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लापरवाही : डीआईओएस कार्यालय की चूक, चपरासी और बाबू ले गए प्रश्न पत्र और कॉपी
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निजी वाहन से ले जाई जा रही बोर्ड परीक्षा की कॉपियां।
पडरौना। बुधवार से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा की शुचिता पर पहले ही सवाल खड़ा हो गया है। यूपी बोर्ड की कॉपी और पेपर चपरासी, बाबू और केंद्र व्यवस्थापक अपने निजी वाहन से लेकर जा रहे हैं, साथ ही कॉपी और पेपर भेजने में कोई पारदर्शिता या सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। डीआईओएस की जिम्मेदारी है कि वह कॉपियों को अपनी निगरानी में परीक्षा केंद्र के स्ट्रांग रूम तक पहुंचाए। अभी एक कॉलेज के बाबू की मनमानी से सात 700 विद्यार्थियों के परीक्षा से वंचित होने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि डीआईओएस कार्यालय के जिम्मेदारों की ओर से पेपर परीक्षा केंद्रों पर भेजने में बरती गई।
शहर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज से प्रश्न पत्र और उदित नारायण इंटर कॉलेज को कोठार बनाया गया था। यहां से परीक्षा केंद्रों पर चपरासी, बाबू और केंद्र व्यवस्थापक खुद आकर पेपर और कॉपी ले गए, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक होगी। राज्य सरकार ने परीक्षा केंद्रों और अन्य सभी गतिविधियों की सुरक्षा को पहले से अधिक सख्ती का निर्देश दिया है। लेकिन कुशीनगर में सब बेमतलब दिखाई दे रहा है। परीक्षा को शुचिता के साथ संपन्न करवाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग, मजिस्ट्रेट निरीक्षण, पुलिस तैनाती और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन की निगरानी शामिल है। विभाग की यह लापरवाही पिछले साल की घटना को ताजा कर रही है, जिसमें कापियां बिना सुरक्षा के साधारण वाहनों से संकलन केंद्र तक जा रही थीं, इसमें लापरवाही के चलते कॉपियां गायब होने के बाद पूरे जिले में भूचाल आ गया था। ऐसे में इस साल परीक्षा को पारदर्शी और शुचिता के साथ कराए जाने के लिए कोई चूक न हो इसके पूरे इंतजाम होने चाहिए, लेकिन प्रारंभिक चरण में फिर सुरक्षा व व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसमें कोठार से कापियां और प्रश्न पत्र उन्हीं गार्ड, चपरासी और अन्य लोगों के माध्यम से केंद्रों तक पहुंच रही है। वहीं, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर कई सुरक्षा स्तर, मजिस्ट्रेट की तैनाती, कड़ी निगरानी और स्ट्रांग रूम जैसी व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है। वास्तव में उत्तर पुस्तिकाओं पर सील, बारकोड और मुहर के साथ कई सुरक्षा चिह्न लगाए जा रहे हैं ताकि नकल या छेड़छाड़ की संभावना कम हो सके। इसके बावजूद सोमवार को सोशल मीडिया पर निजी वाहनों से कोठार से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा को दरकिनार कर निजी वाहनों से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और उदित नारायण इंटर कॉलेज से प्रश्न पत्र और कॉपिया लेकर चपरासी, बाबू और केंद्र व्यवस्थापक खुद लेकर जा रहे हैं। यह डीआईओएस कार्यालय के जिम्मेदारों की ओर से परीक्षा शुरू होने से पहले चूक हुई और प्रश्न पत्रों की गोपनीयता पर सवाल खड़ा हो गए हैं। पिछले साल संकलन केंद्र पर पहुंच रही कापियों के बंडल गिरने, इस साल 700 परीक्षार्थियों के परीक्षा दिलाने में संशय के बाद विभाग की यह सबसे कठिन परीक्षा रहेगी। बता दें कि पिछले साल जनता इंटर कॉलेज सोहसा मठिया से संकलन केंद्र बुद्ध इंटर कॉलेज ले जाते समय बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं रास्ते में ही गिर गई थीं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर सोमवार तक प्रश्न पत्र और कॉपी पहुंच चुकी है।
