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Kushinagar News: निजी अस्पताल मे लापरवाहीपूर्वक इलाज से जुड़वा बच्चों में एक की मौत, अस्पताल सील

Fri, 27 Oct 2023 11:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:32 PM IST
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One of the twins died due to negligent treatment in private hospital, hospital sealed
निजी अस्पताल को सील करते तहसीलदार चंदन शर्मा और सीएचसी अधीक्षक। स्रोत -सोशल मिडिया
- गंभीर हालत में दूसरे जुड़वा बच्चे को गोरखपुर किया गया रेफर
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- परिजनों का आरोप, इलाज के दौरान नहीं दी गई सही जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज (कुशीनगर)। कस्बे में संचालित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान चार माह के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही परिजन अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। तमकुहीराज के एसडीएम के निर्देश पर पहुंचे सीएचसी अधीक्षक व तहसीलदार ने पुलिस के सहयोग से निजी अस्पताल को सील कर दिया। मौके से निजी अस्पताल के जिम्मेदार नदारद थे। दो-तीन सहयोगी स्टाफ ही मौके पर मौजूद था।

मिली जानकारी के मुताबिक तमकुहीराज थाना क्षेत्र के धुरिया इमिलिया गांव के निवासी गोपाल यादव के पुत्र विकास यादव की पत्नी को जुड़वा बच्चे पैदा हुए थे। बुधवार से दोनों बच्चाें को बुखार था। दोनों की स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला देकर सामान्य प्रसव कराने वाली झोलाछाप ने परिजनों को अपने झांसे में लेकर तमकुहीराज कस्बे के गोविंदनगर में स्थित एक निजी अस्पताल में दोनों नवजातों को इलाज के लिए भर्ती करा दिया। आरोप है कि इलाज के एवज में अस्पताल संचालक ने उनसे लगभग तीन लाख रुपये ऐंठ लिए।
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इनमें शुक्रवार को एक नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि नवजात की मौत के बाद अस्पताल संचालक ने उन्हें गुमराह कर दोनों नवजातों की स्थिति गंभीर होने का हवाला देकर उन्हें गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन एक नवजात की मौत की भनक परिजनों को लग गई। उसके बाद आक्रोशित परिजन अस्पताल संचालक पर लापरवाहीपूर्वक इलाज करने सहित कई गंभीर आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराते हुए घटना की सूचना एसडीएम व सीएचसी अधीक्षक को दी। जानकारी के बाद मौके पर तहसीलदार तमकुहीराज चंदन शर्मा व सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित राय की अगुवाई में पहुंची टीम ने घटना की जांच पड़ताल करने के बाद निजी अस्पताल में कई कमियां मिलने पर निजी अस्पताल को सील कर दिया। उसमें भर्ती अन्य नवजात शिशुओं को इलाज के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा।
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मृतक बच्चे के दादा गोपाल यादव का आरोप था कि निजी अस्पताल ने जान बूझकर लापरवाहीपूर्वक इलाज किया। समय रहते यदि वास्तविक स्थिति बताई गई रहती तो शायद बच जाता।

इस संबंध में तमकुहीराज के एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि निजी अस्पताल नंद बाल गोपाल मानक के विपरीत संचालित हो रहा था। प्रारंभिक जांच में निजी अस्पताल का पंजीकरण समाप्त था। कोई चिकित्सक मौके पर नहीं मिला। परिजनों ने लापरवाहीपूर्वक इलाज का आरोप लगाकर शिकायत की। इस शिकायत के बाद निजी अस्पताल को सील किया गया है।
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