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Kushinagar News: ठगी के नए तरीके इजाद कर लोगों को बना रहे कंगाल

Tue, 18 Feb 2025 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 18 Feb 2025 12:05 AM IST
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Making people poor by inventing new ways of cheating
गुरवलिया बाजार। इक्कीसवीं सदी डिजिटल तौर पर खूब आगे बढ़ा। बदलते युग के साथ ठगों ने भी ठगी के तौर तरीके डिजिटल बना लिया। इंटरनेट पर मौजूद नए-नए तरीकों को सीखने के साथ ही डीलिंग भी अब ठग डिजिटल (सोशल मीडिया) माध्यम में करने लगे हैं।
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इंटरनेट पर मौजूद ठगी के तरीकाें का निचोड़ निकालकर जालसाज नए तरीकों को इजाद कर रहे हैं और लोगों को चूना लगाकर कंगाल कर रहे हैं। अब जिले में चोरी के मोबाइल नंबर के फोन पे अकाउंट, समूह में लोन दिलाने के नाम पर ठगी के साथ फेक लिंक भेजकर, रिश्तेदार बताकर, विदेश भेजने के नाम पर, कैशबैक ऑफर के नाम पर ठगी की जा रही है। इतना ही नहीं सरकारी पदों पर सलेक्शन के नाम पर जालसाज लोगों को चूना लगा रहे हैं।
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पुलिस ने साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह का शुक्रवार को पर्दाफाश किया, जिसमें ठगी के हैरान करने वाले तरीके के साथ ठगों के डिजिटल दौर में इंटरनेट पर निर्भरता भी उजागर हुई। सूत्रों के अनुसार उक्त ठगों ने ठगी को अंजाम देने के लिए अमेरिकन यूनिवर्सिटी के एक शोध का अध्ययन किया था। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि साइबर ठगों के सीखने का तौर तरीका इंटरनेट पर ही निर्भर करता है। जो यू-ट्यूब और गूगल पर पड़ी विभिन्न ठगी से जुड़े पोस्ट का अध्ययन कर उसका निचोड़ निकालते हैं और फिर ठगी को अंजाम देते हैं।झारखंड,बिहार और छत्तीसगढ़ के साइबर ठगों का जिले में सक्रियता भी रही है, इसके अलावा वहां बैठे ठग की इंटरनेट के सहारे से ही ठगी के लिए डीलिंग करते हैं।
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कुछ माह पूर्व कुशीनगर गोपालगंज सीमा से अंतरराज्यीय साइबर ठगों का गिरोह भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था, जहां तस्करी के अलग-अलग तरीकों को लेकर खुलासे हुए थे। बिहार प्रांत से जिला सटे होने के कारण यहां अपराधियों की धमक खूब सुनाई देती है। पूर्वांचल सहित बिहार, बंगाल और झारखंड से साइबर गैंग के सरगना कुशीनगर जिले और आसपास के सीमावर्ती इलाके में बैठकर यहां के लोगों के साथ फ्रॉड करते हैं। कभी कुशीनगर और बिहार सीमा पर पुलिस सिमकार्ड बरामद कर अवैध लेनदेन का खुलासा करती है, जिसका कनेक्शन बंगाल से जुड़ा रहता है तो कभी साइबर अपराधी का कनेक्शन झारखंड से मिलता है।
तीन दिन पूर्व पुलिस ने रामकोला में हुई ऑनलाइन ठगी की जांच करते हुए नए तरीके के ठगी का खुलासा किया तो इस तरीके ने सबको हैरान कर दिया। पता चला कि ऐसे मोबाइल नंबर जो लोगों के बैंक खाते में लिंक रहता है और बाद में किसी कारण बंद हो जाता है। उसे चालू कराकर उस नंबर से फोन पे अकाउंट बनाकर पैसों की हेराफेरी करते थे। सूत्रों के अनुसार यह साइबर ठगी के तौर तरीकों को सीखने के लिए इंटरनेट पर सर्च के मदद से वीडियो देखने के लिए यू-ट्यूब और विभिन्न रिसर्च के अध्ययन के लिए गूगल की मदद लेते हैं।
तमकुहीराज सीओ अमित सक्सेना ने बताया कि युवा मोबाइल पर अधिक समय दे रहे हैं। इसका सदुपयोग करने के बजाए दुरुपयोग कर कर रहे हैं। माता-पिता को को भी युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। बाकी इस अपराध में जुड़े युवाओं पर पुलिस की नजर है।

यूपी बिहार सीमा पर हाथ लगे थे अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधीः 5 अप्रैल 2024 को बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना पुलिस को यूपी बिहार सीमा पर स्थित बलथरी चेकपोस्ट से पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी कार में सवार थे। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल के 8,774 सिम कार्ड और नेपाली करेंसी जब्त की गई थी।इस अपराध में बंगाल नंबर की कार बरामद हुई थी, वहीं सिम कार्ड दिल्ली से खरीद कर नेपाल लेकर जा रहे थे। संवाद
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