- परीक्षा केंद्रों पर बंद गाड़ी और अभिरक्षा में पेपर भेजने का नियम है। इसका पालन किया गया है। बोर्ड परीक्षा की सुचिता बनाए रखते हुए नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से जारी सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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- श्रवण कुमार गुप्ता, डीआईओएस, कुशीनगर।
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शहर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज से प्रश्न पत्र और उदित नारायण इंटर कॉलेज को कोठार बनाया गया था। यहां से परीक्षा केंद्रों पर चपरासी, बाबू और केंद्र व्यवस्थापक खुद आकर पेपर और कॉपी ले गए, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक होगी। राज्य सरकार ने परीक्षा केंद्रों और अन्य सभी गतिविधियों की सुरक्षा को पहले से अधिक सख्ती का निर्देश दिया है। लेकिन कुशीनगर में सब बेमतलब दिखाई दे रहा है। परीक्षा को शुचिता के साथ संपन्न करवाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग, मजिस्ट्रेट निरीक्षण, पुलिस तैनाती और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन की निगरानी शामिल है। विभाग की यह लापरवाही पिछले साल की घटना को ताजा कर रही है, जिसमें कापियां बिना सुरक्षा के साधारण वाहनों से संकलन केंद्र तक जा रही थीं, इसमें लापरवाही के चलते कॉपियां गायब होने के बाद पूरे जिले में भूचाल आ गया था। ऐसे में इस साल परीक्षा को पारदर्शी और शुचिता के साथ कराए जाने के लिए कोई चूक न हो इसके पूरे इंतजाम होने चाहिए, लेकिन प्रारंभिक चरण में फिर सुरक्षा व व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसमें कोठार से कापियां और प्रश्न पत्र उन्हीं गार्ड, चपरासी और अन्य लोगों के माध्यम से केंद्रों तक पहुंच रही है। वहीं, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर कई सुरक्षा स्तर, मजिस्ट्रेट की तैनाती, कड़ी निगरानी और स्ट्रांग रूम जैसी व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है। वास्तव में उत्तर पुस्तिकाओं पर सील, बारकोड और मुहर के साथ कई सुरक्षा चिह्न लगाए जा रहे हैं ताकि नकल या छेड़छाड़ की संभावना कम हो सके। इसके बावजूद सोमवार को सोशल मीडिया पर निजी वाहनों से कोठार से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा को दरकिनार कर निजी वाहनों से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और उदित नारायण इंटर कॉलेज से प्रश्न पत्र और कॉपिया लेकर चपरासी, बाबू और केंद्र व्यवस्थापक खुद लेकर जा रहे हैं। यह डीआईओएस कार्यालय के जिम्मेदारों की ओर से परीक्षा शुरू होने से पहले चूक हुई और प्रश्न पत्रों की गोपनीयता पर सवाल खड़ा हो गए हैं। पिछले साल संकलन केंद्र पर पहुंच रही कापियों के बंडल गिरने, इस साल 700 परीक्षार्थियों के परीक्षा दिलाने में संशय के बाद विभाग की यह सबसे कठिन परीक्षा रहेगी। बता दें कि पिछले साल जनता इंटर कॉलेज सोहसा मठिया से संकलन केंद्र बुद्ध इंटर कॉलेज ले जाते समय बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं रास्ते में ही गिर गई थीं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर सोमवार तक प्रश्न पत्र और कॉपी पहुंच चुकी है।
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- परीक्षा केंद्रों पर बंद गाड़ी और अभिरक्षा में पेपर भेजने का नियम है। इसका पालन किया गया है। बोर्ड परीक्षा की सुचिता बनाए रखते हुए नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से जारी सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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- श्रवण कुमार गुप्ता, डीआईओएस, कुशीनगर।