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Kushinagar News: नायब तहसीलदार कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर खतौनी में दर्ज करा लिया नाम

Tue, 25 Jun 2024 05:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 25 Jun 2024 05:44 AM IST
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Name registered in Khatauni by making fake order of Naib Tehsildar Court
पडरौना। नायब तहसीलदार कोर्ट के फर्जी आदेश से खतौनी में नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है। एसडीएम तक शिकायत पहुंचने पर खतौनी में खाताधारकों का नाम दर्ज कर मामले को मैनेज करने में जुट गए हैं। एसडीएम ने दोषियों पर अभियोग दर्ज कराने के लिए नायब तहसीलदार को आदेश दिया है। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो तो कई जिम्मेदार कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। लेकिन, जिम्मेदार शिकायत वापस लेने के लिए शिकायकर्ता पर दबाव डाल रहे हैं
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हाटा तहसील के महुआरी निवासी जयनाथ बनाम श्यामलाल का मुकदमा नायब तहसीलदार कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने श्यामलाल के पक्ष में आदेश पारित करते हुए जमीन पर अभय, खुशबू, नेहा, ममता देवी, संत प्रसाद विश्वकर्मा का नाम चढ़ाने का आदेश दिया। इस आदेश पर खतौनी में इन लोगों का नाम दर्ज हो गया। मौके पर राजस्व विभाग की टीम कब्जा दिलाने पहुंची तो जयनाथ पक्ष के लोगों ने राजस्व टीम को खतौनी दिखाई, जिसमें 20 जून 2024 के नायब तहसीलदार के आदेश के आधार पर इनके पक्ष के लोगों का नाम खतौनी में दर्ज था। टीम मौके से लौट गई।
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ममता देवी ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कहा कि तहसील के कुछ जिम्मेदारों और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से नायब तहसीलदार कोर्ट के फर्जी आदेश के आधार पर खतौनी में हेराफेरी की गई है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को दोषियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के लिए आदेश दिया। इसके बाद खतौनी में 21 जून 2024 को पुन: श्यामलाल पक्ष के लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया। तहसील प्रशासन के रिकाॅर्ड में भी 19 जून 2024 तक श्यामलाल पक्ष के लोगों का नाम खतौनी में दिखा रहा है। सिर्फ एक दिन के लिए कैसे मुकदमा हारने वाले पक्ष का नाम खतौनी में दर्ज हुआ, इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के बजाए जिम्मेदार मामले को दबाने में जुटे हैं। एसडीएम प्रभाकर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। नायब तहसीलदार को जांच कर फर्जीवाड़ा करने वालों पर अभियोग दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।
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