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दूसरे दिन भी छोटी गंडक में हुई मां-बेटे की तलाश, नहीं चला पता
कप्तानगंज (कुशीनगर)। छोटी गंडक नदी के कप्तानगंज स्थित रामजानकी घाट के पुल से शुक्रवार की रात अपने एक बेटे के साथ नदी में कूदने वाली महिला की तलाश शनिवार को भी होती रही, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। उसके बड़े बेटे ने बताया कि उसे भी नदी में फेंकने वाली थी, लेकिन वह दूर भाग गया। महिला का पति शिमला में मजदूरी करता है। उसके आने पर ही घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे एक महिला अपने सात साल के बेटे को लेकर छोटी गंडक नदी में कूद गई थी। शनिवार को भी पुलिस नाव के सहारे उसकी खोजबीन करती रही, लेकिन मां-बेटे का पता नहीं चला। उसके झोले में मिले आधारकार्ड से उसके बारे में पता चला। पुलिस का कहना है कि महराजगंज जनपद के ग्रामसभा बड़हरा महंत थाना कोठीभार की रहने वाली 33 वर्षीय मनीषा पत्नी मोहन केवट अपने सात वर्षीय बेटे नीरज और आठ वर्षीय धीरज के साथ नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के क्रांति चौराहा आ रही थी। कप्तानगंज स्थित रामजानकी घाट स्थित छोटी गंडक नदी में पुल से नीरज को लेकर छलांग लगा दी।
कप्तानगंज थाने के एसओ गोपाल पांडेय ने बताया कि धीरज के बताने के अनुसार मनीषा ने पहले नीरज को नदी में फेंका और उसके बाद धीरज को भी फेंकने की कोशिश की। इस पर वह चिल्लाते हुए कुछ दूर भागकर जान बचाया, तब तक मनीषा ने भी नदी में छलांग लगा दी। मनीषा और नीरज की तलाश अभी भी हो रही है। उसका पति मोहन शिमला में मजदूरी करता है। उसके आने के बाद ही घटना के बारे में जानकारी होगी।
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कप्तानगंज (कुशीनगर)। छोटी गंडक नदी के कप्तानगंज स्थित रामजानकी घाट के पुल से शुक्रवार की रात अपने एक बेटे के साथ नदी में कूदने वाली महिला की तलाश शनिवार को भी होती रही, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। उसके बड़े बेटे ने बताया कि उसे भी नदी में फेंकने वाली थी, लेकिन वह दूर भाग गया। महिला का पति शिमला में मजदूरी करता है। उसके आने पर ही घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे एक महिला अपने सात साल के बेटे को लेकर छोटी गंडक नदी में कूद गई थी। शनिवार को भी पुलिस नाव के सहारे उसकी खोजबीन करती रही, लेकिन मां-बेटे का पता नहीं चला। उसके झोले में मिले आधारकार्ड से उसके बारे में पता चला। पुलिस का कहना है कि महराजगंज जनपद के ग्रामसभा बड़हरा महंत थाना कोठीभार की रहने वाली 33 वर्षीय मनीषा पत्नी मोहन केवट अपने सात वर्षीय बेटे नीरज और आठ वर्षीय धीरज के साथ नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के क्रांति चौराहा आ रही थी। कप्तानगंज स्थित रामजानकी घाट स्थित छोटी गंडक नदी में पुल से नीरज को लेकर छलांग लगा दी।
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कप्तानगंज थाने के एसओ गोपाल पांडेय ने बताया कि धीरज के बताने के अनुसार मनीषा ने पहले नीरज को नदी में फेंका और उसके बाद धीरज को भी फेंकने की कोशिश की। इस पर वह चिल्लाते हुए कुछ दूर भागकर जान बचाया, तब तक मनीषा ने भी नदी में छलांग लगा दी। मनीषा और नीरज की तलाश अभी भी हो रही है। उसका पति मोहन शिमला में मजदूरी करता है। उसके आने के बाद ही घटना के बारे में जानकारी होगी।
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