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Kushinagar News: निजी अस्पताल संचालक की लापरवाही से प्रसूता की मौत
Wed, 12 Jun 2024 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 12 Jun 2024 01:12 AM IST
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- तुर्कहा पीएचसी से बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल लेकर चले गए दलाल
-हालत बिगड़ने पर किया मेडिकल कॉलेज रेफर, रास्ते में हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। प्रसव पीड़ा होने पर तुर्कहा पीएचसी में गर्भवती महिला को लेकर घर वाले पहुंचे। स्टाफ नर्स ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर ले जाने की बात कही। इससे परिजन घबरा गए। वहां मौजूद दलाल बेहतर इलाज की बात कहकर चंगुल में फंसा लिए और कस्बे के एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला को लेकर चले गए, जहां मरा हुआ बच्चा पैदा कराने के बाद प्रसूता की और हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में वहां से डॉक्टर ने पडरौना शहर के छावनी के एक निजी अस्पताल में भेज दिया। आरोप है कि 12 घंटे गर्भवती महिला को रखने के बाद मेडिकल कॉलेज संचालक ने रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पीड़ित ने डीएम और आईजीआरएस पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
खडडा कस्बे के वार्ड नंबर पांच निवासी कांति देवी की बेटी सोनी का विवाह तमकुही रोड निवासी उमेश मद्धेशिया के साथ हुआ था। वह गर्भवती थी। कुछ दिन पहले खड्डा अपने मायके आई थी। चार जून को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर घरवाले तुर्कहा सीएचसी पर लेकर पहुंचे। घरवालों के अनुसार वहां स्टाफ नर्स गलत तरीके से प्रसव कराने की कोशिश की तो गर्भवती की तबीयत बिगड़ गई। नर्स ने कहीं और ले जाने को कहा। नर्स के पास मौजूद दो दलाल कस्बे के एक निजी अस्पताल का नाम लिए और बेहतर उपचार का झांसा देकर गर्भवती महिला को वहां लेकर चले गए, जहां 35 हजार रुपये का डिमांड अस्पताल संचालक ने किया।
परिजनों ने किसी तरह 15 हजार रुपये जमा किए, इसके बाद दलाल किसी महिला को बुलाए और बताया कि यह अच्छी डॉक्टर हैं। महिला डॉक्टर ने मृत हालत में नवजात को बच्चेदानी से बाहर निकाला। इसके बाद प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। निजी एंबुलेंस से दोनों दलाल पडरौना के छावनी में एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां 50 हजार रुपये जमा कराने की बात कहा गया। लेकिन कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। 12 घंटे रोकने के बाद निजी अस्पताल का फार्मासिस्ट गोरखपुर मेडिकल कॉलेज जाने की बात कही। मेडिकल कॉलेज लेकर जाते समय प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की मां ने मुख्यमंत्री पोर्टल और डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराता हूं। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-हालत बिगड़ने पर किया मेडिकल कॉलेज रेफर, रास्ते में हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। प्रसव पीड़ा होने पर तुर्कहा पीएचसी में गर्भवती महिला को लेकर घर वाले पहुंचे। स्टाफ नर्स ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर ले जाने की बात कही। इससे परिजन घबरा गए। वहां मौजूद दलाल बेहतर इलाज की बात कहकर चंगुल में फंसा लिए और कस्बे के एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला को लेकर चले गए, जहां मरा हुआ बच्चा पैदा कराने के बाद प्रसूता की और हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में वहां से डॉक्टर ने पडरौना शहर के छावनी के एक निजी अस्पताल में भेज दिया। आरोप है कि 12 घंटे गर्भवती महिला को रखने के बाद मेडिकल कॉलेज संचालक ने रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पीड़ित ने डीएम और आईजीआरएस पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
खडडा कस्बे के वार्ड नंबर पांच निवासी कांति देवी की बेटी सोनी का विवाह तमकुही रोड निवासी उमेश मद्धेशिया के साथ हुआ था। वह गर्भवती थी। कुछ दिन पहले खड्डा अपने मायके आई थी। चार जून को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर घरवाले तुर्कहा सीएचसी पर लेकर पहुंचे। घरवालों के अनुसार वहां स्टाफ नर्स गलत तरीके से प्रसव कराने की कोशिश की तो गर्भवती की तबीयत बिगड़ गई। नर्स ने कहीं और ले जाने को कहा। नर्स के पास मौजूद दो दलाल कस्बे के एक निजी अस्पताल का नाम लिए और बेहतर उपचार का झांसा देकर गर्भवती महिला को वहां लेकर चले गए, जहां 35 हजार रुपये का डिमांड अस्पताल संचालक ने किया।
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परिजनों ने किसी तरह 15 हजार रुपये जमा किए, इसके बाद दलाल किसी महिला को बुलाए और बताया कि यह अच्छी डॉक्टर हैं। महिला डॉक्टर ने मृत हालत में नवजात को बच्चेदानी से बाहर निकाला। इसके बाद प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। निजी एंबुलेंस से दोनों दलाल पडरौना के छावनी में एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां 50 हजार रुपये जमा कराने की बात कहा गया। लेकिन कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। 12 घंटे रोकने के बाद निजी अस्पताल का फार्मासिस्ट गोरखपुर मेडिकल कॉलेज जाने की बात कही। मेडिकल कॉलेज लेकर जाते समय प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की मां ने मुख्यमंत्री पोर्टल और डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराता हूं। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।