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Kushinagar News: जीएसटी अधिकारी बनकर हाईवे पर वसूली करने वाले नौ गिरफ्तार
Tue, 09 Jul 2024 05:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:20 AM IST
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पडरौना। पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फोरलेन व हाईवे पर माल की ढुलाई करने वाले ट्रकों से जीएसटी अधिकारी बनकर रकम वसूलता था। इसके लिए गिरोह के सदस्य जीएसटी के कागजात में कमी का बहाने बनाते थे। इस गिरोह ने अब कई ट्रकों से लाखों रुपये की ठगी की है। इस गिरोह के नौ सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उनके पास से पुलिस ने 66,500 रुपये नकद, दो बाइक, एक कार, 13 मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, 30 फर्जी सिम 12 कूट रचित मुहरें (सरकारी) व 8 कूट रचित सरकारी दस्तावेज मय कूट रचित हस्ताक्षर मोहर व पांच एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।
एएसपी अभिनव त्यागी ने सोमवार को पुलिस लाइन में इस गिरोह का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 30 जून को इस गैंग ने जयपुर के रहने वाले ट्रक मालिक व ड्राइवर के साथ ऑनलाइन साइबर ठगी की गई थी। इसके बाद भी उसे धमकाया जा रहा था। मानसिक रूप से प्रताडि़त होकर चालक ने तमकुहीराज थाने में केस दर्ज कराया था। फर्जी जीएसटी टीम के पर्दाफाश के लिए तमकुहीराज व साइबर थाना व स्वाट की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस ने गिरोह को ट्रेस कर लिया और कोटवा नहर चौराहे के पास छपरा अहिरौली मोड़ सड़क के पास से गिरोह में शामिल नासिर खान, मोईन खान व लालू यादव तीनों निवासी गाजीपुर बैरियर थाना तमकुहीराज, सैफ अली उर्फ टिंकू निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर थाना तमकुहीराज, महरुद्दीन निवासी परसौनी बुजुर्ग थाना तमकुहीराज, जैफ अली निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर, अजय कुमार चौहान उर्फ भोला निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर दो यशोधरा नगर थाना तमकुहीराज, मुखिया यादव उर्फ प्रिंस यादव निवासी गाजीपुर बैरियर तथा चंदन कुमार धोबी निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर दो यशोधरानगर थाना तमकुहीराज को गिरफ्तार कर लिया।
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ये सभी ट्रकों पर दर्ज ट्रांसपोर्टरों के मोबाइल नंबर की फोटो खींचकर खुद को सरकारी जीएसटी कर अधिकारी बताकर जीएसटी कर माल के संबंध में अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूट रचित सरकारी दस्तावेजों की मदद से धोखाधड़ी करते थे। साइबर ठगी कर मोटी रकम वसूलने वाला यह गिरोह हाईवे पर काफी दिनों से सक्रिय था। उनके कब्जे से अपराध में प्रयोग होने वाले उपकरण व अन्य सामान पुलिस ने बरामद किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में नासिर खान पर पशु तस्करी समेत छह, मुखिया यादव उर्फ प्रिंस यादव पर तीन, लालू यादव पर दो, मोईन खान पर दो और जैफ अली पर पहले से तीन केस दर्ज है।
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इस तरह वारदात को देते थे अंजाम
-गिरोह के सदस्य हाईवे वाले क्षेत्र में गोरखपुर से बिहार जाने वाले एनएच-28 के ढाबों व पेट्रोल पंपों पर दूसरे प्रदेशों के अलग-अलग टांसपोर्टरों के ट्रकों पर अंकित उनके मालिकों के मोबाइल नंबरों की फोटो मोबाइल में खींच लेते थे। गैर राज्य के ट्रक मालिकों ट्रांसपोर्टरों से फर्जी मोबाइल नंबरों से लदे मालों की डिलीवरी पार्टी बन कर संपर्क करते थे। अपने को सरकारी जीएसटी कर अधिकारी बताकर जीएसटी कर माल के संबंध में अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूटरचित सरकारी दस्तावेजों से छल व धोखाधड़ी करते थे। गैंग के सभी रकम का बंटवारा कर लेते थे। ऑनलाइन साइबर ठगी का यह गैंग धड़ल्ले से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहा था।
