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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद नवजात की मौत, तीमारदारों का हंगामा

Thu, 16 May 2024 04:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 16 May 2024 04:14 AM IST
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Newborn dies after delivery in medical college, uproar among attendants
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। तीमारदारों ने डॉक्टर और स्टॉफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराया। पुलिस की पूछताछ ने स्टॉफ नर्स ने कहा कि डॉक्टर नहीं हैं। पुलिस ने बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गर्भवती का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र के रामपुर गवनरिया गांव के हरखौली गांव निवासी मंजीत मिश्रा की पत्नी किरन देवी को रविवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घर वाले उसे लेकर हाटा सीएचसी पहुंचे। कुछ देर इलाज के बाद डॉक्टर ने सुकरौली के तीतला के एक निजी अस्पताल में भेज दिया। पूरी रात गर्भवती का इलाज हुआ। तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन सोमवार को सुबह मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने खून की कमी बताई। सोमवार को एक यूनिट खून चढ़ाया गया। मंगलवार को दोपहर में प्रसव पीड़ा तेज हुई तो घर वालों ने ऑपरेशन करने की बात कही, लेकिन डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। देर शाम नार्मल बच्ची पैदा हुई।
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किरन के ससुर दिनेश मिश्र का आरोप है कि पैदा होने के बाद बच्ची रो रही थी। स्टाॅफ नर्स मिठाई खाने के लिए तीन हजार रुपये मांग रही थी। मैंने 500 रुपये दिया तो उसे जमीन पर फेंक दी। कुछ देर ओटी में रखने के बाद बच्ची को सौंपा तो बच्ची कोई हरकत नहीं कर रही थी। स्टॉफ नर्स से कहने पर उसने इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी। इमरजेंसी में घर वाले बच्ची को लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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वहां से बच्ची का शव लेकर तीमारदार एमसीएच विंग में संचालित महिला अस्पताल के ओटी में पहुंचे और हंगामा करने लगे। सूचना पर रविंद्र नगर थाने की पुलिस पहुंची। घटना की जानकारी लेने के बाद पुलिस ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ नर्स के पास गई। स्टॉफ नर्स डॉक्टर नहीं होने की बात कह अपना पल्ला झाड़ लिया। बच्ची की मौत के बाद प्रसूता की तबीयत और बिगड़ गई। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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छह माह में दो नवजातों की हो चुकी है मौत
मेडिकल कॉलेज में यह नवजात की मौत का पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन माह पहले फाजिलनगर क्षेत्र की एक महिला को आशा कार्यकर्ता ने कसया के एक निजी अस्पताल पहुंचा दिया। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां आने के बाद नवजात को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। दो माह पहले भी मेडिकल कॉलेज में तमकुहीराज क्षेत्र की सरिता देवी काे ऑपरेशन से बच्चा हुआ था। कुछ घंटे बाद नवजात की मौत हो गई थी। इस मामले में भी तीमारदारों ने हंगामा किया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

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मामला संज्ञान में है। रात को नवजात की मौत के बाद गर्भवती के घर वालों ने हंगामा किया था। कर्मचारियों को भी भला-बुरा कहा था। कोई डॉक्टर जानबूझकर बच्ची की जान तो लिया नहीं है। ओटी से बच्ची देने के लिए रुपये मांगने का आरोप तीमारदार लगा रहे हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई होगी। -डॉ. आरके शाही, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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