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आयुष्मान कार्ड धारकों को उपचार कराने में नहीं होगी परेशानी : सीएमओ

Sun, 10 Jul 2022 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 11:24 PM IST
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not problam in treatment
आयुष्मान कार्ड धारकों को उपचार कराने में नहीं होगी परेशानी : सीएमओ
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-18 लाख से अधिक लोगों का बनना है गोल्डेन कार्ड, उपचार कराने में मिलेगी सहूलियत
-अस्पताल के दीवारों पर आयुष्मान कार्ड से उपचार कराने का लिखा जाएगा ब्योरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार में आनाकानी करने वाले निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग नए कदम उठा रहा है। अब अस्पताल की दीवारों पर ही यह अंकित करना होगा कि उनके यहां आयुष्मान कार्ड पर किन- किन रोगों के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी इसकी जांच भी करेंगे।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि कई आयुष्मान कार्ड धारकों ने शिकायत की थी कि आयुष्मान कार्ड ले जाने पर निजी अस्पताल उपचार करने में आनाकानी करते हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड से उपचार कराने में कोई असुविधा नहीं, इसके लिए अधिकृत निजी अस्पताल के संचालकों को अस्पताल की दीवार पर अंकित कराना होगा कि आयुष्मान कार्ड से किन-किन बीमारियों का उपचार किया जाता है। पांच लाख रुपये तक मुफ्त में उपचार कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अंत्योदय कार्ड जिसका बन चुुका है। सबका आयुष्मान कार्ड बनेगा, वह एक वर्ष में पांच लाख का उपचार करा सकता है।
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इतने लोगों को मिलेगी उपचार की सुविधा
जिले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 1868042 लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसमें आयुुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (गोल्डेन कार्ड) 1,492701 लोगों का कार्ड बनाने को लक्ष्य है। इसमें मई तक 338182 लोगों का ही कार्ड बन पाया है, जो 22.66 प्रतिशत है। वहीं जून में 349196 लाभार्थी का कार्ड बन पाया, जो 23.39 प्रतिशत है। 80,885 निरस्त किया गया।
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मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के (गोल्डेन कार्ड) जिले में 375341 बनाने का लक्ष्य मिला है। इसमें से मई तक 58806 लाभार्थी का कार्ड बन पाया। 15.67 प्रतिशत है। वहीं जून तक 68281 लाभार्थी का कार्ड बन पाया है। 18.19 प्रतिशत है। 6072 निरस्त किया गया है।

जिले में कई निजी अस्पताल वाले आयुष्मान कार्ड (गोल्डेन कार्ड) वाले का उपचार में आनाकानी करते हैं। मरीजों व तीमारदारों की सुविधा के लिए जिस अस्पताल पर गोल्डेन कार्ड से उपचार होता है। उन्हें अपने दीवार पर उपचार का ब्योरा लिखवाने का निर्देश दिया गया है। अब आनाकानी करने पर कार्रवाई होगी। मरीज अपने कार्ड पर पांच लाख रुपये तक मुफ्त में उपचार करा सकता है।
डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ
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