{"_id":"5a1db20c4f1c1bc8678be8a2","slug":"not-allowed-illegal-sand-mining","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं रूक रहा अवैध बालू खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं रूक रहा अवैध बालू खनन
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
नाव से ले जाते हैं बालू।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्ष्मीगंज। सफेद बालू के अवैध कारोबार में लगे लोग इतने प्रभावशाली हो गए हैं कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद हर दिन छोटी गंडक के विभिन्न घाटों से बालू लदी गाड़ियां निकल रही हैं। बालू लदी गाड़ियों के आवाजाही से लोग पुलिस की कार्रवाई को भी अब शक की नजर से देखने लगे हैं।
बालू खनन पर रोक के बाद प्रशासन ने पिछले दिनों अभियान चलाकर अवैध बालू लदी गाड़ियों पर कार्रवाई की थी। परंतु रामकोला थाना क्षेत्र में छोटी गंडक नदी के कोटिया, पगार गांव के मिश्रौली खाड़ी टोला, मुरली छपरा व खोटही गांव के बाला छत्तर, धोबी टोला, विश्वनाथपुर, काशीछपरा आदि घाटों से अवैध बालू खनन जारी है। शाम होते ही इन घाटों पर बालू के लिए गाड़ियां पहुंचने लगती हैं। देर रात तक गाड़ियां यहां से बालू लेकर जाती हैं। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार में लगे लोग रोज घाट बदल-बदलकर बालू निकलवा रहे हैं।
बालू निकालकर पहले सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया जाता है और बाद में उन्हें दूसरी गाड़ियों से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भेज दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो अवैध बालू के इस कारोबार संगठित गिरोह कार्य करता है। सबके कार्य बंटे हुए हैं। जैसे कोई घाट से कुछ दूर पहले निगरानी करता है तो कोई बालू लदी गाड़ियों के रास्ते पर नजर रखता है। कुछ लोगों को पुलिस व अन्य बाधाओं को मैनेज करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
चर्चा है कि अगर किसी ने बालू लदी गाड़ी के विषय में शिकायत कर दी तो पुलिस तत्काल मौके के लिए निकलती है लेकिन इससे पहले गाड़ी के चालक तक खबर पहुंच जाती है। फिर या तो वह रास्ता बदल लेता है या फिर कहीं गाड़ी छोड़कर खुद चालक ही गायब हो जाता है।इस संबंध में खनन अधिकारी सौरभ गुप्ता ने बताया कि कई जगह से अवैध खनन की शिकायत है। निकाय चुनाव के बाद प्रशासन की तरफ से छापेमारी शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
बालू खनन पर रोक के बाद प्रशासन ने पिछले दिनों अभियान चलाकर अवैध बालू लदी गाड़ियों पर कार्रवाई की थी। परंतु रामकोला थाना क्षेत्र में छोटी गंडक नदी के कोटिया, पगार गांव के मिश्रौली खाड़ी टोला, मुरली छपरा व खोटही गांव के बाला छत्तर, धोबी टोला, विश्वनाथपुर, काशीछपरा आदि घाटों से अवैध बालू खनन जारी है। शाम होते ही इन घाटों पर बालू के लिए गाड़ियां पहुंचने लगती हैं। देर रात तक गाड़ियां यहां से बालू लेकर जाती हैं। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार में लगे लोग रोज घाट बदल-बदलकर बालू निकलवा रहे हैं।
विज्ञापन
बालू निकालकर पहले सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया जाता है और बाद में उन्हें दूसरी गाड़ियों से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भेज दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो अवैध बालू के इस कारोबार संगठित गिरोह कार्य करता है। सबके कार्य बंटे हुए हैं। जैसे कोई घाट से कुछ दूर पहले निगरानी करता है तो कोई बालू लदी गाड़ियों के रास्ते पर नजर रखता है। कुछ लोगों को पुलिस व अन्य बाधाओं को मैनेज करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
चर्चा है कि अगर किसी ने बालू लदी गाड़ी के विषय में शिकायत कर दी तो पुलिस तत्काल मौके के लिए निकलती है लेकिन इससे पहले गाड़ी के चालक तक खबर पहुंच जाती है। फिर या तो वह रास्ता बदल लेता है या फिर कहीं गाड़ी छोड़कर खुद चालक ही गायब हो जाता है।इस संबंध में खनन अधिकारी सौरभ गुप्ता ने बताया कि कई जगह से अवैध खनन की शिकायत है। निकाय चुनाव के बाद प्रशासन की तरफ से छापेमारी शुरू कराई जाएगी।