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प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार

Fri, 24 Aug 2018 12:17 AM IST
कुशीनगर (ब्यूरो)
कुशीनगर (ब्यूरो) Updated Fri, 24 Aug 2018 12:17 AM IST
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No nutritious food can not be found
प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार - फोटो : अमर उजाला
पडरौना। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा स्वस्थ रहें, इसके लिए भारत सरकार की तरफ से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी संस्थागत प्रसव केंद्रों पर प्रसूताओं के लिए निशुल्क भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। उधर, जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं इनके अधीन अन्य प्रसव केंद्रों पर प्रसूताओं को शासन की गाइडलाइन के तहत डाइट नहीं दी जा रही है। इसकी पुष्टि शासनस्तर से जारी पत्र से भी हुई है। अन्य प्रसव केंद्रों पर भी यही स्थिति बताई जा रही है। इस मामले में दूसरे चरण की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। 
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर निदेशक ने कुशीनगर सहित सभी जनपदों के सीएमओ को प्रसूताओं को दी जाने वाली डाइट के लिए गाइडलाइन भेजी है। इसमें कहा गया है कि जिन जनपदों में टेंडर के जरिए भोजन देने के लिए सेवा प्रदाता कंपनियों का चयन नहीं हो पाया हो अथवा वेंडर छोड़कर चले गए हों, ऐसी दशा में जिला स्वास्थ्य समिति से स्वीकृति प्राप्त कर भोजन की व्यवस्था कराएं। उसके बाद सीडीओ एवं बीडीओ के सहयोग से ब्लॉक स्तर पर अच्छे एवं क्रियाशील महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से निशुल्क भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। । गाइडलाइन में बताया गया है कि किसी इकाई पर ताजे भोजन की व्यवस्था न की जा सके तो प्रभारी चिकित्साधिकारी प्रसूताओं को आधा लीटर दूध के दो पैकेट (लगभग 40 रुपये), दो फल अथवा दो अंडे (लगभग 20 रुपये), दोनों समय अच्छे ब्रांड की डबल रोटी तथा 20 ग्राम पैकेज्ड मक्खन उपलब्ध कराया जा सकता है। अपर मिशन निदेशक ने आगाह किया है कि प्रसूताओं को गर्म भोजन न उपलब्ध कराना उदासीनता मानी जाएगी। उन्होंने डाइट न उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस मामले में जिले के चार प्रभारी चिकित्साधिकारियों के हटाए जाने से जहां जिम्मेदार लोग कार्रवाई से बचने के लिए अपने क्षेत्र के कुछ माननीयों और उच्चाधिकारियों से एप्रोच लगाने में लगे हैं, वहीं शेष नौ प्रभारी चिकित्साधिकारी भी कार्रवाई के भय से चिंतित हैं। वित्तीय अनियमितता के इस मामले में जांच के लिए लगाए गए लोग भी सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के ही बताए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ.हरिचरण सिंह का कहना है कि प्रसूताओं को गाइडलाइन के अनुरूप भोजन न देने की जानकारी हुई है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। 
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