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Kushinagar News: फिजियोथेरेपी की मशीन नहीं, दर्द निवारण के बताए जा रहे व्यायाम
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी की सुविधा नहीं मिल पर रही है। मशीन नहीं होने से दर्द निवारण के व्यायाम बताकर फिजियोथेरेपिस्ट लौटा दे रहे हैं। मरीजों को फिजियोथेरेपी कराने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। हड्डी रोग और न्यूरो विभाग में आने वाले मरीजों को दवा देने के साथ डाक्टर फिजियोथेरेपी की सलाह दे रहे हैं। रोजाना फिजियोथेरेपी के लिए 25 से 35 मरीज पहुंच रहे हैं।
गर्दन, कमर, घुटना, कंधे में होने वाले दर्द का मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को फिजियोथेरेपी के लिए निजी केंद्रों पर पर जाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में समाज कल्याण विभाग की ओर से फिजियोथेरेपी की व्यवस्था की गई थी। डा. प्रमोद कुमार की तैनाती थी और मशीन भी लगी थी लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण करीब एक साल पहले यह सुविधा बंद हो गई।
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों फिजियोथेरेपिस्ट श्याम सिंह की तैनाती हैं। उन्हें पुरानी बिल्डिंग में एक कमरा मिला है। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में संचालित ओपीडी में न्यूरो, हड्डी रोग विभाग में आने वाले मरीजों को डाॅक्टर फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दे रहे हैं। मशीन नहीं होने से फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को दर्द निवारण के लिए व्यायाम बताकर भेज दे रहे हैं। फाजिलनगर के रामकृपाल के घुटने में दर्द था। डॉक्टर ने फिजियोथेरेपी की सलाह दी लेकिन मशीन नहीं होने से उनकी फिजियोथेरेपी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि व्यायाम करने के लिए बताया गया है। अंदर से दवा मिली है। कठकुईयां से आईं द्रोपती की कमर में दर्द था। मशीन नहीं होने के कारण उनकी भी फिजियोथेरेपी नहीं हो सकी। पटहेरवा से आए राहुल सिंह, प्रिंस कुशवाहा की गर्दन में दर्द था। फिजियोथेरेपिस्ट ने रोज सुबह व्यायाम करने की सलाह दी। फिजियोथेरेपिस्ट श्याम सिंह ने बताया कि एक भी मशीन नहीं है। जो मरीज आते हैं, उनको व्यायाम बताया जाता है। प्राचार्य से मशीनों की खरीदारी के लिए कई बार कहा जा चुका है।
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गर्दन, कमर, घुटना, कंधे में होने वाले दर्द का मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को फिजियोथेरेपी के लिए निजी केंद्रों पर पर जाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में समाज कल्याण विभाग की ओर से फिजियोथेरेपी की व्यवस्था की गई थी। डा. प्रमोद कुमार की तैनाती थी और मशीन भी लगी थी लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण करीब एक साल पहले यह सुविधा बंद हो गई।
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मेडिकल कॉलेज में इन दिनों फिजियोथेरेपिस्ट श्याम सिंह की तैनाती हैं। उन्हें पुरानी बिल्डिंग में एक कमरा मिला है। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में संचालित ओपीडी में न्यूरो, हड्डी रोग विभाग में आने वाले मरीजों को डाॅक्टर फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दे रहे हैं। मशीन नहीं होने से फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को दर्द निवारण के लिए व्यायाम बताकर भेज दे रहे हैं। फाजिलनगर के रामकृपाल के घुटने में दर्द था। डॉक्टर ने फिजियोथेरेपी की सलाह दी लेकिन मशीन नहीं होने से उनकी फिजियोथेरेपी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि व्यायाम करने के लिए बताया गया है। अंदर से दवा मिली है। कठकुईयां से आईं द्रोपती की कमर में दर्द था। मशीन नहीं होने के कारण उनकी भी फिजियोथेरेपी नहीं हो सकी। पटहेरवा से आए राहुल सिंह, प्रिंस कुशवाहा की गर्दन में दर्द था। फिजियोथेरेपिस्ट ने रोज सुबह व्यायाम करने की सलाह दी। फिजियोथेरेपिस्ट श्याम सिंह ने बताया कि एक भी मशीन नहीं है। जो मरीज आते हैं, उनको व्यायाम बताया जाता है। प्राचार्य से मशीनों की खरीदारी के लिए कई बार कहा जा चुका है।
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