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Kushinagar News: खाद के लिए अब आधार कार्ड संग खतौनी भी जरूरी, धांधली के बाद बदला नियम
Sat, 23 Aug 2025 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:09 AM IST
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बंद पड़ी सहकारी समिति सिधावे। संवाद
पडरौना। खाद वितरण में सामने आई धांधली के बाद अब जाकर कृषि विभाग गंभीर हुआ है। आने वाले दिनों में खाद के लिए किसानों को भटकना न पड़े। इसके लिए कृषि विभाग ने नियमों में बदलाव किया है, जिसके अनुसार अब किसानों को आधार कार्ड के साथ खतौनी भी अनिवार्य कर दिया है।
विभाग को उम्मीद है कि नियम के बदलाव होने से मनमाने तरीके से खाद बेचने और खरीदने वालों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके लिए कृषि विभाग ने प्राइवेट दुकानदारों के साथ सहकारी समिति के सचिवों को निर्देश जारी किए हैं।
एक तरफ कृषि विभाग जिले में यूरिया समेत अन्य खाद की उपलब्धता का दावा कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ से जिले में उर्वरक की कमी से किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले के रामकोला और कप्तानगंज के किसान यूरिया के लिए सबसे अधिक परेशान हैं। जिले में यूरिया की कील्लत की विभाग की तरफ से जब निगरानी शुरू हुई तो कई ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिन्होंने एक माह में 30 से 40 बोरी तक यूरिया लिए हैं।
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वहीं अन्य किसान एक-एक बोरी यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगाते दिखे। इस तरह की धांधली सामने के बाद कृषि विभाग राजस्व टीम से अधिक यूरिया की खरीदारी करने वाले किसानों के खतौनी का सत्यापन करा रहा है।
इसके अलावा जिले में यूरिया की किल्लत अब आगे न हो इसके लिए कृषि विभाग ने आधार से खाद बिक्री के साथ अब खतौनी को भी अनिवार्य कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि खाद की किल्लत को रोकने के लिए यूरिया की खरीदारी पर आधार कार्ड के साथ खतौनी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में 5840 एमटी यूरिया, 4409 एमटी डीएपी, 1042 एमटी एमओपी, 3851 एमटी एनपीके और 4860 एमटी एसएसपी की उपलब्धता है।
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विभाग को उम्मीद है कि नियम के बदलाव होने से मनमाने तरीके से खाद बेचने और खरीदने वालों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके लिए कृषि विभाग ने प्राइवेट दुकानदारों के साथ सहकारी समिति के सचिवों को निर्देश जारी किए हैं।
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एक तरफ कृषि विभाग जिले में यूरिया समेत अन्य खाद की उपलब्धता का दावा कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ से जिले में उर्वरक की कमी से किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले के रामकोला और कप्तानगंज के किसान यूरिया के लिए सबसे अधिक परेशान हैं। जिले में यूरिया की कील्लत की विभाग की तरफ से जब निगरानी शुरू हुई तो कई ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिन्होंने एक माह में 30 से 40 बोरी तक यूरिया लिए हैं।
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वहीं अन्य किसान एक-एक बोरी यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगाते दिखे। इस तरह की धांधली सामने के बाद कृषि विभाग राजस्व टीम से अधिक यूरिया की खरीदारी करने वाले किसानों के खतौनी का सत्यापन करा रहा है।
इसके अलावा जिले में यूरिया की किल्लत अब आगे न हो इसके लिए कृषि विभाग ने आधार से खाद बिक्री के साथ अब खतौनी को भी अनिवार्य कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि खाद की किल्लत को रोकने के लिए यूरिया की खरीदारी पर आधार कार्ड के साथ खतौनी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में 5840 एमटी यूरिया, 4409 एमटी डीएपी, 1042 एमटी एमओपी, 3851 एमटी एनपीके और 4860 एमटी एसएसपी की उपलब्धता है।