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Kushinagar News: तरकुलवा में लंपी वायरस का कहर दो गायों की मौत, कई संक्रमित
Wed, 01 Oct 2025 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:20 AM IST
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तरकुलवा। लंपी वायरस ने पशुपालकों की नींद उड़ा दी है। इस वायरस की चपेट में आने से मंगलवार की सुबह दो गायों की मौत हो गई। इसके अलावा कई गांवों के पशु इसकी चपेट में हैं। लंपी वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। विकास खंड के गांवों में लंपी वायरस के संक्रमण ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह नगर पंचायत के ग्राम जमुनी निवासी अशोक गुप्ता की एक गाय इस वायरस के संक्रमण के चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं विकास खंड के ग्राम मठिया रत्ती के स्वामीनाथ शर्मा की एक गाय मर गई।
क्षेत्र के नरहरपट्टी, सरैनी, हरैया, खरहरिया, मठिया महावल, भरौटा, नारायणपुर, सोहनरिया, कनकपुरा, जलुआ, पठखौली, गढ़रामपुर, पहाड़पुर, बसंतपुर, महुआपाटन, सिरसिया गोठा, हनुमानगंज, कोन्हवलिया भरतराय, कोन्हवलिया बाबूराय, मुंडेरा बाबू, परासखाड़, बरवा सेमरा आदि गांवों में बड़ी संख्या में पशु लंपी वायरस के संक्रमण की चपेट में हैं।
पशुपालकों ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण से पशुओं के शरीर पर बड़ी बड़ी गांठें बन गई हैं और बीमार गायों को बुखार भी आ रहा है। इससे बचाव के लिए पशुओं को होमियोपैथिक दवाओं के साथ देसी दवाइयां भी दी जा रही हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. आलोक राठौर ने बताया कि सभी गांवों में लंपी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है।
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कुछ पशुपालक झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं, जो पशुओं को हाई एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगा रहे हैं। इससे पशुओं की बीमारी और बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं को पानी में नीम का पत्ता, एलोवेरा, तुलसी पत्ता, कपूर और हल्दी आदि मिलाकर उबाल कर उस पानी से धुलाई करने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है।
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क्षेत्र के नरहरपट्टी, सरैनी, हरैया, खरहरिया, मठिया महावल, भरौटा, नारायणपुर, सोहनरिया, कनकपुरा, जलुआ, पठखौली, गढ़रामपुर, पहाड़पुर, बसंतपुर, महुआपाटन, सिरसिया गोठा, हनुमानगंज, कोन्हवलिया भरतराय, कोन्हवलिया बाबूराय, मुंडेरा बाबू, परासखाड़, बरवा सेमरा आदि गांवों में बड़ी संख्या में पशु लंपी वायरस के संक्रमण की चपेट में हैं।
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पशुपालकों ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण से पशुओं के शरीर पर बड़ी बड़ी गांठें बन गई हैं और बीमार गायों को बुखार भी आ रहा है। इससे बचाव के लिए पशुओं को होमियोपैथिक दवाओं के साथ देसी दवाइयां भी दी जा रही हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. आलोक राठौर ने बताया कि सभी गांवों में लंपी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है।
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कुछ पशुपालक झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं, जो पशुओं को हाई एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगा रहे हैं। इससे पशुओं की बीमारी और बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं को पानी में नीम का पत्ता, एलोवेरा, तुलसी पत्ता, कपूर और हल्दी आदि मिलाकर उबाल कर उस पानी से धुलाई करने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है।