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Kushinagar News: सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं...मेडिकल काॅलेज पर दबाव
Mon, 22 Sep 2025 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:54 PM IST
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मेडिकल काॅलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजो की भीड़।संवाद
पडरौना। जिले में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था बेहतर न होने से मरीज मजबूरी में निजी केंद्रों पर महंगे दाम पर जांच करा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। वैसे तो हाटा, कसया सीएचसी में मशीन तो है लेकिन ओपीडी मरीजों के लिए संचालन न होने से परेशानी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हाटा में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन केवल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के लिए होता है। इसमें गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है, लेकिन ओपीडी के मरीजों की जांच के लिए निजी सेंटरों पर भेजा जाता है। वहीं कसया में करीब चार माह पहले मशीन की खरीद कर ली गई है, लेकिन इसके संचालन की व्यवस्था विभाग की ओर से नहीं हो पाई है।
ऐसे में जिले के मरीजों को मेडिकल काॅलेज या निजी केंद्रों पर जांच कराना पड़ रहा है। मेडिकल काॅलेज में भीड बढ़ने पर मरीजों व गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है। मेडिकल काॅलेज में मरीज के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि अगर जिले की सभी सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा होती तो परेशानी नहीं होती। ब्लाॅक स्तर पर जांच न होने से निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच कराना पड़ता है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि जिले में हाटा में मशीन संचालन में है। इसमें गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। कसया में मशीन संचालन के लिए एक डॉक्टर प्रशिक्षण के लिए गए है। जल्द ही संचालन शुरू हो जाएगा। जिले में रेडियोलाजिस्ट की कमी से थोड़ी समस्या हो रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हाटा में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन केवल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के लिए होता है। इसमें गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है, लेकिन ओपीडी के मरीजों की जांच के लिए निजी सेंटरों पर भेजा जाता है। वहीं कसया में करीब चार माह पहले मशीन की खरीद कर ली गई है, लेकिन इसके संचालन की व्यवस्था विभाग की ओर से नहीं हो पाई है।
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ऐसे में जिले के मरीजों को मेडिकल काॅलेज या निजी केंद्रों पर जांच कराना पड़ रहा है। मेडिकल काॅलेज में भीड बढ़ने पर मरीजों व गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है। मेडिकल काॅलेज में मरीज के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि अगर जिले की सभी सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा होती तो परेशानी नहीं होती। ब्लाॅक स्तर पर जांच न होने से निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच कराना पड़ता है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि जिले में हाटा में मशीन संचालन में है। इसमें गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। कसया में मशीन संचालन के लिए एक डॉक्टर प्रशिक्षण के लिए गए है। जल्द ही संचालन शुरू हो जाएगा। जिले में रेडियोलाजिस्ट की कमी से थोड़ी समस्या हो रही है।