सीताराम चौराहा। क्षेत्र के बरवा राजापाकड़ गांव के टोला सपही बरवा में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा वाचक पंडित विनय राघव दास ने कहा कि ईश्वर से प्रेम बनाए रखना मानव जीवन का धर्म है। उन्होंने भगवान सुकदेव के अवतरण, व्यास-नारस संवाद और राजा परीक्षित की कथा सुनाई।
कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीव, जगत और माया की वास्तविक पहचान कराता है। कथा से परमात्मा तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन का मकसद कर्म के साथ ईश्वर का निरंतर स्मरण करते रहना है। कथा मनुष्य के लिए आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त करती है। कथा में संवाद व प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की गूढ़ रहस्य बताए। इसके पहले व्यासपीठ की आरती उतारी गई। कथा में इंजीनियर जयनाथ पांडेय, शकुंतला देवी, डॉ. रंजीत पांडेय, शिक्षिका अंजली मिश्रा आदि मौजूद रहीं। संवाद