गैंग में शातिर अपराधी भी शामिल थे, जिनका विस्तृत आपराधिक इतिहास है। गैंग के सदस्य आपस में बदल-बदल कर चार पहिया व दो पहिया वाहनों में अदला-बदली कर अपराध को अंजाम देते थे। भिन्न-भिन्न जिलों के भिन्न भिन्न स्थानों पर यह सभी फर्जी सिम व फर्जी एटीएम कार्ड का उपयोग करते थे। अपराधियों का लंबा आपराधिक रिकार्ड देखकर आम चालक या ट्रांसपोर्टर शिकायत करने से डरते थे। एक बार यदि कोई ट्रांसपोर्टर इनके झांसे में आ जाता था तो गिरोह उससे बार-बार वसूली करता था।
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एएसपी अभिनव त्यागी ने सोमवार को पुलिस लाइन में इस गिरोह का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 30 जून को इस गैंग ने जयपुर के रहने वाले ट्रक मालिक व ड्राइवर के साथ ऑनलाइन साइबर ठगी की गई थी। इसके बाद भी उसे धमकाया जा रहा था। मानसिक रूप से प्रताडि़त होकर चालक ने तमकुहीराज थाने में केस दर्ज कराया था। फर्जी जीएसटी टीम के पर्दाफाश के लिए तमकुहीराज व साइबर थाना व स्वाट की संयुक्त टीम गठित की गई।
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पुलिस ने गिरोह को ट्रेस कर लिया और कोटवा नहर चौराहे के पास छपरा अहिरौली मोड़ सड़क के पास से गिरोह में शामिल नासिर खान, मोईन खान व लालू यादव तीनों निवासी गाजीपुर बैरियर थाना तमकुहीराज, सैफ अली उर्फ टिंकू निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर थाना तमकुहीराज, महरुद्दीन निवासी परसौनी बुजुर्ग थाना तमकुहीराज, जैफ अली निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर, अजय कुमार चौहान उर्फ भोला निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर दो यशोधरा नगर थाना तमकुहीराज, मुखिया यादव उर्फ प्रिंस यादव निवासी गाजीपुर बैरियर तथा चंदन कुमार धोबी निवासी हरिहरपुर वार्ड नंबर दो यशोधरानगर थाना तमकुहीराज को गिरफ्तार कर लिया।
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ये सभी ट्रकों पर दर्ज ट्रांसपोर्टरों के मोबाइल नंबर की फोटो खींचकर खुद को सरकारी जीएसटी कर अधिकारी बताकर जीएसटी कर माल के संबंध में अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूट रचित सरकारी दस्तावेजों की मदद से धोखाधड़ी करते थे। साइबर ठगी कर मोटी रकम वसूलने वाला यह गिरोह हाईवे पर काफी दिनों से सक्रिय था। उनके कब्जे से अपराध में प्रयोग होने वाले उपकरण व अन्य सामान पुलिस ने बरामद किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में नासिर खान पर पशु तस्करी समेत छह, मुखिया यादव उर्फ प्रिंस यादव पर तीन, लालू यादव पर दो, मोईन खान पर दो और जैफ अली पर पहले से तीन केस दर्ज है।
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इस तरह वारदात को देते थे अंजाम
-गिरोह के सदस्य हाईवे वाले क्षेत्र में गोरखपुर से बिहार जाने वाले एनएच-28 के ढाबों व पेट्रोल पंपों पर दूसरे प्रदेशों के अलग-अलग टांसपोर्टरों के ट्रकों पर अंकित उनके मालिकों के मोबाइल नंबरों की फोटो मोबाइल में खींच लेते थे। गैर राज्य के ट्रक मालिकों ट्रांसपोर्टरों से फर्जी मोबाइल नंबरों से लदे मालों की डिलीवरी पार्टी बन कर संपर्क करते थे। अपने को सरकारी जीएसटी कर अधिकारी बताकर जीएसटी कर माल के संबंध में अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूटरचित सरकारी दस्तावेजों से छल व धोखाधड़ी करते थे। गैंग के सभी रकम का बंटवारा कर लेते थे। ऑनलाइन साइबर ठगी का यह गैंग धड़ल्ले से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहा था।
गैंग में शातिर अपराधी भी शामिल थे, जिनका विस्तृत आपराधिक इतिहास है। गैंग के सदस्य आपस में बदल-बदल कर चार पहिया व दो पहिया वाहनों में अदला-बदली कर अपराध को अंजाम देते थे। भिन्न-भिन्न जिलों के भिन्न भिन्न स्थानों पर यह सभी फर्जी सिम व फर्जी एटीएम कार्ड का उपयोग करते थे। अपराधियों का लंबा आपराधिक रिकार्ड देखकर आम चालक या ट्रांसपोर्टर शिकायत करने से डरते थे। एक बार यदि कोई ट्रांसपोर्टर इनके झांसे में आ जाता था तो गिरोह उससे बार-बार वसूली करता था।