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Kushinagar News: साइकिल की मरम्मत का बहाना था, कहीं घूमने जाना था
Wed, 28 Jun 2023 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 28 Jun 2023 11:42 PM IST
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खोटही में अपनी मां और दादी के साथ घर पर मौजूद गायब बच्चे।संवाद
घर से भागे तीनों बालकों को पुलिस ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़कर घरवालों को सौंपा
फोटो है।
तीनों बालकों को 24 घंटे के भीतर बरामद कर पुलिस ने परिजनों को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खोटही गांव से सोमवार को साइकिल बनवाने के बहाने घर से भागे तीनों बालकों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। उन्हें पुलिस थाने ले आई और पूछताछ कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने घूमने की नीयत से घर से भागने की बात बताई है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खोटही निवासी संजय कुशवाहा का 11 वर्षीय बेटा आदित्य, अवध विहारी का 11 वर्षीय पुत्र आशीष और रामायण यादव का 10 वर्षीय पुत्र सन्नी सोमवार की सुबह घर से निकले थे। आदित्य कुशवाहा की साइकिल की मरम्मत कराने का बहाना बनाए थे। सोमवार की देर रात तक उनके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने नेबुआ नौरंगिया पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई। पुलिस बच्चों की तलाश के लिए चार टीमें बनाकर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा समेत सार्वजनिक स्थानों पर तलाश करने के अलावा पोस्टर चिपकाने लगी। इस दौरान परिजनों के पास फोन आया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम लोग वापस आ रहे हैं। कप्तानगंज में परिजनों के साथ एसएसआई निरंजन राय गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। बच्चों को थाने लाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि साइकिल बनवाने के बाद कहीं खड़ी कर खेलने लगे। इसी बीच साइकिल चोरी हो गई। साइकिल चोरी होने के बाद परिजनों के डर से घर छोड़कर पडरौना चले गए। वहां से ट्रेन पकड़ गोरखपुर पहुंच गए, उसके बाद गोरखपुर से दूसरी ट्रेन पकड़ ली। ट्रेन में माैजूद लोगों ने बताया कि यह ट्रेन पंजाब जा रही है। उसके बाद उस ट्रेन से लखनऊ में उतर कर फिर गोरखपुर की ट्रेन पकड़ ली। रास्ते में एक यात्री के फोन से परिजनों को सूचना दी कि हम वापस आ रहे हैं।
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परिजनों ने फोन आने की जानकारी पुलिस को दी। एसआई निरंजन राय ने उस सहयात्री के फोन पर बात कर ट्रेन और समय के बारे में जानकारी ली। सहयात्री ने गोरखपुर-बरौनी एक्सप्रेस में बच्चों के होने की बात बताई थी। पुलिस ने सहयात्री को बच्चों का ध्यान रखने की हिदायत दी थी। एसआई प्रेमचंद सिंह व इंद्रेश चौहान के साथ गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन की प्रतीक्षा करने लगे।
मंगलवार की रात करीब दस बजे ट्रेन गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो ट्रेन से आदित्य, आशीष और सन्नी को लेकर थाने पहुंचे। उनसे पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दिया। थानाध्यक्ष ने साइकिल चोरी की बात को झूठी कहानी बताया है। बच्चों ने घूमने के इरादे से घर छोड़ने की बात कही। फिलहाल, बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने प्रसन्नता जताई है।
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फोटो है।
तीनों बालकों को 24 घंटे के भीतर बरामद कर पुलिस ने परिजनों को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खोटही गांव से सोमवार को साइकिल बनवाने के बहाने घर से भागे तीनों बालकों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। उन्हें पुलिस थाने ले आई और पूछताछ कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने घूमने की नीयत से घर से भागने की बात बताई है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खोटही निवासी संजय कुशवाहा का 11 वर्षीय बेटा आदित्य, अवध विहारी का 11 वर्षीय पुत्र आशीष और रामायण यादव का 10 वर्षीय पुत्र सन्नी सोमवार की सुबह घर से निकले थे। आदित्य कुशवाहा की साइकिल की मरम्मत कराने का बहाना बनाए थे। सोमवार की देर रात तक उनके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने नेबुआ नौरंगिया पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई। पुलिस बच्चों की तलाश के लिए चार टीमें बनाकर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा समेत सार्वजनिक स्थानों पर तलाश करने के अलावा पोस्टर चिपकाने लगी। इस दौरान परिजनों के पास फोन आया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम लोग वापस आ रहे हैं। कप्तानगंज में परिजनों के साथ एसएसआई निरंजन राय गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। बच्चों को थाने लाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि साइकिल बनवाने के बाद कहीं खड़ी कर खेलने लगे। इसी बीच साइकिल चोरी हो गई। साइकिल चोरी होने के बाद परिजनों के डर से घर छोड़कर पडरौना चले गए। वहां से ट्रेन पकड़ गोरखपुर पहुंच गए, उसके बाद गोरखपुर से दूसरी ट्रेन पकड़ ली। ट्रेन में माैजूद लोगों ने बताया कि यह ट्रेन पंजाब जा रही है। उसके बाद उस ट्रेन से लखनऊ में उतर कर फिर गोरखपुर की ट्रेन पकड़ ली। रास्ते में एक यात्री के फोन से परिजनों को सूचना दी कि हम वापस आ रहे हैं।
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परिजनों ने फोन आने की जानकारी पुलिस को दी। एसआई निरंजन राय ने उस सहयात्री के फोन पर बात कर ट्रेन और समय के बारे में जानकारी ली। सहयात्री ने गोरखपुर-बरौनी एक्सप्रेस में बच्चों के होने की बात बताई थी। पुलिस ने सहयात्री को बच्चों का ध्यान रखने की हिदायत दी थी। एसआई प्रेमचंद सिंह व इंद्रेश चौहान के साथ गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन की प्रतीक्षा करने लगे।
मंगलवार की रात करीब दस बजे ट्रेन गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो ट्रेन से आदित्य, आशीष और सन्नी को लेकर थाने पहुंचे। उनसे पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दिया। थानाध्यक्ष ने साइकिल चोरी की बात को झूठी कहानी बताया है। बच्चों ने घूमने के इरादे से घर छोड़ने की बात कही। फिलहाल, बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने प्रसन्नता जताई है।