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महाशिवरात्रि पर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 25 Feb 2017 12:52 AM IST
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महाशिवराित्रत्रि
- फोटो : अमर उजाला
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महाशिवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार की भोर से ही सभी शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लग गया। श्रद्घालुओं ने शिवमंदिरों में बेलपत्र, भांग, धतूर, पुष्प सहित विभिन्न सामग्रियों के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्घि की कामना की। प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन पूरे दिन चलता रहा।
फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि के लिए इस बार भी सभी शिवालयों में भव्य तैयारियां की गई थीं। पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित प्राचीन भन्नुनाथ शिवमंदिर में बृहस्पतिवार से ही 24 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया था। व्यवस्थापक शिवकुमार श्रीवास्तव की देख-रेख में गायक रमेश कुमार सहित अन्य श्रद्घालुओं ने शुक्रवार को दोपहर बाद तक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया।
शुक्रवार को भोर से ही इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के लिए छावनी, लाला टोला, पोखरी, बलुचहां, गायत्री नगर सहित अन्य गांवों और मुहल्लों के लोगों ने मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्घि की कामना की। दोपहर बाद अनुष्ठान की पूर्णाहुति हुई। छावनी के ही महादेव मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ लगी रही। इसके अलावा नगर के शिवाला मंदिर, लमुहा शिवमंदिर, लखरांव मंदिर, बुढ़िया माता मंदिर में भी श्रद्घालुओं ने पूजा अर्चना की। इसके अलावा बालखंडी स्थान, करहिया शिवमंदिर, सखवनिया, शिवपुर, मैनपुर कोट, मल्लूडीह, कसया, राजापाकड़ के शिवमंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्घालुओं का जमावड़ा लगा रहा। मंदिरों में लगे मेले में बच्चों ने खिलौने और अन्य सामान खरीदे।
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कुबेरनाथ शिवमंदिर में शुक्रवार को ब्रह्ममूहुर्त से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां बृहस्पतिवार की देर शाम से ही बाहर से आने वाले श्रद्घालुओं की भीड़ लगने लगी थी। रात्रि विश्राम के बाद श्रद्घालुओं ने लाइन में खड़े होकर भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूर, पुष्प आदि के साथ जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के मुख्य गेट तथा गर्भ गृह को आधी रात के बाद से ही खोल दिया गया था, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कठिनाई न हो। सभी शिव भक्त धतूर, अक्षत, गुड़, चंदन, मधु, दूध, गंगा जल तथा पूजन सामग्री लिए हुए भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मन्नतें मांग रहे थे।
भक्तों की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुष शिव भक्तों की अलग अलग लाइन लगाई गई थी, जो बारी बारी से मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। मंदिर के मुख्य गेट पर लगी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल को तैनात किया गया था। सीसीटीवी कैमरों से मंदिर तथा परिसर में आने जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। मंदिर की सुरक्षा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुबेरस्थान थाने के एसओ अनिल कुमार दुबे की अगुवाई में पांच अन्य थानेदार, तीन पुरुष तथा एक महिला उपनिरीक्षक, 30 पुरुष तथा सोलह महिला कांस्टेबल, दो यातायात पुलिस के जवान, एक अग्निशमन दस्ता तथा डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार अमवा शिवमंदिर, धर्मसमधा स्थित शिवमंदिर, विश्वदर्शन मंदिर के शिवालय, बनरहा कुटी सहित क्षेत्र के सभी शिवमंदिरों में श्रद्घालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष के साथ जलाभिषेक किया। यहां मेला भी लगा रहा।
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फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि के लिए इस बार भी सभी शिवालयों में भव्य तैयारियां की गई थीं। पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित प्राचीन भन्नुनाथ शिवमंदिर में बृहस्पतिवार से ही 24 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया था। व्यवस्थापक शिवकुमार श्रीवास्तव की देख-रेख में गायक रमेश कुमार सहित अन्य श्रद्घालुओं ने शुक्रवार को दोपहर बाद तक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया।
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शुक्रवार को भोर से ही इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के लिए छावनी, लाला टोला, पोखरी, बलुचहां, गायत्री नगर सहित अन्य गांवों और मुहल्लों के लोगों ने मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्घि की कामना की। दोपहर बाद अनुष्ठान की पूर्णाहुति हुई। छावनी के ही महादेव मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ लगी रही। इसके अलावा नगर के शिवाला मंदिर, लमुहा शिवमंदिर, लखरांव मंदिर, बुढ़िया माता मंदिर में भी श्रद्घालुओं ने पूजा अर्चना की। इसके अलावा बालखंडी स्थान, करहिया शिवमंदिर, सखवनिया, शिवपुर, मैनपुर कोट, मल्लूडीह, कसया, राजापाकड़ के शिवमंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्घालुओं का जमावड़ा लगा रहा। मंदिरों में लगे मेले में बच्चों ने खिलौने और अन्य सामान खरीदे।
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कुबेरनाथ शिवमंदिर में शुक्रवार को ब्रह्ममूहुर्त से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां बृहस्पतिवार की देर शाम से ही बाहर से आने वाले श्रद्घालुओं की भीड़ लगने लगी थी। रात्रि विश्राम के बाद श्रद्घालुओं ने लाइन में खड़े होकर भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूर, पुष्प आदि के साथ जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के मुख्य गेट तथा गर्भ गृह को आधी रात के बाद से ही खोल दिया गया था, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कठिनाई न हो। सभी शिव भक्त धतूर, अक्षत, गुड़, चंदन, मधु, दूध, गंगा जल तथा पूजन सामग्री लिए हुए भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मन्नतें मांग रहे थे।
भक्तों की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुष शिव भक्तों की अलग अलग लाइन लगाई गई थी, जो बारी बारी से मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। मंदिर के मुख्य गेट पर लगी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल को तैनात किया गया था। सीसीटीवी कैमरों से मंदिर तथा परिसर में आने जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। मंदिर की सुरक्षा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुबेरस्थान थाने के एसओ अनिल कुमार दुबे की अगुवाई में पांच अन्य थानेदार, तीन पुरुष तथा एक महिला उपनिरीक्षक, 30 पुरुष तथा सोलह महिला कांस्टेबल, दो यातायात पुलिस के जवान, एक अग्निशमन दस्ता तथा डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार अमवा शिवमंदिर, धर्मसमधा स्थित शिवमंदिर, विश्वदर्शन मंदिर के शिवालय, बनरहा कुटी सहित क्षेत्र के सभी शिवमंदिरों में श्रद्घालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष के साथ जलाभिषेक किया। यहां मेला भी लगा रहा।