{"_id":"577e8cde4f1c1b93477faf0e","slug":"neither-helmets-nor-license-yet-filled-sprint","type":"story","status":"publish","title_hn":"न हेलमेट न लाइसेंस, फिर भी भरते हैं फर्राटा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न हेलमेट न लाइसेंस, फिर भी भरते हैं फर्राटा
ब्यूरो/अमर उजाला कुशीनगर
Updated Thu, 07 Jul 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हों।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अप्रशिक्षित और कम उम्र के किशोरों के हाथ में बाइक न केवल उनके लिए, बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी जानलेवा बन जाती है। ऐसे में यदि बाइक चालक हेलमेट भी न पहना हो तो स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है।
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय की जिम्मेदारी है कि बाइक अथवा अन्य वाहनों के चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले उनका भलीभांति परीक्षण कर ले। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय रवींद्रनगर के परिसर में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी बना है, जिस पर बाइक और चार पहिया वाहन चालकों का ट्रायल लेने के बाद ही लाइसेंस जारी करने का नियम है।
लेकिन पडरौना नगर ही नहीं जनपद के किसी भी क्षेत्र में ऐसे बाइक सवार मिल जाएंगे, जो नाबालिग, विकलांग या बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हों। ट्रैफिक नियम का भलीभांति ज्ञान न होने से बहुत से बाइक सवार दुर्घटना के शिकार हो जा रहे हैं। सर्वाधिक हादसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे हैं। बाइक सवारों के साथ होने वाले हादसे में ज्यादातर मामलों में बाइक चालक और उनके साथ बैठने वाले लोग हेलमेट लगाकर नहीं चलते। इतना ही नहीं दो सीट की बाइक पर तीन और कभी-कभी चार-पांच की संख्या में भी लोग बैठकर फर्राटे भरते हैं। हालांकि हाईकोर्ट का सख्त निर्देश है कि बाइक चालक और उनके साथ बैठा दूसरा व्यक्ति भी अनिवार्य रूप से बाइक चलाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय की जिम्मेदारी है कि बाइक अथवा अन्य वाहनों के चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले उनका भलीभांति परीक्षण कर ले। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय रवींद्रनगर के परिसर में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी बना है, जिस पर बाइक और चार पहिया वाहन चालकों का ट्रायल लेने के बाद ही लाइसेंस जारी करने का नियम है।
विज्ञापन
लेकिन पडरौना नगर ही नहीं जनपद के किसी भी क्षेत्र में ऐसे बाइक सवार मिल जाएंगे, जो नाबालिग, विकलांग या बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हों। ट्रैफिक नियम का भलीभांति ज्ञान न होने से बहुत से बाइक सवार दुर्घटना के शिकार हो जा रहे हैं। सर्वाधिक हादसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे हैं। बाइक सवारों के साथ होने वाले हादसे में ज्यादातर मामलों में बाइक चालक और उनके साथ बैठने वाले लोग हेलमेट लगाकर नहीं चलते। इतना ही नहीं दो सीट की बाइक पर तीन और कभी-कभी चार-पांच की संख्या में भी लोग बैठकर फर्राटे भरते हैं। हालांकि हाईकोर्ट का सख्त निर्देश है कि बाइक चालक और उनके साथ बैठा दूसरा व्यक्ति भी अनिवार्य रूप से बाइक चलाए।
विज्ञापन