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Kushinagar News: भाले से हमला करने के मामले में एक गिरफ्तार
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- बृहस्पतिवार की रात तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास गांव में दो पक्षों में हुआ था विवाद
- भाले के हमले में एक व्यक्ति की हो गई थी मौत, पांच लोग हुए थे घायल
- देर रात एएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया था जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास में बृहस्पतिवार की रात बच्चों के विवाद में भाले से हमला करने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें घायलों का इलाज चल रहा है। भाले से हमला करने का मुख्य आरोपी परिवार सहित घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है।
बाकखास में बच्चों के बीच हुए विवाद को लेकर दो पक्ष बृहस्पतिवार की रात आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान भाला लगने से एक पक्ष के धर्मनाथ यादव (35) की मौत हो गई, जबकि इनके बड़े भाई रामानंद यादव (40), अमरजीत (8), धुमा देवी (32), कुसुम देवी, आवती देवी और प्रियंका को भी चोटें आईं। रामानंद यादव और अमरजीत यादव सहित चार लोगो का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मुख्य आरोपी शिव यादव परिवार सहित फरार बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
एएसपी रितेश सिंह ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
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मूलरूप से बिहार के बैजुआ गांव के निवासी हैं दोनों परिवार
बताया जा रहा है कि बिहार के बैजुआ गांव के मूल निवासी भोज यादव कटान की समस्या के कारण तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास (टोला नंबर-दो) में आकर बस गए थे। कुछ वर्ष पहले उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र रामानंद यादव और धर्मनाथ यादव का गांव के लोगों से अच्छा मेल-मिलाप है। किसी से दुश्मनी नहीं थी। करीब एक वर्ष पहले पड़ोसी शिव यादव के घर से खेत-मेड़ को लेकर विवाद हुआ, तब से बातचीत बंद थी। शिव यादव का परिवार भी मूल रूप से बिहार के बैजुआ गांव का ही निवासी है। वे भी करीब 20 वर्ष पहले बाकखास गांव में आकर बस गए थे।
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एक माह पूर्व पड़ गई थी विवाद की नींव
करीब एक माह पूर्व शिव यादव के परिवार से धर्मनाथ यादव के परिवार से विवाद हुआ था। तभी विवाद की नींव पड़ गई थी। हालांकि, मामला शांत हो गया था। स्थानीय लोग और मौके की परिस्थितियां बता रही हैं कि बृहस्पतिवार की घटना के कारण भले ही दो बच्चों का विवाद रहा हो, लेकिन मुख्य आरोपी शिव यादव के पक्ष से पूरे साजिश के तहत मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि बृहस्पतिवार को मौके से पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक लाठियां और तीन नुकीले भाले बरामद किए हैं।
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बच्चों को लेकर बढ़ा था विवाद
बृहस्पतिवार की शाम रामानंद के आठ वर्षीय बेटे अमरजीत और शिव यादव के बेटे के बीच विवाद हुआ था। इसके कुछ देर बाद रामानंद की बेटी प्रियंका (16) को मारा-पीटा गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक इसके बाद रात में 15 से अधिक संख्या में महिला-पुरुष ने गोलबंद होकर लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर, धारदार हथियार और भाले के साथ पीड़ित परिवार पर हमला बोल दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान भाले से कई प्रहार के बाद धर्मनाथ यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रामानंद और अमरजीत सहित परिवार की महिलाओं को भी मारा-पीटा गया। अमरजीत (8) की दो अंगुलियां धारदार हथियार के प्रहार से कट गईं। सूचना के करीब दो घंटे बाद तरयासुजान पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आरोपी आसानी से घर छोड़कर भाग चुके थे।
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पीड़ित परिवार का आरोप सूचना के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस
