{"_id":"5aaabc8d4f1c1bb6758b59a6","slug":"mud-gauge-and-river-mapping-on-other-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी बालू घाट और नदी की मैपिंग हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी बालू घाट और नदी की मैपिंग हुई
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
दूसरे दिन भी बालू घाट और नदी की मैपिंग हुई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमकुहीरोड(कुशीनगर)। गंडक नदी के एपी बांध की सुरक्षा और बालू खनन के लिए हुए पट्टों की जांच करने आई टीम ने दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी ड्रोन कैमरों व अन्य उपकरणों के जरिए नदी, तटबंध, बालू खनन स्थल, पानी के बहाव आदि से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके साथ ही टीम में शामिल लोगों ने क्षेत्र में बालू खनन क्षेत्र आदि की मैपिंग भी की।
बुधवार को विकास प्रशिक्षण केंद्र गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक योगेंद्र पांडेय की देखरेख में एक टीम विरवट कोन्हवलिया पहुंची थी। टीम ने ड्रोन कैमरे से इसका सर्वे कराया। बृहस्पतिवार को भी इस टीम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ विरावट कोन्हवलिया पहुंचकर नदी के बहाव, बालू घाट व एपी बंधे की स्थिति और बाढ़ से पूर्व बांध को बचाने की तैयारियों के मद्देनजर होने वाले कार्यों की जानकारी ली।इस दौरान बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई नवीन कुमार शुक्ल, जेई राकेश कुमार सहित विरेश्वर सिंह, खोभारी गुप्ता, हरिहर निषाद, रघुनाथ मुखिया, तुफानी यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुधवार को विकास प्रशिक्षण केंद्र गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक योगेंद्र पांडेय की देखरेख में एक टीम विरवट कोन्हवलिया पहुंची थी। टीम ने ड्रोन कैमरे से इसका सर्वे कराया। बृहस्पतिवार को भी इस टीम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ विरावट कोन्हवलिया पहुंचकर नदी के बहाव, बालू घाट व एपी बंधे की स्थिति और बाढ़ से पूर्व बांध को बचाने की तैयारियों के मद्देनजर होने वाले कार्यों की जानकारी ली।इस दौरान बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई नवीन कुमार शुक्ल, जेई राकेश कुमार सहित विरेश्वर सिंह, खोभारी गुप्ता, हरिहर निषाद, रघुनाथ मुखिया, तुफानी यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन