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श्रमिक कानूनों के विरोध में कई संगठनों की हड़ताल

Thu, 26 Nov 2020 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 11:33 PM IST
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Many organizations strike in protest against labor laws
श्रमिक कानूनों के विरोध में कई संगठनों की हड़ताल
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पडरौना। श्रमिक कानूनों के विरोध में दवा विक्रेता संघ, कॉमरेड सहित विभिन्न संगठनों के लोग बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहे। इन लोगों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इसके बाद अफसरों को ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन से जुड़े दवा विक्रेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को अपनी मांगों के समर्थन में शहर में प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष शंभू मिश्रा की अगुवाई में दवा विक्रेताओं ने कहा कि उनका संगठन सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल पर है। इस संगठन के साथ सभी ट्रेड यूनियन भी श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इस हड़ताल और प्रदर्शन में संगठन के सचिव आशुतोष पांडेय, उपाध्यक्ष मृत्युंजय राय, प्रशांत मिश्रा, वरिष्ठ सदस्य रोशन श्रीवास्तव, विनय पांडेय, सुशील जायसवाल, मनीष पाठक, सलमान, मेराज, मृत्युंजय पांडेय, अमित राय, सुनील गुप्ता, राजीव सिंह, अंगद यादव, तरुण अग्रवाल, अजय पांडेय सहित अन्य लोग शामिल थे।
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गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंपलाइज यूनियन के बैनर तले एलआईसी अभिकर्ताओं ने भी बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। ये लोग सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, श्रम कानूनों में श्रमिक हितों के खिलाफ बदलाव, किसान विरोधी कृषि बिल के विरुद्घ इस संगठन के लोग हड़ताल पर रहे। एलआईसी पडरौना के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने भी श्रम कानून में बदलाव का विरोध करते हुए हड़ताल में भागीदारी की। इनमें अरविंद शर्मा, सुधीर कुमार वर्मा, दिनेश सिंह, राजेश मिश्र, जगदीश सिंह, विजय शर्मा, बीके प्रसाद, सुभाष प्रसाद, कौशर अली, राजेश मिश्र सहित अन्य लोग शामिल थे।
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केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला मंत्री कामरेड मोहन प्रसाद गौंड़ के नेतृत्व में लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन एडीएम विंध्यवासिनी राय को सौंपा। इन लोगों ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सर्वव्यापी सामाजिक सुरक्षा कानून बनाए जाने, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष बनाए जाने आदि की मांग की। भाकपा के जिला मंत्री ने सरकार पर मजदूर व किसान विरोधी होने का आरोप लगाया और सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का आह्वान करते हुए राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान कामरेड इस्लाम अंसारी, ब्रजेश कुमार गोंड, राम प्रसाद गोंड, बंगाली प्रसाद, हरिशंकर यादव, जोगिंदर पांडेय, अजहरुद्दीन अंसारी, प्रदीप यादव, ताजुद्दीन अंसारी, मुर्तजा अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

सेवरही प्रतिनिधि के अनुसार इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के कार्यकर्ताओं ने श्रम कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके प्रदेश सचिव प्रेमशंकर सिंह ने कहा कि देश की सरकार धीरे-धीरे पूंजीपतियों की पक्षधर है। वह मजदूर हितों पर कुठाराघात कर रही है। श्रम कानून के प्रावधानों में सरकार ने संशोधन कर श्रमिक हितों के साथ नाइंसाफी की है। इसे हर हाल में वापस लिया जाए, अन्यथा मजदूर संगठन बाध्य होकर आर-पार का संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संजय कुमार राय, रमायन उपाध्याय, गोविंद बिंद, मनोज सिंह, चंद्रभान राय, मुहम्मद आलम, अलीहसन अंसारी, राजेंद्र मिश्रा, अरुन श्रीवास्तव, विभूति प्रसाद सहित अनेक मजदूर संगठनों के लोग शामिल थे।
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