तमकुहीराज। दो पक्षों में हुई मारपीट में धर्मनाथ यादव की मौके पर मौत के बाद से गांव में दहशत है। यही कारण है कि कोई भी स्थानीय बीच-बचाव करने के लिए आगे नहीं आया। मारपीट के बाद घायल लोग दर्द से कराह रहे थे, लेकिन गांव के किसी भी आदमी की हिम्मत नहीं हुई कि मौके पर मदद के लिए पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट की तरयासुजान पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन करीब दो घंटे तक कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इतना समय आरोपियों को भागने के लिए पर्याप्त साबित हुआ और वह भाग निकले। पुलिस अब गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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मुख्य आरोपी का पूरे गांव में है दबदबा
बृहस्पतिवार को घटना के समय पहुंचे सगे भाई के साथ भी की गई मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। बृहस्पतिवार की रात मारपीट एवं हत्या के मुख्य आरोपी शिव यादव मूल रूप से बिहार के बैजुआ का मूल निवासी है। करीब 20 वर्ष पहले तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास के टोला नंबर-दो में आकर बस गए। मुख्य आरोपी शिव यादव के परिवार का गांव के अधिकतर लोगों से अनबन बताया जा रहा है। पूर्व में गांव के तीन परिवारों के लोगों के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण शिव यादव का मनोबल बढ़ता गया और उसी का परिणाम बृहस्पतिवार को सामने आया, जिसमे भाले के प्रहार से धर्मनाथ यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोग बताते हैं कि शिव यादव के खेत के अगल-बगल जिन लोगों का खेत है, वे सभी परेशान हैं। आरोप है कि खेत की मेड़ को काटकर अपने खेत में मिलाने में यह परिवार माहिर है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। गोली-बंदूक की धमकी दी जाती है। घटना के बाद आरोपी शिव यादव और चंद्रिका यादव के परिवार के लोग घर छोड़कर गायब हैं। पुलिस इनकी टोह में दबिश दे रही है। घटना के बाद से शुक्रवार को मुख्य आरोपी और सहयोगी चंद्रिका के दरवाजे पर सन्नाटा पसरा रहा। शिव यादव के दरवाजे पर करीब एक दर्जन दुधारु पशु घटना के बाद से ही अपने स्थान पर बंधे थे।
लोगों ने बताया बृहस्पतिवार को विवाद के समय मुख्य आरोपी के सगे भाई अशरफी यादव बीचबचाव करने पहुंचे थे, लेकिन गोलबंद आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद अशरफी यादव ने भागकर जान बचाई।
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- भाले के हमले में एक व्यक्ति की हो गई थी मौत, पांच लोग हुए थे घायल
- देर रात एएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया था जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास में बृहस्पतिवार की रात बच्चों के विवाद में भाले से हमला करने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें घायलों का इलाज चल रहा है। भाले से हमला करने का मुख्य आरोपी परिवार सहित घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है।
बाकखास में बच्चों के बीच हुए विवाद को लेकर दो पक्ष बृहस्पतिवार की रात आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान भाला लगने से एक पक्ष के धर्मनाथ यादव (35) की मौत हो गई, जबकि इनके बड़े भाई रामानंद यादव (40), अमरजीत (8), धुमा देवी (32), कुसुम देवी, आवती देवी और प्रियंका को भी चोटें आईं। रामानंद यादव और अमरजीत यादव सहित चार लोगो का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मुख्य आरोपी शिव यादव परिवार सहित फरार बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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एएसपी रितेश सिंह ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
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मूलरूप से बिहार के बैजुआ गांव के निवासी हैं दोनों परिवार
बताया जा रहा है कि बिहार के बैजुआ गांव के मूल निवासी भोज यादव कटान की समस्या के कारण तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास (टोला नंबर-दो) में आकर बस गए थे। कुछ वर्ष पहले उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र रामानंद यादव और धर्मनाथ यादव का गांव के लोगों से अच्छा मेल-मिलाप है। किसी से दुश्मनी नहीं थी। करीब एक वर्ष पहले पड़ोसी शिव यादव के घर से खेत-मेड़ को लेकर विवाद हुआ, तब से बातचीत बंद थी। शिव यादव का परिवार भी मूल रूप से बिहार के बैजुआ गांव का ही निवासी है। वे भी करीब 20 वर्ष पहले बाकखास गांव में आकर बस गए थे।
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एक माह पूर्व पड़ गई थी विवाद की नींव
करीब एक माह पूर्व शिव यादव के परिवार से धर्मनाथ यादव के परिवार से विवाद हुआ था। तभी विवाद की नींव पड़ गई थी। हालांकि, मामला शांत हो गया था। स्थानीय लोग और मौके की परिस्थितियां बता रही हैं कि बृहस्पतिवार की घटना के कारण भले ही दो बच्चों का विवाद रहा हो, लेकिन मुख्य आरोपी शिव यादव के पक्ष से पूरे साजिश के तहत मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि बृहस्पतिवार को मौके से पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक लाठियां और तीन नुकीले भाले बरामद किए हैं।
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बच्चों को लेकर बढ़ा था विवाद
बृहस्पतिवार की शाम रामानंद के आठ वर्षीय बेटे अमरजीत और शिव यादव के बेटे के बीच विवाद हुआ था। इसके कुछ देर बाद रामानंद की बेटी प्रियंका (16) को मारा-पीटा गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक इसके बाद रात में 15 से अधिक संख्या में महिला-पुरुष ने गोलबंद होकर लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर, धारदार हथियार और भाले के साथ पीड़ित परिवार पर हमला बोल दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान भाले से कई प्रहार के बाद धर्मनाथ यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रामानंद और अमरजीत सहित परिवार की महिलाओं को भी मारा-पीटा गया। अमरजीत (8) की दो अंगुलियां धारदार हथियार के प्रहार से कट गईं। सूचना के करीब दो घंटे बाद तरयासुजान पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आरोपी आसानी से घर छोड़कर भाग चुके थे।
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पीड़ित परिवार का आरोप सूचना के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस
तमकुहीराज। दो पक्षों में हुई मारपीट में धर्मनाथ यादव की मौके पर मौत के बाद से गांव में दहशत है। यही कारण है कि कोई भी स्थानीय बीच-बचाव करने के लिए आगे नहीं आया। मारपीट के बाद घायल लोग दर्द से कराह रहे थे, लेकिन गांव के किसी भी आदमी की हिम्मत नहीं हुई कि मौके पर मदद के लिए पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट की तरयासुजान पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन करीब दो घंटे तक कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इतना समय आरोपियों को भागने के लिए पर्याप्त साबित हुआ और वह भाग निकले। पुलिस अब गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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मुख्य आरोपी का पूरे गांव में है दबदबा
बृहस्पतिवार को घटना के समय पहुंचे सगे भाई के साथ भी की गई मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। बृहस्पतिवार की रात मारपीट एवं हत्या के मुख्य आरोपी शिव यादव मूल रूप से बिहार के बैजुआ का मूल निवासी है। करीब 20 वर्ष पहले तरयासुजान थाना क्षेत्र के बाकखास के टोला नंबर-दो में आकर बस गए। मुख्य आरोपी शिव यादव के परिवार का गांव के अधिकतर लोगों से अनबन बताया जा रहा है। पूर्व में गांव के तीन परिवारों के लोगों के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण शिव यादव का मनोबल बढ़ता गया और उसी का परिणाम बृहस्पतिवार को सामने आया, जिसमे भाले के प्रहार से धर्मनाथ यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोग बताते हैं कि शिव यादव के खेत के अगल-बगल जिन लोगों का खेत है, वे सभी परेशान हैं। आरोप है कि खेत की मेड़ को काटकर अपने खेत में मिलाने में यह परिवार माहिर है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। गोली-बंदूक की धमकी दी जाती है। घटना के बाद आरोपी शिव यादव और चंद्रिका यादव के परिवार के लोग घर छोड़कर गायब हैं। पुलिस इनकी टोह में दबिश दे रही है। घटना के बाद से शुक्रवार को मुख्य आरोपी और सहयोगी चंद्रिका के दरवाजे पर सन्नाटा पसरा रहा। शिव यादव के दरवाजे पर करीब एक दर्जन दुधारु पशु घटना के बाद से ही अपने स्थान पर बंधे थे।
लोगों ने बताया बृहस्पतिवार को विवाद के समय मुख्य आरोपी के सगे भाई अशरफी यादव बीचबचाव करने पहुंचे थे, लेकिन गोलबंद आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद अशरफी यादव ने भागकर जान बचाई।