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Kushinagar News: फर्जी दस्तावेज से एक महबूब ने लिया कर्ज, दूसरा बन गया कर्जदार
Mon, 26 Feb 2024 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:42 AM IST
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फर्जी दस्तावेज से एक महबूब ने लिया कर्ज, दूसरा बन गया कर्जदार
-कोर्ट के आदेश पर बैंक प्रबंधक और हमनाम जालसाज समेत तीन पर दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के ढोलहा गांव के एक व्यक्ति के नाम पर उसी के गांव के एक हमनाम ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्टेट बैंक की पडरौना शाखा से 12 लाख रुपये का कर्ज ले लिया। पीड़ित को इसका पता तब चला जब उसने एक अन्य बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। पीड़ित ने बैंक प्रबंधक पर इस मामले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने कोर्ट की शरण ली, जिसके निर्देश पर पुलिस ने पीड़ित के हमनाम, एबसीआई पडरौना शाखा के प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र ढोलहा गांव निवासी महबूब आलम अंसारी दूसरे शहर में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनके गांव में उन्हीं के नाम का एक और व्यक्ति है, जिसके पिता का नाम अब्दुल रब है। अब्दुल रब के बेटे ने बाहर नौकरी कर रहे महबूब आलम के नाम से फर्जी आधार, पैन व अन्य कागजात तैयार कर पडरौना एसबीआई की मुख्य शाखा से 12 लाख रुपये लोन ले लिया। रुपयों की जरूरत पड़ने पर महबूब ने 22 अगस्त 2020 को पडरी मेहदियां स्थित बड़ौदा बैंक की शाखा पर लोन के लिए आवेदन किया। वहां बैंक मैनेजर ने बताया कि उसके नाम से पहले से 12 लाख रुपये का ऋण पडरौना एसबीआई की मुख्य शाखा से लिया गया है। मैनेजर की यह बात सुनते ही महबूब बेहोश हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब एक माह तक उसका इलाज हुआ।
इसके बाद 18 सितंबर 2020 को वह पडरौना एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक के पास गया तो वहां पर उसका हमनाम महबूब आलम भी मौजूद था। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने शाखा प्रबंधक से फर्जी लोन की शिकायत की तो उन्होंने और वहां मौजूद उसके हमनाम ने जान से मारने की धमकी देते हुए उसे बाहर भगा दिया। इसके बाद पर उसने एसबीआई के उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन तीन वर्ष बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। एसपी और कोतवाली पुलिस कार्रवाई की बजाए सुलह के लिए दबाव बनाने लगी। तब पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर शनिवार रात पडरौना एसबीआई के शाखा प्रबंधक, फील्ड अफसर और ढोलहा गांव निवासी पीड़ित के हमनाम महबूब आलम पर धोखाधड़ी, अभिलेखों में हेराफेरी समेत कई गंभीर धाराओं में पडरौना कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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मामला गंभीर है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा मामला होगा तो जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पीड़ित अभी मेरे सामने ऐसी कोई शिकायत लेकर नहीं आया है।
-राकेश गुप्ता, शाखा प्रबंधक, एसबीआई पडरौना मुख्य शाखा
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35 लाख छह लोगों को ऋण फर्जी खतौनी पर दे चुके हैं बैंककर्मी
कमीशन के खेल में फर्जी अभिलेखों पर बैंकों से ऋण देने का कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले वर्ष 2016-17 में बड़ौदा यूपी बैंक से छह लोगों ने दूसरे की जमीन की फर्जी खतौनी बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 13 लाख का ऋण ले लिया था। इसकी जानकारी होने पर 28 जनवरी 2024 को शाखा प्रबंधक ने केस दर्ज कराया। लेकिन अभी तक इस मामले में गलत तरीके से बैंक से ऋण लेने वालों से वसूली नहीं हो सकी। कमीशन के खेल में ऋण देने वाले बैंक के कर्मचारियों पर भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी।
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-कोर्ट के आदेश पर बैंक प्रबंधक और हमनाम जालसाज समेत तीन पर दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के ढोलहा गांव के एक व्यक्ति के नाम पर उसी के गांव के एक हमनाम ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्टेट बैंक की पडरौना शाखा से 12 लाख रुपये का कर्ज ले लिया। पीड़ित को इसका पता तब चला जब उसने एक अन्य बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। पीड़ित ने बैंक प्रबंधक पर इस मामले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने कोर्ट की शरण ली, जिसके निर्देश पर पुलिस ने पीड़ित के हमनाम, एबसीआई पडरौना शाखा के प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र ढोलहा गांव निवासी महबूब आलम अंसारी दूसरे शहर में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनके गांव में उन्हीं के नाम का एक और व्यक्ति है, जिसके पिता का नाम अब्दुल रब है। अब्दुल रब के बेटे ने बाहर नौकरी कर रहे महबूब आलम के नाम से फर्जी आधार, पैन व अन्य कागजात तैयार कर पडरौना एसबीआई की मुख्य शाखा से 12 लाख रुपये लोन ले लिया। रुपयों की जरूरत पड़ने पर महबूब ने 22 अगस्त 2020 को पडरी मेहदियां स्थित बड़ौदा बैंक की शाखा पर लोन के लिए आवेदन किया। वहां बैंक मैनेजर ने बताया कि उसके नाम से पहले से 12 लाख रुपये का ऋण पडरौना एसबीआई की मुख्य शाखा से लिया गया है। मैनेजर की यह बात सुनते ही महबूब बेहोश हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब एक माह तक उसका इलाज हुआ।
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इसके बाद 18 सितंबर 2020 को वह पडरौना एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक के पास गया तो वहां पर उसका हमनाम महबूब आलम भी मौजूद था। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने शाखा प्रबंधक से फर्जी लोन की शिकायत की तो उन्होंने और वहां मौजूद उसके हमनाम ने जान से मारने की धमकी देते हुए उसे बाहर भगा दिया। इसके बाद पर उसने एसबीआई के उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन तीन वर्ष बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। एसपी और कोतवाली पुलिस कार्रवाई की बजाए सुलह के लिए दबाव बनाने लगी। तब पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर शनिवार रात पडरौना एसबीआई के शाखा प्रबंधक, फील्ड अफसर और ढोलहा गांव निवासी पीड़ित के हमनाम महबूब आलम पर धोखाधड़ी, अभिलेखों में हेराफेरी समेत कई गंभीर धाराओं में पडरौना कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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मामला गंभीर है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा मामला होगा तो जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पीड़ित अभी मेरे सामने ऐसी कोई शिकायत लेकर नहीं आया है।
-राकेश गुप्ता, शाखा प्रबंधक, एसबीआई पडरौना मुख्य शाखा
35 लाख छह लोगों को ऋण फर्जी खतौनी पर दे चुके हैं बैंककर्मी
कमीशन के खेल में फर्जी अभिलेखों पर बैंकों से ऋण देने का कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले वर्ष 2016-17 में बड़ौदा यूपी बैंक से छह लोगों ने दूसरे की जमीन की फर्जी खतौनी बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 13 लाख का ऋण ले लिया था। इसकी जानकारी होने पर 28 जनवरी 2024 को शाखा प्रबंधक ने केस दर्ज कराया। लेकिन अभी तक इस मामले में गलत तरीके से बैंक से ऋण लेने वालों से वसूली नहीं हो सकी। कमीशन के खेल में ऋण देने वाले बैंक के कर्मचारियों पर भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी।