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एक करोड़ 49 लाख से बनी चहारदीवारी, अभी नौ करोड़ की दरकार
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पडरौना के सोहरौना में निर्माणाधीन मंडी समिति की चहारदीवारी और परिसर में भरा पानी। संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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एक करोड़ 49 लाख से बनी चहारदीवारी, अभी नौ करोड़ की दरकार
- पडरौना क्षेत्र के सोहरौना गांव में हो रहा मंडी समिति का निर्माण
- दुकानों के निर्माण के लिए एक माह पहले शासन को भेजा गया है प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुशीनगर को जनपद बने 28 साल हो गए, लेकिन जनपद मुख्यालय पर अब तक मंडी समिति वजूद में नहीं आ सकी है। दस वर्षों के निरंतर प्रयास के बाद पडरौना-कसया मार्ग पर सोहरौना में जमीन अधिग्रहित करने के बाद लगभग तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन लगभग 1.49 करोड़ रुपये खर्च कर इसकी चहारदीवारी का निर्माण ही हो पाया है। अभी इसमें दुकानों के निर्माण के लिए लगभग नौ करोड़ रुपये की दरकार है। कार्यदायी संस्था की तरफ से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। धन आवंटित होने के बाद निर्माण आगे बढ़ेगा।
पडरौना की मंडी समिति के लिए सोहरौना में एनएच-28बी के किनारे लगभग सात हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। चहारदीवारी बन चुकी है, लेकिन उससे आगे का निर्माण बजट के अभाव में नहीं बढ़ पा रहा है। ऐसे में मंडी वर्षों से बेलवा चुंगी चौराहे पर सड़क पर लगती है।
जंगल बेलवा, जंगल अमवा, कुरमौल, खिरकिया, बकुलहां गायघाट, नाहरछपरा, सिधुआं, भरवलिया, भटवलिया, सेवक छपरा, केवल छपरा आदि दूरदराज से आए व्यापारी जल्दी-जल्दी अपना सामान बेचकर निकलने के प्रयास में रहते हैं। सब्जियों के भंडारण की व्यवस्था अथवा स्थायी मंडी नहीं होने से न केवल व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि शहर के बीच में मंडी की वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कोट
चहारदीवारी के लिए 1.49 करोड़ रुपये मिला था, जिससे चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। इसके बाद वहां दुकानें बनाई जानी हैं। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। धन आने पर दुकानों का निर्माण शुरू होगा।
- नैनतारा सिंह, प्रभारी सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति
मंडी समिति को बनाने के लिए साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। शेष कार्य के लिए प्रस्ताव बनाकर एक माह पहले शासन को भेज दिया गया है। धन मिलते ही दुकानों का निर्माण भी शुरू कराया जाएगा। इसकी कार्यदायी संस्था मंडी परिषद है।
- हरेंद्र कुमार सिंह, जेई, मंडी परिषद
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- पडरौना क्षेत्र के सोहरौना गांव में हो रहा मंडी समिति का निर्माण
- दुकानों के निर्माण के लिए एक माह पहले शासन को भेजा गया है प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुशीनगर को जनपद बने 28 साल हो गए, लेकिन जनपद मुख्यालय पर अब तक मंडी समिति वजूद में नहीं आ सकी है। दस वर्षों के निरंतर प्रयास के बाद पडरौना-कसया मार्ग पर सोहरौना में जमीन अधिग्रहित करने के बाद लगभग तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन लगभग 1.49 करोड़ रुपये खर्च कर इसकी चहारदीवारी का निर्माण ही हो पाया है। अभी इसमें दुकानों के निर्माण के लिए लगभग नौ करोड़ रुपये की दरकार है। कार्यदायी संस्था की तरफ से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। धन आवंटित होने के बाद निर्माण आगे बढ़ेगा।
पडरौना की मंडी समिति के लिए सोहरौना में एनएच-28बी के किनारे लगभग सात हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। चहारदीवारी बन चुकी है, लेकिन उससे आगे का निर्माण बजट के अभाव में नहीं बढ़ पा रहा है। ऐसे में मंडी वर्षों से बेलवा चुंगी चौराहे पर सड़क पर लगती है।
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जंगल बेलवा, जंगल अमवा, कुरमौल, खिरकिया, बकुलहां गायघाट, नाहरछपरा, सिधुआं, भरवलिया, भटवलिया, सेवक छपरा, केवल छपरा आदि दूरदराज से आए व्यापारी जल्दी-जल्दी अपना सामान बेचकर निकलने के प्रयास में रहते हैं। सब्जियों के भंडारण की व्यवस्था अथवा स्थायी मंडी नहीं होने से न केवल व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि शहर के बीच में मंडी की वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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चहारदीवारी के लिए 1.49 करोड़ रुपये मिला था, जिससे चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। इसके बाद वहां दुकानें बनाई जानी हैं। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। धन आने पर दुकानों का निर्माण शुरू होगा।
- नैनतारा सिंह, प्रभारी सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति
मंडी समिति को बनाने के लिए साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। चहारदीवारी का निर्माण करा दिया गया है। शेष कार्य के लिए प्रस्ताव बनाकर एक माह पहले शासन को भेज दिया गया है। धन मिलते ही दुकानों का निर्माण भी शुरू कराया जाएगा। इसकी कार्यदायी संस्था मंडी परिषद है।
- हरेंद्र कुमार सिंह, जेई, मंडी परिषद