नंबर मांगे जाने पर छात्रा ने गलती से खाता नंबर भेज दिया था, जिससे उसके खाते में आए स्कालरशिप के करीब 36 हजार रुपये भी जालसाजों ने गायब कर दिए। पीड़िता ने साइबर सेल सहित मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
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बिहार खुर्द निवासी चंद्रशेखर पांडेय की पुत्री कृतिका पांडेय बी फार्मा की छात्रा है। उसने अपनी छोटी बहन प्राजू पांडेय के लिए ऑनलाइन लहंगा बुक किया था। बीते 19 मई को कंपनी के डिलीवरी ब्याय ने समउर बाजार में होम डिलीवरी कर दिया और नकद 1550 रुपये लेकर चला गया। उसके जाने पर जब डिलीवरी में आई पैकिंग को खोला गया तो सभी सन्न रह गए। उसमें लहंगा की जगह साड़ी के कटपीस सा दिखता कपड़ा मिला। परिजनों के कहने पर कृतिका ने उस कंपनी में पुन: शिकायत दर्ज कराते हुए वापसी की बात कही। उसके बाद उससे बात करने वाले ने बैंक का खाता नंबर मांगते हुए रुपये वापस करने की बात कही।
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कृतिका की तरफ से खाता नंबर भेज देने के बाद कंपनी के लोगों ने एटीएम के पासवर्ड की मांग की। जब उसने बताने से इंकार किया, तब कंपनी के लोगों ने एक मैसेज भेजकर इसे वेरीफाई करने के लिए क्लिक करने की बात कही। इसके बाद खाते में लहंगा की कीमत क्रेडिट होनी बताई गई। मैसेज आने के बाद कृतिका ने उसे थोड़ी देर बाद क्लिक किया, जिसके कुछ देर बाद ही उसके मोबाइल पर खाते से रुपये कटने के मैसेज आने लगे। जब तक परिजन बैंक पहुंचकर खाते को लॉक कराते, उसके खाते में स्कालरशिप के आए लगभग 36 हजार रुपये साइबर अपराधियों ने गायब कर दिए। पीड़िता के पिता चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि साइबर सेल सहित मुख्यमंत्री के पोर्टल पर इसकी शिकायत की गई है।