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Kushinagar News: नरवाजोत बांध की रात में निगरानी बढ़ाई

Sat, 03 Aug 2024 05:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 03 Aug 2024 05:16 AM IST
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Night surveillance of Narvajot dam increased
तमकुहीरोड। गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव और मौसम के रुख को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं सहित ग्रामीणों ने भी रात में नरवाजोत बांध की निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को आशंका है कि जिस तरह से बांध व ठोकर पर पिछले एक पखवाड़े से नदी का दबाव बना हुआ है। इस स्थिति में यदि डिस्चार्ज बढ़ता है तो वह बांध व ठोकर की सुरक्षा के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि नदी पहले से ही ठोकर से टकरा रही है और बांध के करीब पहुंच कर बह रही है।
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नरवाजोत बांध पर पिछले पंद्रह दिन से गंडक नदी का भारी दबाव बना हुआ है और नदी ठोकर के डाउन व अप स्ट्रीम में दोनों ओर लगभग इस समय भी जहां ठोकर के नोज से टकरा रही है, वही ठोकर के लगभग दो सौ मीटर के दायरे में बांध के काफी करीब पहुंच कर बह रही है, जो किसी खतरे के संकेत से कम नहीं है।
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इस खतरे को भांपते हुए जहां बाढ़ खंड विभाग के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि ने रात में भी तटबंधों की निगरानी करनी शुरू कर दी है।
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वही चिंतित ग्रामीण इस संभावित खतरे को लेकर चौकन्ना हो गए हैं और वह भी रात में अपने बंधे की चौकसी कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि नदी के डिस्चार्ज में लगातार उतार-चढ़ाव बने रहने और मौसम के मिजाज में हो रहे परिवर्तन से बांध की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। पिछले सप्ताह आधी रात में ही ठोकर का नोज धंस जाने से अफरातफरी मच गई थी और रात में ही भागकर अभियंताओं को बांध पर आना पड़ा था।

गांव के पुजारी सिंह, गुड्डू निषाद, राजेन्द्र सिंह, प्रभुनाथ यादव, राजू चौहान, बहादुर सिंह, बिरेन्द्र गोड़, अशोक निषाद का कहना है कि अभी बरसात बाकी है और जल प्लावन से देश का अधिकांश हिस्सा प्रभावित है। ऐसे में यहां भी खतरा बना हुआ। जिस समय ठोकर का निर्माण पूरा हुआ था अगर उसी समय बांध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिया गया होता तो शायद नदी को बांध तक आने से रोका जा सकता था।
इस संबंध में बाढ़ खंड तृतीय सेवरही के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि बांध की निरंतर निगरानी की जा रही है और फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
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