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Kushinagar News: ऑनलाइन कॉमर्स की मार से स्थानीय दुकानदार परेशान

Sun, 07 Jun 2026 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 07 Jun 2026 01:25 AM IST
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Local shopkeepers distressed by the impact of online commerce.
पडरौना। ऑनलाइन मार्केटिंग ने डिस्काउंट और फ्री डिलीवरी के ऑफर से ग्राहकों को दुकानों से दूर कर दिया है। इससे दुकानदारों का धंधा धीरे-धीरे ठंडा पड़ रहा है। ग्राहक दुकान पर दाम पूछते हैं, फोटो लेते हैं और फिर ऑनलाइन ऑर्डर कर देते हैं। दुकानदारों का कहना है कि किराया, बिजली, कर्मचारी का खर्च उठाने के बाद उस कीमत पर सामान नहीं दे सकते, जिस मूल्य पर ऑनलाइन कंपनियां दे रही हैं।
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मोबाइल पर एक क्लिक और सामान घर तक पहुंचा दे रही है। यही वजह है कि अब लोग बाजार की बजाय ऑनलाइन शॉपिंग को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। ई-कॉमर्स कंपनियां त्योहारों और सीजन में लगातार ऑफर, कैशबैक और नो-कॉस्ट ईएमआई दे रही हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बाजार में मिल रही 10 से 20 प्रतिशत की छूट के साथ रिटर्न की सुविधा ने ग्राहकों को अपनी तरफ खींच लिया है। इसका सीधा असर शहर की दुकानों पर दिख रहा है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते-चप्पल और मोबाइल एक्सेसरीज की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ कम हो गई है।
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कई दुकानदारों ने बताया कि लोग दुकान पर आकर सामान देखते हैं, क्वालिटी चेक करते हैं, साइज पूछते हैं, लेकिन खरीदते ऑनलाइन से हैं। रेडिमेड कपड़ा व्यापारी सुधीर कुमार ने कहा कि ग्राहक 2000 की जींस 1400 में ऑनलाइन लेता है। हम 1800 में भी नहीं दे सकते। ऊपर से जीएसटी, दुकान का किराया और कर्मचारियों का वेतन अलग है। किराना और रोजमर्रा की जरूरत का सामान बेचने वाले भी अब परेशान हैं। फास्ट डिलीवरी वाले एप से 10-15 मिनट में सामान घर पहुंच जा रहा है। ऐसे में छोटा दुकानदार टक्कर नहीं दे पा रहा है। कुछ दुकानदारों ने खुद भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने लगे हैं, पर वहां भी कमीशन और डिलीवरी चार्ज के बाद मुनाफा कम बचता है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सचिन चौरसिया ने बताया कि एक तरफ सरकार वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन व्यापार को प्रश्रय मिलने से स्थानीय व्यापार खराब हो रहा है। लोकल बिजनेस को बचाने के लिए सरकार को कोई नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई ऑनलाइन कंपनियां नुकसान उठाकर भी सस्ता बेच रही हैं, जिससे छोटे व्यापारी प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पा रहे है। कई दुकानदार अब सर्विस, रिपेयर और इंस्टॉलेशन जैसी चीजों पर फोकस कर रहे हैं, जो ऑनलाइन नहीं मिल सकती।
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