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Kushinagar News: ट्राॅला पर क्षमता से अधिक लोडिंग सड़कों पर दाैड़ रहा खतरा
Fri, 14 Feb 2025 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:11 AM IST
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पडरौना। मौत बनकर सड़कों पर ओवरलोड गन्ना लादकर दौड़ रह ट्रैक्टर-ट्रॉला पर रोक लगाना एआरटीओ के लिए चुनौती बन गया है। आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी जिम्मेदार ऐसे ट्राॅलाें पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।
ट्रक से ज्यादा ऊंचाई तक गन्ना लदे ट्रॉले की चपेट में कब राहगीर आ जाए यह कहना मुश्किल है। चालकों की मानें तो ट्राॅला पर लोड अधिक होने के कारण ट्रैक्टर पर नियंत्रण नहीं रहता है, इसलिए यह खतरनाक साबित होते हैं। ट्रैक्टर का ब्रेक भी इतना पॉवरफुल नहीं होता कि वजन से हांप रहे ट्रॉले को जरूरत पड़ने पर रोका जा सके।
करीब एक सप्ताह पूर्व नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में स्कूटी सवार एक महिला को गन्ना लदा ट्राॅला ने कुचल दिया, जबकि इसके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। इसके पूर्व भी गन्ना लदे ट्राॅले से हादसा हो चुके हैं। बावजूद इस पर रोक जिम्मेदार नहीं लगा पा रहे हैं।
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हालांकि, पुलिसकर्मी बीच में अभियान चलाकर गन्ने लदे ट्राॅला वालों को चेेतावनी देते हुए कार्रवाई भी की थी, लेकिन इन दिनों सुस्ती के चलते ट्रकों से अधिक गन्ना लादकर ट्राॅले सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि क्रय केंद्रों से मिल तक गन्ने की ढुलाई के लिए ट्रकों से ज्यादा ट्रॉला लगाए गए हैं। ट्रॉले को खींचता तो ट्रैक्टर है, मगर उस पर वजन ट्रक से ज्यादा लदा होता है। कई ट्रॉलों पर 15 से 20 टन तक गन्ने लदे होते हैं।
इनकी जांच और रोक-टोक करने करने वाला कोई नहीं है। परिवहन विभाग दिखावे के लिए एक-दो दिन जांच कर चुप्पी साथ लेता है।
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ट्रक से ज्यादा ऊंचाई तक गन्ना लदे ट्रॉले की चपेट में कब राहगीर आ जाए यह कहना मुश्किल है। चालकों की मानें तो ट्राॅला पर लोड अधिक होने के कारण ट्रैक्टर पर नियंत्रण नहीं रहता है, इसलिए यह खतरनाक साबित होते हैं। ट्रैक्टर का ब्रेक भी इतना पॉवरफुल नहीं होता कि वजन से हांप रहे ट्रॉले को जरूरत पड़ने पर रोका जा सके।
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करीब एक सप्ताह पूर्व नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में स्कूटी सवार एक महिला को गन्ना लदा ट्राॅला ने कुचल दिया, जबकि इसके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। इसके पूर्व भी गन्ना लदे ट्राॅले से हादसा हो चुके हैं। बावजूद इस पर रोक जिम्मेदार नहीं लगा पा रहे हैं।
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हालांकि, पुलिसकर्मी बीच में अभियान चलाकर गन्ने लदे ट्राॅला वालों को चेेतावनी देते हुए कार्रवाई भी की थी, लेकिन इन दिनों सुस्ती के चलते ट्रकों से अधिक गन्ना लादकर ट्राॅले सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि क्रय केंद्रों से मिल तक गन्ने की ढुलाई के लिए ट्रकों से ज्यादा ट्रॉला लगाए गए हैं। ट्रॉले को खींचता तो ट्रैक्टर है, मगर उस पर वजन ट्रक से ज्यादा लदा होता है। कई ट्रॉलों पर 15 से 20 टन तक गन्ने लदे होते हैं।
इनकी जांच और रोक-टोक करने करने वाला कोई नहीं है। परिवहन विभाग दिखावे के लिए एक-दो दिन जांच कर चुप्पी साथ लेता है।