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Kushinagar News: नरवाजोत बांध के स्लोप का ठोकर 30 मीटर धंसा
Sun, 27 Aug 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:56 PM IST
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गंडक नदी के जलस्तर में आई गिरावट, घटकर 95.37 मीटर पर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद भी इसका दबाव जारी है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक नदी की बाढ़ से बचाने के लिए बने नरवाजोत बंधे का स्लोप रविवार को 30 मीटर तक धंस गया। इससे बंधे पर नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी एक निजी विद्यालय के सामने भी कटान कर रही है। रविवार को गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। यह 95.60 मीटर से घटकर 95.37 मीटर पर आ गया। खड्डा क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली में भी बचाव कार्य जारी है।
ठोकर का स्लोप धंसने से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। नरवाजोत में किलोमीटर 1.700 पर दो साल पहले लगभग साढ़े आठ करोड़ की लागत से बने ठोकर का लगभग 30 मीटर स्लोप रविवार को सुबह धंस गया। इसके अलावा डाउन स्ट्रीम में नदी एक निजी स्कूल के पास कटान करने लगी। इससे गांव के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि कटान रोकने के साथ क्षतिग्रस्त ठोकर की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो बांध के साथ कई गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
गंडक नदी का डिस्चार्ज दो लाख क्यूसेक से अब घटने लगा है, लेकिन नरवाजोत बांध पर अभी भी पानी का भारी दबाव बना हुआ है। गांव के प्रताप सिंह, मुन्ना यादव, पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद, संजय सिंह, पन्नालाल यादव, कैलाश सिंह आदि ने ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ठोकर को सुरक्षित नहीं किया गया तो बांध की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इससे बंधे के साथ दहारी टोला, बूटन टोला, तवकल टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, हनुमान टोला, मुसहरी टोला, भंगी टोला सहित अन्य कई गांवों में भारी तबाही मच सकती है।
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इन लोगों ने बाढ़ खंड से ठोकर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ कटान रोकने का बंदोबस्त कराए जाने की मांग की है। ठोकर धंसने की सूचना पर एसडीओ रमेश यादव, जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील कुमार यादव, जेई रमेशधर दुबे मौके पर पहुंचकर ठोकर धंसने और कटानस्थल का जायजा लिया।
एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि कटान रोकने को लेकर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। पानी घटने पर ठोकर की स्थिति का आकलन कर बचाव कार्य शुरू कराया जाएगा।
गंडक नदी के जलस्तर में आई 37 सेंटीमीटर की गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होकर रविवार को 1,66,000 क्यूसेक पर आ गया। जलस्तर में कमी आई है। यह चेतावनी बिंदु से 37 सेंटीमीटर ऊपर था। शवदाह गृह के पास नदी का रुख कुछ नरम हुआ है। क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली गांव के पास बचाव कार्य चल रहा है।
रविवार को गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सुबह आठ बजे 1,75,000 क्यूसेक था। शाम पांच बजे 1,66,600 क्यूसेक हो गया। इसके सापेक्ष नदी का जलस्तर शाम पांच बजे 95.37 मीटर दर्ज किया गया।
मदनपुर सुकरौली गांव के पास छितौनी तटबंध के (स्पर-ए) के पास बने शवदाह गृह को काटने पर आमादा गंडक नदी की धारा की तीव्रता रविवार कम होने से कटान में कमी आई है। बाढ़ खंड के अभियंता बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। शाम तक बचाव कार्य जारी रहा, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद भी इसका दबाव जारी है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक नदी की बाढ़ से बचाने के लिए बने नरवाजोत बंधे का स्लोप रविवार को 30 मीटर तक धंस गया। इससे बंधे पर नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी एक निजी विद्यालय के सामने भी कटान कर रही है। रविवार को गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। यह 95.60 मीटर से घटकर 95.37 मीटर पर आ गया। खड्डा क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली में भी बचाव कार्य जारी है।
ठोकर का स्लोप धंसने से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। नरवाजोत में किलोमीटर 1.700 पर दो साल पहले लगभग साढ़े आठ करोड़ की लागत से बने ठोकर का लगभग 30 मीटर स्लोप रविवार को सुबह धंस गया। इसके अलावा डाउन स्ट्रीम में नदी एक निजी स्कूल के पास कटान करने लगी। इससे गांव के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि कटान रोकने के साथ क्षतिग्रस्त ठोकर की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो बांध के साथ कई गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
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गंडक नदी का डिस्चार्ज दो लाख क्यूसेक से अब घटने लगा है, लेकिन नरवाजोत बांध पर अभी भी पानी का भारी दबाव बना हुआ है। गांव के प्रताप सिंह, मुन्ना यादव, पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद, संजय सिंह, पन्नालाल यादव, कैलाश सिंह आदि ने ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ठोकर को सुरक्षित नहीं किया गया तो बांध की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इससे बंधे के साथ दहारी टोला, बूटन टोला, तवकल टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, हनुमान टोला, मुसहरी टोला, भंगी टोला सहित अन्य कई गांवों में भारी तबाही मच सकती है।
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इन लोगों ने बाढ़ खंड से ठोकर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ कटान रोकने का बंदोबस्त कराए जाने की मांग की है। ठोकर धंसने की सूचना पर एसडीओ रमेश यादव, जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील कुमार यादव, जेई रमेशधर दुबे मौके पर पहुंचकर ठोकर धंसने और कटानस्थल का जायजा लिया।
एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि कटान रोकने को लेकर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। पानी घटने पर ठोकर की स्थिति का आकलन कर बचाव कार्य शुरू कराया जाएगा।
गंडक नदी के जलस्तर में आई 37 सेंटीमीटर की गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होकर रविवार को 1,66,000 क्यूसेक पर आ गया। जलस्तर में कमी आई है। यह चेतावनी बिंदु से 37 सेंटीमीटर ऊपर था। शवदाह गृह के पास नदी का रुख कुछ नरम हुआ है। क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली गांव के पास बचाव कार्य चल रहा है।
रविवार को गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सुबह आठ बजे 1,75,000 क्यूसेक था। शाम पांच बजे 1,66,600 क्यूसेक हो गया। इसके सापेक्ष नदी का जलस्तर शाम पांच बजे 95.37 मीटर दर्ज किया गया।
मदनपुर सुकरौली गांव के पास छितौनी तटबंध के (स्पर-ए) के पास बने शवदाह गृह को काटने पर आमादा गंडक नदी की धारा की तीव्रता रविवार कम होने से कटान में कमी आई है। बाढ़ खंड के अभियंता बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। शाम तक बचाव कार्य जारी रहा, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।